वाचन का महत्त्व बताइए।

वाचन का महत्त्व बताइए।

उत्तर— वाचन का महत्त्व– वाचन का जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विशेष महत्त्व है। यद्यपि गूंगे व्यक्ति भी संकेतों से सम्प्रेषण करने में सक्षम होते हैं। संकेत भी एक भाषा है इसे शान्त भाषा का शरीर भाषा भी कहते हैं। कक्षा शिक्षण में शाब्दिक अन्तःक्रिया तथा अशाब्दिक अन्तः क्रिया दोनों का ही प्रयोग किया जाता है।

लिखित भाषा को सीखने के लिए वाचन का विशेष महत्त्व है । अक्षरों को सिखाने के लिए अक्षर की ध्वनि के उच्चारण की सहायता ली जाती है। बिना वाचन के भाषा ज्ञान अधूरा माना जाता है। शिक्षा की प्रक्रिया का संचालन सभी शिक्षण स्तरों पर वाचन के माध्यम से किया जाता है। बिना वाचन के शिक्षा प्रक्रिया का संचालन संभव नहीं है । वाचन में हाव-भाव, स्वरों, आरोह-अवरोह, वाणी की मधुरता, शुद्ध शब्दों का उच्चारण, हाथों की गतिविधियाँ, नेत्र की गति, मुख मुद्राओं का विशेष महत्त्व है। इनसे सम्प्रेषण में एक अद्भुत शक्ति, सजीवता और हृदय स्पर्शिता प्राप्त होती है । वाचन- भाषा – शिक्षा की आधारशिला है।
आज के तकनीकी युंग में प्रचार एवं प्रसार की आवश्यकता है। माध्यम के प्रयोग से वक्ता कहीं भी पहुँच सकता है।
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