चिन्तन में सहायक एवं बाधक तत्त्वों को स्पष्ट कीजिए।

चिन्तन में सहायक एवं बाधक तत्त्वों को स्पष्ट कीजिए। उत्तर – चिन्तन के सहायक तत्त्व (Favourable Elements of Thinking)— चिन्तन के सहायक तत्त्व निम्नलिखित हैं— (1) ध्यान एवं रुचि (Attention and Interest) –चिन्तन में ध्यान एवं रुचि का बड़ा महत्त्व होता है । यदि समस्या पर ध्यान केन्द्रित होगा तो हम उसका समाधान शीघ्रता से … Read more

आंकलन हेतु आयोजित की जाने वाली समूह गतिविधियों को स्पष्ट कीजिए ।

आंकलन हेतु आयोजित की जाने वाली समूह गतिविधियों को स्पष्ट कीजिए । अथवा आंकलन हेतु सामूहिक गतिविधियों का वर्णन कीजिये | उत्तर–आंकलन हेतु सामूहिक गतिविधियाँ (Group Activities for Assessment)—विद्यालय में बालकों का वास्तविक आंकलन करने के लिए निम्नलिखित सामूहिक गतिविधियों का आयोजन कराना चाहिए— (1) कार्यशालाएँ– कार्यशालाएँ एक महत्त्वपूर्ण सेवाकालीन कार्यक्रम हैं। कार्यशाला में मुख्यतया … Read more

प्रायोजना विधि की क्या उपयोगिता है ?

प्रायोजना विधि की क्या उपयोगिता है ? उत्तर –प्रायोजना विधि की उपयोगिता – प्रायोजना विधि की उपयोगिता (महत्त्व) निम्न प्रकार से है— (i) इस विधि में छात्रों को स्वयं अवलोकन, सर्वेक्षण और मापन आदि के अवसर मिलते हैं जिससे उन्हें स्थिति और तथ्यों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होता है । (ii) इस विधि में बालक … Read more

दत्तकार्य के उद्देश्य तथा लाभ बताइए |

दत्तकार्य के उद्देश्य तथा लाभ बताइए | उत्तर – दत्तकार्य के उद्देश्य – दत्त कार्य शैक्षिक क्रिया का वह भाग है, जिसे विद्यार्थियों को पूरा करने के लिए दिया जाता है। प्रत्येक विद्यालय में प्राय: इसका प्रयोग किया जाता है। शिक्षण स्व अध्ययन पर आधारित होता है और अधिक विस्तृत होने के कारण अध्यापक को … Read more

निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए :—

निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए :— (i) परीक्षा सुधार (ii) खुली पुस्तक परीक्षा उत्तर – (i) परीक्षा सुधार (Examination Reforms) — शिक्षा अधिगम सतत् एवं आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है। शिक्षा की गुणवत्ता आन्तरिक रूप से परीक्षाओं पर निर्भर होती है। वास्तविक रूप से परीक्षाओं से तात्पर्य ज्ञान, रचनात्मक चिन्तन एवं समस्या समाधान के अनुप्रयोग … Read more

पृष्ठपोषण का अर्थ स्पष्ट करते हुए, प्रकार और महत्त्व का विस्तार से वर्णन कीजिए|

पृष्ठपोषण का अर्थ स्पष्ट करते हुए, प्रकार और महत्त्व का विस्तार से वर्णन कीजिए| अथवा पृष्ठपोषण का अर्थ स्पष्ट कीजिये। इसके प्रकार एवं आकलन में इसकी उपयोगिता बताइये । उत्तर – पृष्ठपोषण का अर्थ एवं परिभाषाएँ (Meaning and – Definitions of Feedback)— प्रत्येक व्यक्ति यह जानना चाहता है कि वह कैसा कार्य कर रहा है … Read more

सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन का अर्थ एवं परिभाषा दीजिए। सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन के प्रकार और महत्त्व का विस्तार से वर्णन कीजिए।

सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन का अर्थ एवं परिभाषा दीजिए। सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन के प्रकार और महत्त्व का विस्तार से वर्णन कीजिए। अथवा सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन से क्या अभिप्राय है ? सतत एवं | व्यापक मूल्यांकन के प्रकार बताइये ।                             … Read more

चुनाव आधारित क्रेडिट प्रणाली (सी.बी.सी.एस.) से आप क्या समझते हैं ? इसकी क्या विशेषताएँ हैं? इसकी कार्यप्रणाली को स्पष्ट कीजिए ।

चुनाव आधारित क्रेडिट प्रणाली (सी.बी.सी.एस.) से आप क्या समझते हैं ? इसकी क्या विशेषताएँ हैं? इसकी कार्यप्रणाली को स्पष्ट कीजिए । उत्तर- चुनाव आधारित क्रेडिट प्रणाली (Choice Based Credit System (CBCS) ] – सन् 1964 में कोठारी आयोग के प्रतिवेदन के पश्चात् कुछ कॉलेजों की स्वायत्तता (Autonomy) पर विचार-विमर्श प्रारम्भ हुआ और सन् 1978 के … Read more

संचित अभिलेख के प्रारूप बताइए। संचित अभिलेख सामग्री का निर्माण किस प्रकार होता है ?

संचित अभिलेख के प्रारूप बताइए। संचित अभिलेख सामग्री का निर्माण किस प्रकार होता है ? उत्तर – संचित अभिलेख के प्रारूप (Forms of Designs of Cumulative Record) — विद्यार्थियों के संचित अभिलेखों की व्यवस्था निम्नलिखित तीन प्रकार के प्रारूपों से की जा सकती है— ( 1 ) कार्ड (Card) – यह एक बहुत बड़ा कार्ड … Read more

सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन पद्धति (C.C.E.) क्या है ? इसकी प्रमुख विधियों को समझाइए ।

सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन पद्धति (C.C.E.) क्या है ? इसकी प्रमुख विधियों को समझाइए । उत्तर – सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन (Continuous and Comprehensive Evaluation)-सतत् मूल्यांकन, मूल्यांकन की ऐसी व्यवस्था है जो सीखने-सिखाने के साथ-साथ चलती है, जिसमें विद्यार्थियों के अनुभवों और व्यवहारों में होने वाले परिवर्तनों का लगातार मूल्यांकन होता रहता है। सतत् मूल्यांकन … Read more