“याने साधन तो सभी जुटा लिए हैं अत्याचारियों ने’ की व्याख्या कीजिए।

“याने साधन तो सभी जुटा लिए हैं अत्याचारियों ने’ की व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक गोधूलि के ‘हमारी नींद’ नामक शीर्षक से उद्धृत है । कवि ने वीरेन डंगवाल सामाजिक अत्याचारियों की करतूतों का पर्दाफाश किया है। आज हमारे समाज में अनेक लोग हैं जो अपनी जिंदगी को आरामतलबी बना लिये हैं … Read more

‘हमारी नींद के बावजूद’ की व्याख्या कीजिए।

‘हमारी नींद के बावजूद’ की व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत पद्यांश हमारी हिन्दी पाठ्य-पुस्तक के ‘हमारी नींद’ नामक शीर्षक से उद्धृत है। इस अंश में हिन्दी काव्यधारा के समसामयिक कवि वीरेन डंगवाल ने वैसे लोगों का चित्रण किया है जो आरामतलबी जीवन पसंद करते हैं। प्रस्तुत अंश में कवि कहते हैं कि जीवनक्रम कभी रुकता … Read more

वीरेन डंगवाल रचित ‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता का सारांश अपने शब्दों में प्रस्तुत करें।

वीरेन डंगवाल रचित ‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता का सारांश अपने शब्दों में प्रस्तुत करें। उत्तर :- हम नींद में सोते हैं, इसका यह अर्थ कतई नहीं होता कि सृष्टि का विकास क्रम रूक गया है। हमारी नींद में भी प्रकृति का विकासक्रम अग्रसर होता है। हमारे सोने और जागने के बीच पेड़ कुछ इंच बढ़ … Read more

पूर्वाग्रह निर्माण के ऐतिहासिक कारकों को लिखिए।

पूर्वाग्रह निर्माण के ऐतिहासिक कारकों को लिखिए।  उत्तर— पूर्वाग्रह निर्माण के ऐतिहासिक कारक – ऐतिहासिक कारक में पूर्वाग्रह के कारण बहुत पहले से चली आ रही विशेष प्रकार की मनोवृत्तियाँ होती हैं। इस तरह की मनोवृत्तियाँ का कारण मनुष्यों के परस्पर बिगड़ते सम्बन्ध, आर्थिक संघर्ष, अन्याय, अत्याचार के अनुभव आदि होते हैं। ये धीरे-धीरे पूर्वाग्रह … Read more

कविता में एक शब्द भी ऐसा नहीं है जिसका अर्थ जानने की कोशिश करनी पड़े। यह कविता की भाषा की शक्ति है या सीमा ? स्पष्ट कीजिए।

कविता में एक शब्द भी ऐसा नहीं है जिसका अर्थ जानने की कोशिश करनी पड़े। यह कविता की भाषा की शक्ति है या सीमा ? स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- के आलोक में यह स्पष्ट जाहिर होता है कि यह भाषा की शक्ति है क्योंकि भाषा को किसी सीमा में बाँधकर रखना भाषा के विकास पर … Read more

‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता में कवि ने किन अत्याचारियों का जिक्र किया है, और क्यों ?

‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता में कवि ने किन अत्याचारियों का जिक्र किया है, और क्यों ? उत्तर :- कवि यहाँ उन अत्याचारियों का जिक्र करता है जो हमारी सविधाभोगी. आरामपसंद जीवन से लाभ उठाते हैं। हमारी बेपरवाहियों के बाहर विपरीत परिस्थितियों से लगातार लड़ते हुए बढ़ते जाने वाले जीवित नहीं रह पाते हैं और इस … Read more

एक शिक्षक को शारीरिक अशक्तता सम्बन्धी पूर्वाग्रह एवं रूढ़ियों को समाप्त करने के लिए कौन-कौनसे उपाय करने चाहिए ?

एक शिक्षक को शारीरिक अशक्तता सम्बन्धी पूर्वाग्रह एवं रूढ़ियों को समाप्त करने के लिए कौन-कौनसे उपाय करने चाहिए ? उत्तर— एक शिक्षक को शारीरिक अशक्तता सम्बन्धी पूर्वाग्रह एवं रूढ़ियों को समाप्त करने के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए— (1) सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास–शिक्षक को समाज में जो व्यक्ति अशक्तता से युक्त हैं, उनके प्रति सहानुभूतिपूर्ण … Read more

कवि गरीब बस्तियों का क्यों उल्लेख करता है ?

कवि गरीब बस्तियों का क्यों उल्लेख करता है ? उत्तर :- कवि गरीब बस्तियों के उल्लेख के माध्यम से कहना चाहता है कि जहाँ के लोग दो जून रोटी के लिए काफी मसक्कत करने के बाद भी तरसते हैं वहाँ पूजा-पाठ, देवी जागरण जैसा महोत्सव कुछ स्वार्थी लोग अपना उल्लू सीधा करने के लिए गरीब … Read more

मक्खी के जीवन-क्रम का कवि द्वारा उल्लेख किये जाने का क्या आशय है ?

मक्खी के जीवन-क्रम का कवि द्वारा उल्लेख किये जाने का क्या आशय है ? उत्तर :- मक्खी के जीवन-क्रम का कवि द्वारा उल्लेख किये जाने का आशय है निम्न स्तरीय जीवन की संकीर्णता को दर्शाना । सृष्टि में अनेक जीवन-क्रम चलता रहता है। वह जीवन-क्रम की व्यापकता को लेकर कर्मठता और अकर्मठता का बोध : … Read more

“हमारी नींद’ कविता के प्रथम अनुच्छेद में कवि एक बिम्ब की रचना करता है। उसे स्पष्ट कीजिए।

“हमारी नींद’ कविता के प्रथम अनुच्छेद में कवि एक बिम्ब की रचना करता है। उसे स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- कविता के प्रथम अनुच्छेद में कवि वीरेन डंगवाल ने मानव जीवन का एक बिंब उपस्थित किया है। सुविधाभोगी-आरामपसंद जीवन नींदरूपी अकर्मण्यता की चादर से अपने-आपको ढंककर जब सो जाता है तब भी प्रकृति के वातावरण में … Read more