नीतिश्लोकाः पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें।

नीतिश्लोकाः पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें। उत्तर- इस पाठ में व्यासरचित महाभारत के उद्योग पर्व के अन्तर्गत आठ अध्यायों की प्रसिद्ध विदुरनीति से संकलित दस श्लोक हैं । महाभारत युद्ध के आरंभ में धृतराष्ट्र ने अपनी चित्तशान्ति के लिए विदुर से परामर्श किया था । विदुर ने उन्हें स्वार्थपरक नीति त्याग कर राजनीति के … Read more

नीच मनुष्य कौन है ? पठित पाठ के आधार पर स्पष्ट करें।

नीच मनुष्य कौन है ? पठित पाठ के आधार पर स्पष्ट करें। उत्तर- नीच मनुष्य का अभिप्राय निम्न जाति में जन्म लेने वाले से नहीं है। सत् और असत् कर्मों में संलग्न रहने वाला मनुष्य भी नीच की श्रेणी में नहीं आता है। जो बिना बुलाये हुए किसी सभा में प्रवेश करता है, बिना पूछे हुए … Read more

पण्डित किसे कहा गया है ? पठित पाठ के आधार पर स्पष्ट करें।

पण्डित किसे कहा गया है ? पठित पाठ के आधार पर स्पष्ट करें। उत्तर- महात्मा विदुर ने पण्डित की व्याख्या बड़े ही रोचक ढंग से की है। उनके मतानुसार पण्डित का अभिप्राय ब्राह्मण या विद्वान से नहीं है। धर्म एवं कर्म प्रवचनीय पण्डित सर्वत्र नहीं होते हैं। जिसका कार्य शीत, ऊष्ण, भय, प्रेम समृद्धि अथवा असमृद्धि … Read more

‘भारतीयसंस्काराः’ पाठ में लेखक क्या शिक्षा देना चाहता है ?

‘भारतीयसंस्काराः’ पाठ में लेखक क्या शिक्षा देना चाहता है ? उत्तर- लेखक इस पाठ से हमें यह शिक्षा देना चाहता है कि संस्कारों के पालन से ही व्यक्तित्व का निर्माण होता है। संस्कारों का उचित समय पर पालन करने से गुण बढ़ते हैं और दोषों का नाश होता है। भारतीय संस्कृति की विशेषता संस्कारों के कारण … Read more

‘भारतीयसंस्काराः’ पाठ में लेखक का क्या विचार है ?

‘भारतीयसंस्काराः’ पाठ में लेखक का क्या विचार है ? उत्तर- भारतीयसंस्कार पाठ में लेखक का विचार है कि मनुष्य के व्यक्तित्व का निर्माण सुसंस्कार से ही होता है इसलिए विदेशी भी सुसंस्कारों के प्रति उन्मुख और जिज्ञासु है। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here Facebook पर फॉलो करे – Click Here Facebook ग्रुप … Read more

’भारतीयसंस्काराः’ पाठ में लेखक का क्या संदेश है ?

’भारतीयसंस्काराः’ पाठ में लेखक का क्या संदेश है ? उत्तर- ‘भारतीयसंस्काराः’ पाठ में लेखक का संदेश है कि भारतीयों के व्यक्तित्व का निर्माण संस्कारों से होता है। जीवन में सही समय पर संस्कारों का अनुष्ठान होना चाहिए । विदेशी भी भारतीय संस्कारों के प्रति उन्मुख और जिज्ञासु है । हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram … Read more

विवाहसंस्कार का वर्णन करें।

विवाहसंस्कार का वर्णन करें। उत्तर- विवाहसंस्कार से ही लोग गृहस्थ जीवन में प्रवेश करता है। विवाह को एक पवित्र संस्कार माना गया है, जिसमें अनेक प्रकार के कर्मकाण्ड होते हैं । उनमें वाग्दान, मण्डप-निर्माण, वधू के घर में वर पक्ष का स्वागत, वर-वधू का परस्पर निरीक्षण, कन्यादान, अग्निस्थापन, पाणिग्रहण, लाजाहोम, सिन्दूरदान इत्यादि कई कर्मकांड शामिल हैं। … Read more

शिक्षासंस्कार का वर्णन करें।

शिक्षासंस्कार का वर्णन करें। उत्तर- शिक्षासंस्कारों में अक्षरारंभ, उपनयन, वेदारंभ, मुण्डनसंस्कार और समापवर्तन संस्कार आदि आते हैं। अक्षरारंभ में बच्चा अक्षर-लेखन और अंक-लेखन आरंभ करता है। उपनयनसंस्कार में गुरु के द्वारा शिष्य को अपने घर में लाना होता है। वहाँ शिष्य शिक्षा नियमों का पालन करते हुए अध्ययन करते थे । गुरु के घर में ही … Read more

संस्कार कितने प्रकार के हैं और कौन-कौन ?

संस्कार कितने प्रकार के हैं और कौन-कौन ? उत्तर- संस्कार सोलह प्रकार के हैं। इन सोलह संस्कारों को मुख्य पाँच प्रकारों में बाँटा गया है-तीन जन्म से पूर्ववाले संस्कार, छह शैशव संस्कार, पाँच शिक्षा-संबंधी संस्कार, एक विवाह के रूप में गृहस्थ संस्कार तथा एक मृत्यु के बाद अंत्येष्टि संस्कार । कुल मिलाकर सोलह संस्कार हैं। हमसे … Read more

‘भारतीयसंस्काराः’ पाठ के आधार पर ऋषियों की कल्पना का वर्णन करें।

‘भारतीयसंस्काराः’ पाठ के आधार पर ऋषियों की कल्पना का वर्णन करें। उत्तर- ऋषियों की कल्पना थी कि जीवन के प्रायः सभी मुख्य अवसरों पर वेदमंत्रों का पाठ, बड़े लोगों का आशीर्वाद, हवन और परिवार के सदस्यों का सम्मेलन होना चाहिए। ऐसा करने से संस्कारों का पालन होता है। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram ग्रुप … Read more