विष के दाँत’ कहानी का सारांश लिखें।

विष के दाँत’ कहानी का सारांश लिखें। उत्तर:- सेन साहब को अपनी कार पर बडा नाज था । घर में कोई ऐसा न था जो गाड़ी तक बिना इजाजत फटके । पाँचों लड़कियाँ माता-पिता का कहना। अक्षरशः पालन करतीं। किन्तु बुढ़ापे में उत्पन्न खोखा पर घर का कोई नियम लागू। न होता था । अतः … Read more

आरंभ से ही कहानीकार को स्वर व्यंग्यपूर्ण है। ऐसे कुछ प्रमाण उपस्थित करे ।

आरंभ से ही कहानीकार को स्वर व्यंग्यपूर्ण है। ऐसे कुछ प्रमाण उपस्थित करे । उत्तर:- ‘विष के दाँत’ कहानी के प्रारंभ में मोटर कार की बात की प्रस्तुति व्यंग्यात्मक शैली में है। उनके लड़कियाँ के गुणों की चर्चा, सेन साहब द्वारा खोखा को एक इंजीनियर के रूप मे देखना, उसकी हमेशा प्रशंसा करना भी लेखक … Read more

मदन और ड्राइवर के बीच के विवाद के द्वारा कहानीकार क्या बताना चाहता है ?

मदन और ड्राइवर के बीच के विवाद के द्वारा कहानीकार क्या बताना चाहता है ? उत्तर:- मदन और ड्राइवर के बीच विवाद के द्वारा कहानीकार बताना चाहते हैं। कि अपने पर किये गये अत्याचार का विरोध करना पाप नहीं है। सेन साहब की नयी चमकती काली गाड़ी को केवल छूने भर के तथाकथित अपराध के … Read more

सेन साहब के परिवार में बच्चों के पालन-पोषण में किए जा रहे |लिंग-आधारित भेद भाव का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।

सेन साहब के परिवार में बच्चों के पालन-पोषण में किए जा रहे |लिंग-आधारित भेद भाव का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए। उत्तर:- सेन साहब अमीर आदमी थे। उनकी पाँच लड़कियाँ थी एवं एक लड़का था । उस परिवार में लड़कियों के लिए घर में अलग नियम तथा शिक्षा थी। लेकिन लड़का, के लिए अलग नियम … Read more

आपकी दृष्टि में कहानी’विष के दाँत’ का नायक कौन है तर्कपूर्ण उत्तर दें ।

आपकी दृष्टि में कहानी’विष के दाँत’ का नायक कौन है तर्कपूर्ण उत्तर दें । उत्तर:- हमारी दृष्टि में ‘विष के दाँत’ शीर्षक कहानी का नायक मदन है। सारे पात्रों में सर्वाधिक प्रभावशाली है और कथावस्तु में उसका ही महत्त्व सर्वोपरि है।। इस दृष्टि से विचार करने पर स्पष्ट ज्ञात होता है कि इस कहानी का … Read more

काशू का चरित-चित्रण करें।

काशू का चरित-चित्रण करें। उत्तर:- काशू समृद्ध पिता का शोख लडका है। माता-पिता और बहनों को अतिशय प्रेम पाकर उसके स्वभाव में एक प्रकार का दुराग्रह व्याप्त हो गया है। वह जिद्दी स्वभाव का है, उसके मन में जो आता है, वही करता है। उसमें अहंकारवृत्ति भी है। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram … Read more

‘विष के दाँत’ शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।

‘विष के दाँत’ शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। उत्तर:- ‘विष के दाँत’ शीर्षक महल और झोपड़ी की लड़ाई की कहानी है। मदन द्वारा पिटे जाने पर खोखा के जो दाँत टूट जाते हैं वे अमीरों की प्रदर्शन-प्रियता और गरीबों पर उनके अत्याचार के विरुद्ध एक चेतावनी है, सशक्त विद्रोह है। यहीं। इस कहानी का लक्ष्य … Read more

खोखा किन मामलों में अपवाद था ?

खोखा किन मामलों में अपवाद था ? उत्तर- सेन साहब एक अमीर आदमी थे । खोखा उनके बुढापे की आँखों का तारा था। इसीलिए मिसेज सेन ने उसे काफी छूट दे रखी थी । खोखा जीवन के नियम का जैसे अपवाद था और इसलिए यह भी स्वाभाविक था कि वह घर के नियमों का भी … Read more

विष के दाँत शीर्षक कहानी का नायक कौन है ? तर्कपूर्ण उत्तर दें ।

विष के दाँत शीर्षक कहानी का नायक कौन है ? तर्कपूर्ण उत्तर दें । उत्तर- विष के ‘दाँत’ कहानी में मदन ऐसा पात्र है जो अहंकारी के अहंकार को नहीं सहन करता है बल्कि उसका स्वाभिमान जाग्रत होता है और वह ‘खोखा’ जैसे बालक को ठोकर देकर वर्षों से दबे अपने पिता की आँखें भी … Read more

श्रम विभाजन और जाति-प्रथा’ पाठ का सारांश लिखें।

श्रम विभाजन और जाति-प्रथा’ पाठ का सारांश लिखें। उतर:-आज के युग में भी जाति-प्रथा की वकालत सबसे बड़ी बिडंबना है। ये लोग तर्क देते हैं कि जाति-प्रथा श्रम-विभाजन का ही एक रूप है। ऐसे लोग भूल जाते हैं कि श्रम-विभाजन श्रमिक-विभाजन नहीं है। श्रम-विभाजन निस्संदेह आधुनिक युग की आवश्यकता है, श्रमिक-विभाजन नहीं। जाति-प्रथा श्रमिकों का … Read more