आर्थिक विकास का मापन कुछ सूचकांकों के माद्यम से करे |

आर्थिक विकास का मापन कुछ सूचकांकों के माद्यम से करे | उत्तर- आर्थिक विकास का मापन निम्न सूचकांकों के माध्यम से किया जा सकता है – (i) राष्ट्रीय आय— राष्ट्रीय आय देश में होने वाली वृद्धि को मापने का महत्त्वपूर्ण मापदंड है। विश्व बैंक के अनुसार जिन देशों आय 4,53,000 रुपए प्रतिवर्ष या उससे अधिक थी … Read more

आर्थिक विकास क्या है ? आर्थिक विकास एवं आर्थिक वृद्धि में अंतर बताइए।

आर्थिक विकास क्या है ? आर्थिक विकास एवं आर्थिक वृद्धि में अंतर बताइए। उत्तर-आर्थिक विकास एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा दीर्घकाल में किसी अर्थव्यवस्था की वास्तविक राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है। आर्थिक विकास का मुख्य उद्देश्य अर्थव्यवस्था के समस्त क्षेत्रों में उत्पादकता का ऊँचा स्तर प्राप्त करना होता है। इसके लिए विकास प्रक्रिया … Read more

बिहार के आर्थिक विकास की स्थिति की विवेचना कीजिए।

बिहार के आर्थिक विकास की स्थिति की विवेचना कीजिए। उत्तर- देश का एक प्रमुख राज्य होने पर भी बिहार आर्थिक दूष्टि से अत्यंत पिछड़ा हुआ है। वस्तुतः, आर्थिक विकास के प्रायः सभी मापदंडों पर यह देश के अन्य सभी राज्यों से नीचे है। किसी राज्य के विकास का स्तर अंततः उसके राज्य घरेलू उत्पाद पर … Read more

बिहार के आर्थिक पिछड़ेपन के क्या कारण हैं ? बिहार के पिछडेपन को दूर करने के उपायों को लिखें।

बिहार के आर्थिक पिछड़ेपन के क्या कारण हैं ? बिहार के पिछडेपन को दूर करने के उपायों को लिखें। उत्तर-  बिहार में पिछड़ेपन के निम्नलिखित कारण हैं – (i) तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या- बिहार में तीव्र गति से जनसंख्या में वृद्धि हो रही है। 2011 की जनगणना के अनुशार यहाँ की जनसंख्या 10,38,04,637 करोड़ हो … Read more

भारत में नीति आयोग के गठन एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालें।

भारत में नीति आयोग के गठन एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालें। उत्तर- निर्धारित सामाजिक एवं आर्थिक विकास के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए विकास योजना बनाई जाती है। अभी तक भारत में बारह पंचवर्षीय योजनाओं को पूरा किया जा चुका है। भारत में नीति आयोग पाँच साल के लिए आर्थिक विकास की योजना बनाता … Read more

भारत के लिए नियोजन क्यों आवश्यक है?

भारत के लिए नियोजन क्यों आवश्यक है? उत्तर- भारत एक अर्द्धविकसित राष्ट्र है। यहाँ की कृषि पिछड़ी हुई अवस्था में है, देश में पूँजी का अभाव है। उत्पादन व्यवस्था असंतुलित है तथा नागरिकों का जीवन-स्तर निम्न है। भारत आर्थिक दूष्टिकोण से एक निर्धन देश है और इसकी निर्धनता सभी प्रकार के विकास कार्यों में बाधक … Read more

भारत में बुनियादी सुविधाएँ या आधारभूत ढाँचा का वर्णन करें ?

भारत में बुनियादी सुविधाएँ या आधारभूत ढाँचा का वर्णन करें ? उत्तर- भारत में बुनियादी सुविधाएँ अथवा आधारभूत ढाँचा रीढ़ की हड्डी के समान है इसके बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है। बनियादी सविधाएँ या आधारभूत ढाँचा को दो भागों में बाँटा गया है जो निम्नलिखित हैं – (i) आर्थिक आधारभुत संरचना- इसका … Read more

“सतत् विकास समय की आवश्यकता है।” इस कथन को स्पष्ट करे ?

“सतत् विकास समय की आवश्यकता है।” इस कथन को स्पष्ट करे ? उत्तर- विकास के क्रम में, प्राकृतिक संसाधन. जैसे-जल वायु जंगल, पेट्रोल, कोयला, गैस आदि का उपयोग होता है। अत्यधिक उपयोग से भावी पीढ़ी के प्रकृतिक संसाधनों की उपलब्धता घटती है। इसके कारण भावी पीढ़ी इससे वंचित हो सकती है। इनका अत्यधिक उपयोग पर्यावरण … Read more

अंग्रेजों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को किस प्रकार प्रभावित किया ? वर्णन करें।

अंग्रेजों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को किस प्रकार प्रभावित किया ? वर्णन करें। उत्तर- अंग्रेजों ने प्रारंभ से ही “फूट डालो और शासन करो” की नीति को अपनाकर भारत पर राज किया। हमारा देश कृषि प्रधान होने के बाद भी व्यापार, उद्योग एवं सांस्कृतिक विकास के लिए विश्व में जाना जाता था। अंग्रेजों ने हमारी अर्थव्यवस्था … Read more

पूँजीवादी अर्थव्यवस्था क्या है ? इसके अवगुणों की विवेचना कीजिए।

पूँजीवादी अर्थव्यवस्था क्या है ? इसके अवगुणों की विवेचना कीजिए। उत्तर- पूँजीवादी अर्थव्यवस्था का अर्थ-  पूँजीवादी अर्थव्यवस्था वह अर्थव्यवस्था है जिसमें उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों में निजी उद्यम पाया जाता है जो निजी लाभ के लिए काम करता है। पूँजीवादी अर्थव्यवस्था के अवगुण- (i) सम्पत्ति एवं आय की असमानताएँ – आय की असमानताओं के कारण देश की सम्पत्ति … Read more