कवि रेनर मारिया रिल्के रचित कविता ‘मेरे बिना तुम प्रभु’ का सारांश अपने शब्दों में प्रस्तुत करें।
कवि रेनर मारिया रिल्के रचित कविता ‘मेरे बिना तुम प्रभु’ का सारांश अपने शब्दों में प्रस्तुत करें। उत्तर :- भक्त कवि रिल्के अपने प्रभु से करता है-प्रभु, जब मेरा अस्तित्व ही नहीं रहेगा, तब तुम क्या करोगे? मैं ही तुम्हारा जलपात्र हूँ, मैं ही तुम्हारी मदिरा हूँ। जब जलपात्र टूटकर बिखर जाएगा और मदिरा सूख … Read more