बिहारी के काव्य में गागर में सागर भरा हुआ है
बिहारी के काव्य में गागर में सागर भरा हुआ है मेरा प्रिय कवि अथवा “बिहारी के काव्य में गागर में सागर भरा हुआ है” आविर्भाव का समय – अपने-अपने मन की बात है। किसी को मीठा अच्छा लगता और किसी को खट्टा और नमकीन । किसी को फीका दूध अच्छा लगता है तो किसी को … Read more