तमाड़ विद्रोह (Tamad Rebellion) और चेरो विद्रोह (Chero Revolt)

तमाड़ विद्रोह (Tamad Rebellion) और चेरो विद्रोह (Chero Revolt) Tamad Rebellion (1782-1820) | तमाड़ विद्रोह : (1782-1820 ई.) विद्रोह  के कारण : छोटानागपुर के तमाड़ को मुख्य केन्द्र बनाकर मुण्डा आदिवासियों ने 18वीं सदी के अंतिम चतुर्थाश में जो विद्रोह छेड़ा, उसे ‘तमाड़ विद्रोह’ कहा जाता है। कम्पनी की बाहरी लोगों को शह देने की … Read more

बिहार में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जन आंदोलन

बिहार में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जन आंदोलन जब कंपनी ने सन् 1767 में इस क्षेत्र में पदार्पण किया, तभी यहाँ असंतोष व्याप्त हो गया था। जनजातीय शैली वैसे भी कठिन थी और फिर ऊपर से प्राकृतिक अकालों एवं आपदाओं ने इनके सामने बड़े भीषण संकट पैदा कर दिए। आर्थिक कठिनाइयों और अन्न के अभाव … Read more

बिहार में अंग्रेजी शासन की स्थापना

बिहार में अंग्रेजी शासन की स्थापना प्रारंभ से ही बिहार व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। मध्यकाल में भी बिहार व्यापार का प्रमुख केंद्र था। यहाँ एडवर्ड टेरी, राल्फ फिट्ज, पीटर मुंडी, ट्रैवर आदि व्यापारियों ने बिहार का दौरा कर व्यापारिक गतिविधियों का विस्तृत वर्णन किया। बंगाल के नवाब मुर्शिद कुली खान एवं अलीवर्दी खान के शासन काल … Read more

बिहार में डेनिस कंपनी का आगमन

बिहार में डेनिस कंपनी का आगमन डेनिश डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1616 में की गई। → सेरमपुर तथा ट्रैकोबार डेनों का प्रमुख व्यापारिक केंद्र था। → 1845 में उन्होंने अपनी फैक्ट्रियाँ ब्रिटिश कंपनी को बेच दीं। भारत में आनेवाली यूरोपीय कंपनियों (European Companies) में डेनमार्क का नाम सबसे अंत में लिया जाता है। प्रायः 1774-75 … Read more

बिहार में फ्रांसीसी कंपनियों का आगमन

बिहार में फ्रांसीसी कंपनियों का आगमन भारत में फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी (French East India Company) की स्थापना फ्रेंकोइस मार्टिन के नेतृत्व में 1664 ई. में की गई। मार्टिन ने 1674 ई. में पांडिचेरी की स्थापना की तथा शीघ्र ही उसने माही, कराइकल एवं दूसरी जगहों पर फ्रांसीसी व्यापारिक केंद्रों की स्थापना की। कुछ वर्षों के … Read more

बिहार में डचों कंपनियों का आगमन

बिहार में डचों कंपनियों का आगमन बिहार में यूरोपीय व्यापारी कंपनियों का आगमन 17वीं सदी में प्रारंभ हुआ। उस समय बिहार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का एक महत्त्वपूर्ण केंद्र था। बिहार के क्षेत्र में सर्वप्रथम पुर्तगाली आए, जिन्होंने अपना व्यापारिक केंद्र हुगली में स्थापित किया था। वे हुगली से ही नाव के माध्यम से पटना आया करते थे। वे अपने साथ … Read more

जीन पियाजे द्वारा प्रतिपादित संज्ञानात्मक विकास के सोपानों की विवेचना कीजिए ।

जीन पियाजे द्वारा प्रतिपादित संज्ञानात्मक विकास के सोपानों की विवेचना कीजिए । प्रश्न 15 जीन पियाजे द्वारा प्रतिपादित संज्ञानात्मक विकास के सोपानों की विवेचना कीजिए । उत्तर– पियाजे का संज्ञान विकास सिद्धान्त – संज्ञान विकास – सिद्धान्तं स्विटजरलैण्ड के प्रसिद्ध जीवविज्ञानी, दार्शनिक एवं मनोवैज्ञानिक जीन पियाजे (Jean Piaget) ने संज्ञानात्मक विकास की अति विस्तृत व्याख्या … Read more

ध्यान धारित अतिसक्रियता विकार ( ADHD) से आप क्या समझते हैं? इसके क्या कारण हैं? इसके उपचार हेतु कुछ सुझाव दीजिए।

ध्यान धारित अतिसक्रियता विकार ( ADHD) से आप क्या समझते हैं? इसके क्या कारण हैं? इसके उपचार हेतु कुछ सुझाव दीजिए। प्रश्न 14 ध्यान धारित अतिसक्रियता विकार ( ADHD) से आप क्या समझते हैं? इसके क्या कारण हैं? इसके उपचार हेतु कुछ सुझाव दीजिए। उत्तर– ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार (ध्यातिवि) अंटेशन … Read more

किशोरावस्था तनाव, दबाव तथा संघर्ष की अवस्था है। स्टेनले हॉल के इस कथन को सोदाहरण विवेचना कीजिए।

किशोरावस्था तनाव, दबाव तथा संघर्ष की अवस्था है। स्टेनले हॉल के इस कथन को सोदाहरण विवेचना कीजिए। प्रश्न 13. किशोरावस्था तनाव, दबाव तथा संघर्ष की अवस्था है। स्टेनले हॉल के इस कथन को सोदाहरण विवेचना कीजिए। उत्तर– किशोरावस्था तनाव, दबाव तथा संघर्ष की अवस्था है । उपर्युक्त कथन स्टेनले हॉल का है। किशोरावस्था व्यक्तित्व के … Read more

बचत क्या है? इसके विभिन्न प्रकारों की चर्चा करें।

बचत क्या है? इसके विभिन्न प्रकारों की चर्चा करें। उत्तर-आय तथा उपभोग का अंतर बचत कहलाता है। प्राप्त आय में से जितनी राशि खर्च करने के बाद शेष रहती है, बचत कहलाती है। अर्थात् बचत = आमदनी (आय) – उपभोग (खर्च) बचत दो प्रकार की होती हैं– (i) नगद बचत तथा (ii) वस्तु संचय। कुल … Read more