प्रकाशिक घनत्व क्या है ?

प्रकाशिक घनत्व क्या है ? उत्तर⇒प्रकाशिक घनत्व का एक निश्चित संपृक्तार्थ होता है। यह द्रव्यमान घनत्व के समान नहीं है। जिस माध्यम का प्रकाशिक घनत्व अधिक होता है वह सघन माध्यम है, अन्यथा वह विरल माध्यम होगा। विरल माध्यम से प्रकाश किरण सघन माध्यम में प्रवेश करती है तो यह अभिलंब की ओर मुड़ जाती … Read more

प्रकाश क्या है ?

प्रकाश क्या है ? उत्तर⇒ दृष्टि के भौतिक अनुभूति को प्रकाश कहते हैं प्रकाश वस्तुओं को दृश्यमान बनाता है। कोई वस्तु उसपर पड़ने वाले प्रकाश को परावर्तित करती है और वह परावर्तित प्रकाश हमारी आँखों द्वारा ग्रहण होता है तब हमें वस्तुओं को देखने योग्य बनाता है।

गोलीय दर्पण द्वारा सूर्य के प्रकाश में किसी कागज के कतरन को कैसे जलाया जा सकता है ?

गोलीय दर्पण द्वारा सूर्य के प्रकाश में किसी कागज के कतरन को कैसे जलाया जा सकता है ? उत्तर⇒गोलीय अवतल दर्पण के परावर्तक सतह को सूर्य से आने वाली किरणों के सामने रखा जाता है। सूर्य से चलने वाली समांतर किरणें दर्पण से परावर्तित होकर फोकस पर अभिसरित होती हैं। अगर अवतल दर्पण के फोकस … Read more

एक समतल दर्पण में प्रतिबिम्ब बनने की क्रिया रेखा दिखावें।

एक समतल दर्पण में प्रतिबिम्ब बनने की क्रिया रेखा दिखावें। उत्तर⇒ चित्र से स्पष्ट है कि A बिन्दु वस्तु का आभासी प्रतिबिंब I बनता है। A का समतल दर्पण से दूरी = 1 का समतल दर्पण से दूरी

समतल दर्पण में बना प्रतिबिंब का साइज और प्रकृति कैसी होती है ?

समतल दर्पण में बना प्रतिबिंब का साइज और प्रकृति कैसी होती है ? उत्तर⇒समतल दर्पण (Plane Mirror) द्वारा बना, प्रतिबिंब – (i) बिम्ब (object) के समान प्रतिबिंब का साइज होता है। (ii) प्रतिबिम्ब दर्पण के उतना ही पीछे बनता है जितनी दूरी पर वस्तु समतल दर्पण के सामने होती है। (iii) काल्पनिक (virtual) प्रतिबिंब बनता है।

सामान्य नेत्र 25 सेमी से निकट रखी वस्तुओं को सुस्पष्ट क्यों नहीं देख पाते ?

सामान्य नेत्र 25 सेमी से निकट रखी वस्तुओं को सुस्पष्ट क्यों नहीं देख पाते ? उत्तर⇒ 25 सेमी की दूरी पर रखी वस्तुओं को आँख स्पष्ट रूप से देखता है लेकिन 25 सेमी से कम निकट रखी वस्तुओं का प्रतिबिम्ब दृष्टि पटल पर स्पष्ट रूप से नहीं बनता है। अतः मानव वस्तुओं को स्पष्ट रूप से … Read more

अपवर्तनांक को परिभाषित करें। हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। इस कथन का क्या अभिप्राय है ?

अपवर्तनांक को परिभाषित करें। हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। इस कथन का क्या अभिप्राय है ? उत्तर⇒अपवर्तनांक-किसी माध्यम में अपवर्तनांक (u) की परिभाषा निर्वात में प्रकाश (c) और इस माध्यम में प्रकाश की चाल (c) के अनुपात के रूप में दी गई है। हवा में प्रकाश के वेग की अपेक्षा हीरे में प्रकाश का वेग … Read more

प्रकाश के अपवर्तन नियमों को लिखें।

प्रकाश के अपवर्तन नियमों को लिखें। उत्तर⇒प्रकाश के एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर उसकी दिशा में होने वाले परिवर्तन की घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहा जाता है। अपवर्तन के नियम – (i) आपतित किरण, अपवर्तित किरण और आपतन बिन्दु पर अभिलंब तीनों एक ही तल में होते हैं। (ii) प्रकाश के किसी खास … Read more

प्रकाश का प्रकीर्णन से आप क्या समझते हैं ?

प्रकाश का प्रकीर्णन से आप क्या समझते हैं ? उत्तर⇒ जब प्रकाश किसी ऐसे माध्यम से गुजरता है जिसमे धूल तथा अन्य पदार्थों के अत्यंत सूक्ष्म कण होते हैं, तो इसके द्वारा प्रकाश सभी दिशाओं में प्रसारित हो जाता है, इसे प्रकाश का प्रकीर्णन कहते हैं ,सूर्य के प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण ही आकाश … Read more

प्रकाश का परावर्तन किसे कहते हैं ? इसके नियमों को लिखें !

 प्रकाश का परावर्तन किसे कहते हैं ? इसके नियमों को लिखें ! उत्तर – प्रकाश की किरणो का किसी वस्तु से टकराकर लौटने की घटना को प्रकाश का प्रवर्तन कहते हैं ? प्रकाश के परावर्तन के दो नियम हैं | 1 .आपतित किरण,परावर्तित किरण ,एवं आपतन बिंदु पर डाला गया अभिलंब एक ही तल में … Read more