पूँजीवादी अर्थव्यवस्था क्या है ? इसके अवगुणों की विवेचना कीजिए।

पूँजीवादी अर्थव्यवस्था क्या है ? इसके अवगुणों की विवेचना कीजिए। उत्तर- पूँजीवादी अर्थव्यवस्था का अर्थ-  पूँजीवादी अर्थव्यवस्था वह अर्थव्यवस्था है जिसमें उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों में निजी उद्यम पाया जाता है जो निजी लाभ के लिए काम करता है। पूँजीवादी अर्थव्यवस्था के अवगुण- (i) सम्पत्ति एवं आय की असमानताएँ – आय की असमानताओं के कारण देश की सम्पत्ति … Read more

अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं ? इनके दो कार्य कौन-कौन से है ?

अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं ? इनके दो कार्य कौन-कौन से है ? उत्तर- अर्थव्यवस्था से तात्पर्य वैसी क्रियाओं का सम्पादन, जिसमें आथिर्क उत्पादन निहित होता है। आर्थर लेविस ने अर्थव्यवस्था के संबंध में कहा कि व्यवस्था का संबंध किसी राष्ट्र के संपूर्ण व्यवहार से होता है जिसके आधार मानवीय आवश्यकताओं की संतूष्टि के लिए वह … Read more

न्यायपालिका की भूमिका लोकतंत्र की चुनौती है। कैसे, इसके सुधारने के क्या उपाय है ?

न्यायपालिका की भूमिका लोकतंत्र की चुनौती है। कैसे, इसके सुधारने के क्या उपाय है ? उत्तर :- वर्तमान दौर में न्यायपालिका की भूमिका वास्तव में लोकतंत्र की चुनौती है। अनेक अवसरों पर ऐसा देखा गया है कि न्यायपालिका को कानून एवं विधि व्यवस्था के क्षेत्र में सक्रिय होना पड़ता है और ऐसा तभी होता है जब … Read more

सुचना के अधिकार आंदोलन के मुख्य उदेश्य क्या है ?

सुचना के अधिकार आंदोलन के मुख्य उदेश्य क्या है ? उत्तर :- सूचना के अधिकार आंदोलन का मुख्य उद्देश्य लोगों को जानकार बनाने, सरकारी कामकाज पर नियंत्रण रखना तथा सरकार एवं सरकारी मुलजिमों के कार्यों का सार्वजनिकीकरण करना है। राजस्थान में सरकार ने 1994 ई० और 1996 ई० में जन-सुनवायी आयोजित की । इस आंदोलन के … Read more

क्या चुने गए शासक लोकतंत्र में अपनी मर्जी से सबकुछ का सकते हैं ?

क्या चुने गए शासक लोकतंत्र में अपनी मर्जी से सबकुछ का सकते हैं ? उत्तर :- किसी भी लोकतंत्र में यह संभव नहीं कि चुने गए शासक अपनी मर्जी से सब कुछ करें। सभी की सीमाएँ कानून के द्वारा तय कर दी गई है। इसमें विपक्ष की भूमिका भी अति महत्त्वपूर्ण है क्योंकि चुने गए शासकों … Read more

सामाजिक विभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था के लि उदाहरण के साथ स्पष्ट करें।

सामाजिक विभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था के लि उदाहरण के साथ स्पष्ट करें। उत्तर :- सामाजिक विभेदों का लोकतंत्र पर अवश्य प्रभाव पड़ता है। यह प्रभाव प्रायः खतरनाक ही सिद्ध होता है। सामाजिक विभेदों का लोकतंत्र पर दर्ज प्रभाव यह पडता है कि किसी-किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में सामाजिक मी व्यवस्था को इतना प्रभावित कर देता है कि वहाँ … Read more

अनेक समस्याओं के बावजूद लोकतंत्र ही श्रेष्ठ सरकार प्रदान करता है। समझावें।

अनेक समस्याओं के बावजूद लोकतंत्र ही श्रेष्ठ सरकार प्रदान करता है। समझावें। उत्तर :- यह सत्य है कि लोकतंत्र अनेक समस्याओं से जूझ रहा है और समय के साथ इसकी चुनौतियाँ भी बढ़ी हैं, परंतु इन सबके बावजूद यह श्रेष्ठ बताया जाता है क्योंकि (i) लोकतंत्र में नागरिकों में समानता को बढ़ावा दिया जाता है। (ii) … Read more

बहुमत के शासन का क्या अर्थ है ? स्पष्ट करें।

बहुमत के शासन का क्या अर्थ है ? स्पष्ट करें। उत्तर :- बहुमत के शासन का अर्थ. किसी धर्म, नस्ल, जाति अथवा भाषायी आधार पर बहुसंख्यक समूह का शासन नहीं होता। बहुमत के शासन का अर्थ है प्रत्येक फैसले या चुनाव में अलग-अलग लोग और समूह बहुमत का निर्माण कर सकते हैं अथवा बहुमत में हो … Read more

राष्ट्र की प्रगति में महिलाओं का क्या योगदान है ?

राष्ट्र की प्रगति में महिलाओं का क्या योगदान है ? उत्तर :- एक जमाना था जब भारत महिलाओं का कार्यक्षेत्र घर की चहारदावार तक ही सीमित था। धीरे-धीरे भारत की महिलाओं की इच्छा घर की चहारदावार से बाहर निकलकर समाज में अपनी पहचान बनाने की हुई। वर्तमान युग का भारताच महिलाएँ इस इच्छा की पूर्ति करने … Read more

बिहार की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र के विकास में कहाँ तक सहायक है ?

बिहार की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र के विकास में कहाँ तक सहायक है ? उत्तर :- बिहार की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सबसे कम है। इसका सबसे बड़ा कारण है अशिक्षा जो बिहार में सिर्फ 47 प्रतिशत है। परिणामस्वरूप यहा का जनता राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को सही अर्थों में समझ नहीं … Read more