जागो फिर एक बार : भाव पक्ष एवं कला पक्ष

जागो फिर एक बार : भाव पक्ष एवं कला पक्ष पूर्व में छायावादी कविता पर एक आरोप यह लगाया जाता था कि जब समूचा देश आजादी की जंग में प्राण-पण से लगा हुआ था छायावादी कवि प्रकृति के रम्य वर्णन में मशगूल थे। सर्वप्रथम आलोचक प्रवर नन्द दुलारे वाजपेयी तथा बाद में प्रो0 नामवर सिंह … Read more