आशय स्पष्ट कीजिए :
आशय स्पष्ट कीजिए : “मैं तुम्हारा वेश हूँ, तुम्हारी वृत्ति हूँ मुझे खोकर तुम अपना अर्थ खो बैठोगे ?” उत्तर :- प्रस्तत पद्यांश में कवि ने भक्त को भगवान की अस्मिता माना है। भगवान का वास्तविक स्वरूप भक्त में है। भक्त भगवान का सबकुछ है। भगवान का रूप, वेश, रंग, कार्य सब भक्त में निहित … Read more