बालकों में सृजनात्मकता विकसित करने के पाँच उपाय बताइये ।

बालकों में सृजनात्मकता विकसित करने के पाँच उपाय बताइये । उत्तर— बालकों में सृजनात्मकता विकसित करने के उपायनिम्नलिखित है— (1) अध्यापक छात्र सम्बन्ध – अध्यापक छात्र सम्बन्ध मधुर होना चाहिये। अध्यापक को सूत्रों की सम्पूर्ण पृष्ठभूमि व क्षमताओं का पता लगाना चाहिये । (2) शिक्षण पद्धति – बालकों के मानसिक आयु व विषयों के अनुरूप … Read more

व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले कारकों का संक्षेप में उल्लेख कीजिए।

व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले कारकों का संक्षेप में उल्लेख कीजिए। उत्तर—  व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित हैं— (1) वंशानुक्रम का प्रभाव — व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक क्षमताओं पर माता-पिता एवं परिवार का प्रभाव रहता है, व्यक्तित्व पर इसका प्रभाव पड़ता है। (2) शारीरिक रचना का प्रभाव – व्यक्ति गोलाकृति, आयताकृति, लम्बाकृति के … Read more

अधिगम के गेस्टाल्ट सिद्धान्त को स्पष्ट कीजिए । शैक्षिक उपयोगिता की चर्चा कीजिए ।

अधिगम के गेस्टाल्ट सिद्धान्त को स्पष्ट कीजिए । शैक्षिक उपयोगिता की चर्चा कीजिए । उत्तर– “गेस्टाल्ट” शब्द जर्मन भाषा का शब्द है । इसका शाब्दिक अर्थ प्रतिमान, रूप, आकृति, समग्राकृति, संरचना, संस्थान आदि है । इस मनोवैज्ञानिक सम्प्रदाय का जन्म जर्मनी में हुआ। मैक्स बर्दीमर ने अपने लेख “फिनोमिना” के द्वारा गेस्टाल्ट मनोविज्ञान का प्रारम्भ … Read more

व्यक्तित्व क्या है ? व्यक्तित्व निर्धारण हेतु कौन से कारक जिम्मेदार हैं ? बालक के व्यक्तित्व विकास में शिक्षक की क्या भूमिका है ?

व्यक्तित्व क्या है ? व्यक्तित्व निर्धारण हेतु कौन से कारक जिम्मेदार हैं ? बालक के व्यक्तित्व विकास में शिक्षक की क्या भूमिका है ? उत्तर— व्यक्तित्व का अंग्रेजी शब्द में समान्तर शब्द है (Personality)। यह शब्द लैटिन शब्द के (Persona) के शब्द से बना है जिसका अर्थ (mask) या नकली चेहरा । इस प्रकार शाब्दिक … Read more

नेतृत्व की विभिन्न शैलियाँ कौन-कौन सी हैं ?

नेतृत्व की विभिन्न शैलियाँ कौन-कौन सी हैं ? उत्तर— नेतृत्व की शैलियाँ— शैली का अर्थ है विशेष प्रकार के व्यवहार को प्रदर्शित करना। अतएव नेतृत्व की शैलियों से तात्पर्य नेता के विशिष्ट व्यवहार से है। एक नेता का जो आचरण तथा काम करने का ढंग होता है उसे ही नेतृत्व की शैली कहा जाता है। … Read more

व्यक्तित्व मापन में प्रेक्षण परीक्षणों का क्या महत्त्व है?

व्यक्तित्व मापन में प्रेक्षण परीक्षणों का क्या महत्त्व है? उत्तर– व्यक्तित्व मापन में प्रेक्षण परीक्षणों का महत्त्व – प्रक्षेपीय परीक्षणों के महत्त्व को निम्नलिखित बिन्दुओं में स्पष्ट किया जा सकता है— (1) अचेतन मन का अध्ययन – व्यक्ति की जो इच्छाएँ पूरी नहीं हो पाती हैं वे उसके अचेतन मन में इकट्ठी होती रहती हैं … Read more

परिपक्वता की परिभाषा दीजिए एवं अधिगम से इसके सम्बन्ध को बताइये ।

परिपक्वता की परिभाषा दीजिए एवं अधिगम से इसके सम्बन्ध को बताइये । उत्तर— परिपक्वता का अर्थ – जब बच्चे अपनी आयु के अनुसार अपने से बड़े लोगों की आशाओं के अनुरूप उपयुक्त कार्य करते हैं तो वे परिपक्व कहलाते हैं । अर्थात् जब बालक निश्चित मानकों एवं प्रौढ़ों की आशाओं के अनुरूप ऐसे आचरण करते … Read more

‘उद्दीपन प्रसूत व्यवहार’ एवं ‘क्रिया प्रसूत व्यवहार’ में अन्तर समझाइये ।

‘उद्दीपन प्रसूत व्यवहार’ एवं ‘क्रिया प्रसूत व्यवहार’ में अन्तर समझाइये । उत्तर— ‘उद्दीपन प्रसूत व्यवहार’ एवं ‘क्रिया प्रसूत व्यवहार’ में अन्तर निम्नलिखित प्रकार हैं— उद्दीपन प्रसूत व्यवहार — 1. इसके प्रतिपादक रूसी वैज्ञानिक पावलॉव (1927) है। इसे उद्दीपन प्रकार (S-type) कहते हैं। 2. यह उद्दीपन उन्मुख है (S-R) (उद्दीपन) – अनुक्रिया पर आधारित । 3. … Read more

धीमी गति से सीखने वाले बालकों की विशेषताएँ लिखिए।

धीमी गति से सीखने वाले बालकों की विशेषताएँ लिखिए। उत्तर— धीमी गति से सीखने वाले बालकों की विशेषताएँ– धीम गति से सीखने वालों में संज्ञानात्मक क्षमता सीमित होती है व वे सीखने की स्थितियों के साथ डोप करने और अमूर्त रूप से तर्क करने में विफल रहते हैं। उनमें रटने- सीखने में सफल होने की … Read more

चेतना के तीन स्तरों का वर्णन कीजिए।

चेतना के तीन स्तरों का वर्णन कीजिए। उत्तर— मानव मस्तिष्क को पहले एक एक ही रूप, चेतन रूप में जाना जाता था। लेकिन मनोविज्ञान ने चेतन मस्तिष्क के साथ-साथ अचेतन व अर्द्धचेतन मन की बात भी की है। सबसे पहले फ्रायड ने अचेतन मस्तिष्क का विधिवत अध्ययन किया है। मनोविश्लेषणवाद में चेतना के निम्नलिखित तीन … Read more