व्याख्या करें–

व्याख्या करें– “खेत हैं जहाँ धान के, बहती नदी के किनारे फिर आऊँगा लौट कर एक दिन – बंगाल में;” उत्तर :- प्रस्तुत व्याख्येय पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्य-पुस्तक के ‘लौटकर आऊँगा फिर’ शीर्षक से उद्धत हैं। इस अंश से पता चलता है कि कवि अगले जन्म में भी अपनी मातृभूमि बंगाल में ही जन्म लेना … Read more

‘जीवनानंद दास द्वारा रचित “लौटकर आऊँगा फिर’ शीर्षक कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखें।

‘जीवनानंद दास द्वारा रचित “लौटकर आऊँगा फिर’ शीर्षक कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखें। उत्तर :- ‘लौटक र आऊँगा फिर’ शीर्षक कविता राष्ट्रीय चेतना की कविता है जिसमें कवि का अपनी मातृभूमि तथा अपने देश की प्रकृति के प्रति उत्कट-प्रेम अभिव्यक्त हुआ है। कवि अपने नश्वर जीवन के बाद पुन: अपनी मातृभूमि बंगाल में … Read more

‘लौटकर आऊँगा फिर’ कविता के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।

‘लौटकर आऊँगा फिर’ कविता के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- यहाँ उद्देश्य के आधार पर शीर्षक रखा गया है। कवि की उत्कट इच्छा मातृभूमि पर पुनर्जन्म की है। इससे कवि के हृदय में मातृभूमि के प्रति प्रेम दिखाई पड़ता है। शीर्षक कविता के चतुर्दिक घूमती है। शीर्षक को केन्द्र में रखकर ही … … Read more

कवि किस तरह के बंगाल में एक दिन लौटकर आने की बात करता है ?

कवि किस तरह के बंगाल में एक दिन लौटकर आने की बात करता है ? उत्तर :- बंगाल के घास के मैदान, कपास के पेड़, वनों में पक्षियों की चहचहाहट एवं सारस की शोभा अनुपम छवि निर्मित करते हैं। बंगाल की इस अनुपम, सुशोभित एवं रमणीय धरती पर कवि पुनर्जन्म लेने की बात करते हैं। … Read more

कवि अगले जीवन में क्या-क्या बनने की संभावना व्यक्त करता है, और क्यों ?

कवि अगले जीवन में क्या-क्या बनने की संभावना व्यक्त करता है, और क्यों ? उत्तर :- कवि को अपनी मातृभूमि प्रेम में विह्वल होकर चिड़ियाँ; कौवा, हंस, उल्लू, सारस बनकर पुनः बंगाल की धरती पर अवतरित होना चाहते हैं। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here Facebook पर फॉलो करे – Click … Read more

कविता की चित्रात्मकता पर प्रकाश डालिए।

कविता की चित्रात्मकता पर प्रकाश डालिए। उत्तर :- प्रस्तुत कविता की भाषाशैली भी चित्रमयी हो गयी है, प्राकृतिक वर्णन में कहीं-कहीं अनायास ही चित्रात्मकता का प्रभाव भी है । खेतों में हरे-भरे लहलहाते धान, कटहल की छाया, हवा के चलने से झूमती हुई वृक्षों की टहनियाँ, झूले के चित्र की रूपरेखा चित्रित है। आकाश में … Read more

कवि किनके बीच अँधेरे में होने की बात करता है ? आशय स्पष्ट करें।

कवि किनके बीच अँधेरे में होने की बात करता है ? आशय स्पष्ट करें। उत्तर :- संध्याकाल जब ब्रह्मांड में अंधेरा का वातावरण उपस्थित होने लगता है उस समय सारस के झुंड अपने घोंसलों की ओर लौटते हैं तो उनकी सुन्दरता मन को मोह लेती है। यह सुन्दरतम दृश्य कवि को भाता है और इस … Read more

कविता में आए बिंबों का सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।

कविता में आए बिंबों का सौंदर्य स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- कवि ने प्राकृतिक सौंदर्य के वातावरण में बिम्बों की स्थापना सौंदर्यपूर्ण चित्रमयी शैली में किया है। बंगाल की नवयुवतियों के रूप में अपने पैरों में धुंघरू बाँधने का बिम्ब उपस्थित किया है। हवा का झोंका तथा वृक्षों की डाली को झूला के रूप में प्रदर्शित … Read more

अगले जन्मों में बंगाल में आने की क्या सिर्फ कवि की इच्छा है? स्पष्ट कीजिए।

अगले जन्मों में बंगाल में आने की क्या सिर्फ कवि की इच्छा है? स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- अगले जम्मों में बंगाल में आने की प्रबल इच्छा तो कवि की है ही। लेकिन, इसकी अपेक्षा जो बंगालप्रेमी हैं, जिन्हें बंगाल की धरती के प्रति आस्था और विश्वास है, कवि उन लोगों का भी प्रतिनिधित्व कर रहे … Read more

“गमले-सा टूटता हुआ उसका ‘ग’/घड़े-सा लुढ़कता हुआ उसका ‘घ’ ” की व्याख्या कीजिए।

“गमले-सा टूटता हुआ उसका ‘ग’/घड़े-सा लुढ़कता हुआ उसका ‘घ’ ” की व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत व्याख्येय पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्य पुस्तक के ‘अक्षर-ज्ञान’ शीर्षक से उद्धृत हैं। प्रस्तुत अंश में हिन्दी साहित्य की समसामयिक कवयित्री अनामिका ने अक्षर-ज्ञान की प्रारंभिक शिक्षण-प्रक्रिया में संघर्षशीलता का मार्मिक वर्णन किया है। कवयित्री कहती हैं कि बच्चों को … Read more