प्रथम विश्वयुद्ध के पहले यूरोपीय व्यापारिक कंपनियाँ तथा बैंक के किस प्रकार भारतीय उद्योगों के विकास में सहायक थे ?

प्रथम विश्वयुद्ध के पहले यूरोपीय व्यापारिक कंपनियाँ तथा बैंक के किस प्रकार भारतीय उद्योगों के विकास में सहायक थे ? उत्तर ⇒ प्रथम विश्वयुद्ध के पहले तक यूरोप की कंपनियाँ व्यापार में पूँजी लगाती थी। यह प्रबंधकीय एजेंसियों के द्वारा होता था. जो उद्योगों पर नियंत्रण भी रखते थे। इनमें बर्ड हिगलर्स एंड कंपनी, एंडयूल और … Read more

ब्रिटेन में महिला कामगारों ने स्पिनिंग जेनी पर क्यों हमले किए ?

ब्रिटेन में महिला कामगारों ने स्पिनिंग जेनी पर क्यों हमले किए ? उत्तर ⇒ बेरोजगारी की आशंका से मजदूर कारखानेदारी एवं मशीनों के व्यवहार का विरोध कर रहे थे। इसी क्रम में ऊन उद्योग में स्पिनिंग जेनी मशीन का जब व्यवहार होने लगा तब इस उद्योग में लगी महिलाओं ने इसका विरोध आरंभ किया। उन्हें अपना … Read more

भारत में सूती वस्त्र उद्योग का विकास लिखें।

भारत में सूती वस्त्र उद्योग का विकास लिखें। उत्तर ⇒ भारत में कुटीर उद्योग के पतन के बाद देशी एवं विदेशी पूँजी लगाकर वस्त्र उद्योग की कई फैक्ट्रियाँ खोली गयी। 1851 में बंबई में सर्वप्रथम सूती कपड़े की मिल खोली गई। 1854 में पहला वस्त्र उद्योग का कारखाना कावसजी नानाजी दाभार ने खोला। सन् 1854 से … Read more

यातायात की सुविधा ने औद्योगिकीकरण की गति को किस प्रकार तीव्र किया ?

यातायात की सुविधा ने औद्योगिकीकरण की गति को किस प्रकार तीव्र किया ? उत्तर ⇒ यातायात की सुविधा ने फैक्ट्री से उत्पादित वस्तुओं को एक जगह से दूसरे जगह पर ले जाने तथा कच्चा माल के फैक्ट्री तक लाने में सहायता की। रेलमार्ग शुरू होने से पहले नदियों एवं समुद्र के रास्ते व्यापार होता था। जहाजों … Read more

भारत की आजादी के बाद कुटीर उद्योग के विकास में भारत सरकार की नीतियों को लिखें।

भारत की आजादी के बाद कुटीर उद्योग के विकास में भारत सरकार की नीतियों को लिखें। उत्तर ⇒ कुटीर उद्योगों की उपयोगिता और उनके महत्त्व को देखते हुए स्वतंत्रता के बाद भारत सरकार ने कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक प्रयास किए हैं। 1948 की औद्योगिक नीति के द्वारा लघु एवं कुटीर उद्योग को … Read more

अठारहवीं शताब्दी में भारत के मुख्य उद्योग कौन-कौन से थे ?

अठारहवीं शताब्दी में भारत के मुख्य उद्योग कौन-कौन से थे ? उत्तर ⇒ अठारहवीं शताब्दी तक भारतीय उद्योग विश्व में सबसे अधिक विकसित थे। इस समय कुटीर उद्योग, भारतीय हस्तकला, शिल्प उद्योग मुख्य रूप से प्रचलित थे।

स्लम पद्धति की शुरुआत कैसे हुई ?

स्लम पद्धति की शुरुआत कैसे हुई ? अथवा, स्लम से आप क्या समझते हैं ? इसकी शुरुआत क्यों और कैसे हुइ ? उत्तर ⇒ छोटे, गंदे और अस्वास्थ्यकर स्थानों में जहाँ फैक्ट्री मजदूर निवास करते हैं वैसे आवासीय स्थलों को ‘स्लम’ कहा जाता है। औद्योगिकीकरण के फलस्वरूप बड़े-बड़े कारखाने स्थापित हुए जिसमें काम करने के लिए … Read more

वर्तमान समय में भारत में कितने स्टील प्लांट हैं ?

वर्तमान समय में भारत में कितने स्टील प्लांट हैं ? उत्तर ⇒ वर्तमान समय में भारत में 7 स्टील प्लांट कार्यरत हैं। ये हैं – (i) इंडियन आयरन एंड स्टील कंपनी, हीरापुर (ii) टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी जमशेदपुर (iii) विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील कंपनी, ‘भद्रावती (कर्नाटक) (iv) राउरकेला स्टील प्लांट, राउरकेला (v) भिलाई स्टील प्लांट, भिलाई (vi) दुर्गापुर स्टील प्लांट, दुर्गापुर … Read more

1850 -1914 तक के भारतीय उद्योगों की क्या विशेषता थी ?

1850 -1914 तक के भारतीय उद्योगों की क्या विशेषता थी ? उत्तर ⇒ इस अवधि में वैसे उद्योगों को बढ़ावा दिया गया जो निर्यात करनेवाले सामानों का उत्पादन करते थे और जो राष्ट्र के लिए लाभदायक थे जैसे-पटसन और चाय।. साथ ही वैसे माल का उत्पादन हुआ जिसमें विदेशी प्रतिस्पर्धा अधिक नहीं थी।

1850 के बाद ब्रिटिश सरकार ने अपने उद्योगों को विकसित करने के लिए क्या किया? इसका देशी उद्योगों पर क्या प्रभाव पड़ा ?

1850 के बाद ब्रिटिश सरकार ने अपने उद्योगों को विकसित करने के लिए क्या किया? इसका देशी उद्योगों पर क्या प्रभाव पड़ा ? उत्तर ⇒ 1850 के बाद ब्रिटिश सरकार ने अपने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मुक्त व्यापार की नीति अपनाई। भारत से आयातित निर्मित वस्तुओं पर भारी बिक्री कर सीमा शुल्क और परिवहन … Read more