धातुएँ विद्युत के सुचालक क्यों होती हैं ?

धातुएँ विद्युत के सुचालक क्यों होती हैं ? उत्तर⇒ धातुएँ विद्युत के अच्छे चालक होते हैं। ये विद्युत धनात्मक भी हैं। इसमें इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति तीव्र होती है। ये ताप और विद्युत के सुचालक होते हैं। इसके तार से होकर विद्युत का प्रवाह आसानी से की जा सकती है। धातुओं को चालकता उनमें उपस्थित मुक्त … Read more

मिश्रधातु क्या है ? तांबे के मिश्रधातु के दो उदाहरण दें।

मिश्रधातु क्या है ? तांबे के मिश्रधातु के दो उदाहरण दें। उत्तर⇒ किसी धातु में अन्य धातु या अधातु की एक निश्चित मात्रा मिलाकर इच्छित गुण-धर्म वाली मिश्रधातुएँ प्राप्त की जा सकती हैं। ताम्बे के दो मिश्रधातु निम्नांकित हैं—पीतल और काँसा। पीतल में 80% Cu और काँसा में 90% Cu पाया जाता है।

ऐसा धातु का उदाहरण दीजिए जो-

ऐसा धातु का उदाहरण दीजिए जो- (i) कमरे के ताप पर द्रव होता है। (ii) चाकू से आसानी से काटा जा सकता है। (iii) ऊष्मा का सबसे अच्छा चालक हाता है। (iv) ऊष्मा का कुचालक होता है। उत्तर⇒ (i) पारा (ii) सोडियम तथा पोटाशियम, (iii) सोना और चांदी (iv) लेड तथा मरकरी।

धातुओं का परिष्करण से क्या तात्पर्य है ?

धातुओं का परिष्करण से क्या तात्पर्य है ? उत्तर⇒ अपचयन प्रक्रम से प्राप्त धातुएँ शुद्ध नहीं होती हैं। इनमें अपद्रव्य होती हैं। शुद्ध धातु की प्राप्ति इन अपद्रव्यों को धातु से हटाकर किया जाता है। अत: अशुद्ध धातुओं से अपद्रव्यों को हटाना धातुओं का परिष्करण कहा जाता है।

कौन-सी धातुएँ आसानी से संक्षारित नहीं होती हैं ?

कौन-सी धातुएँ आसानी से संक्षारित नहीं होती हैं ? उत्तर⇒ सोना और चाँदी ऐसी धातुएँ हैं जो अभिक्रियाशीलता श्रेणी में सबसे नीचे आती हैं। ये धातुएँ काफी कम अभिक्रियाशील हैं। ऐसी धातुएँ आसानी से संक्षारित नहीं होती हैं।

अधातु के दो गुणधर्मों को लिखें।

अधातु के दो गुणधर्मों को लिखें। उत्तर⇒ (i) अधिकतर अधातुएँ गैसीय अवस्था में पाये जाते हैं। (ii) अधातुएँ सोनोरस ध्वनि उत्पन्न नहीं करते हैं।

धातुओं के दो रासायनिक गणों को लिखें।

धातुओं के दो रासायनिक गणों को लिखें। उत्तर⇒(i) धातुओं के ऑक्साइड क्षारीय होते हैं।    (ii) अम्लों से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस विस्थापित करते हैं।    2Na +2HCL→ 2NaCl + H 2

धातु किसे कहते हैं ?

धातु किसे कहते हैं ? उत्तर⇒  आवर्त सारणी के बायीं तरफ तथा मध्य में रखे जाने वाले तत्त्व धातु कहलाते हैं, जिनमें धात्विक चमक होती है । वे प्रायः तन्य, आघातवर्ध्य, विद्युत् और ऊष्मा की सुचालक, दृढ़ और अधिक घनत्व वाली होती हैं। इनके ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते हैं । लोहा, सोना, चाँदी, ताँबा, प्लैटिनम … Read more

प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग क्या है ?

प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग क्या है ? उत्तर⇒ प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग – (i) इसे साँचे, खिलौने, सिरेमिक बर्तन आदि बनाने में प्रयुक्त किया जाता है । (ii) सजावटी सामान, मूर्तियाँ आदि इससे बनाए जाते हैं। (iii)अस्पतालों में अस्थि विभाग और दंत विभाग के द्वारा इसका पयाप्त किया जाता है। यह टूटी हुई हड्डियों को जोड़ने … Read more

धोने का सोडा तथा बेकिंग सोडे के दो-दो प्रमख उपयोग बताइए।

धोने का सोडा तथा बेकिंग सोडे के दो-दो प्रमख उपयोग बताइए। उत्तर⇒ धोवन सोडे के उपयोग- (i) जल की स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए (ii) काँच, साबुन, पेपर तथा बोरॉक्स, कॉस्टिक सोडा इत्यादि अनेक महत्त्वपूर्ण यौगिकों के उत्पादन के लिए बेकिंग सोडे के उपयोग- (i) एन्टैसिड का एक संघटक क्षारीय होने के कारण अम्ल के आधिक्य को … Read more