हिन्दी साहित्य में उपन्यासों का उद्भव और विकास
हिन्दी साहित्य में उपन्यासों का उद्भव और विकास १९वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में समय की कठोर आवश्यकताओं ने जहाँ गद्य के विकास में योग दिया, वहाँ उपन्यास साहित्य की भी श्रीवृद्धि हुई। अंग्रेजी तथा उससे प्रभावित बंगाली तथा मराठी उपन्यासों में हिन्दी साहित्यकारों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। भारतेन्दु जी के समय में अनेकों … Read more