इंद्रियों का बुद्धिपूर्वक, उपयोग सीखना क्यों जरूरी है ?

इंद्रियों का बुद्धिपूर्वक, उपयोग सीखना क्यों जरूरी है ? उत्तर :- इन्द्रियों का बुद्धिपूर्वक उपयोग उसकी बुद्धि के विकास का जल्द-से-जल्द और उत्तम तरीका है। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here Facebook पर फॉलो करे – Click Here Facebook ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here Google News ज्वाइन करे – Click Here

गाँधीजी बढ़िया शिक्षा किसे कहते हैं ?

गाँधीजी बढ़िया शिक्षा किसे कहते हैं ? उत्तर :- आहिसक प्रतिरोध का गाधाजी बढ़िया शिक्षा कहते हैं। यह शिक्षा अक्षर-ज्ञान से पूर्व मिलना चाहिए। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here Facebook पर फॉलो करे – Click Here Facebook ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here Google News ज्वाइन करे – Click Here

“बिस्मिल्ला खाँ का मतलब बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई।’ एक कलाकार के रूप में बिस्मिल्ला खाँ का परिचय पाठ के आधार पर दें।

“बिस्मिल्ला खाँ का मतलब बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई।’ एक कलाकार के रूप में बिस्मिल्ला खाँ का परिचय पाठ के आधार पर दें। अथवा, एक कलाकार के रूप में बिस्मिल्ला खाँ का परिचय ‘नौवतखाने में इबादत’ शीर्षक पाठ के आधार पर दें। उत्तर :- बिस्मिल्ला खाँ एक उत्कृष्ट कलाकार थे। शहनाई के माध्यम से उन्होंने संगीत-साधना … Read more

आशय स्पष्ट करें – “काशी को संस्कृति की पाठशाला है “

आशय स्पष्ट करें – “काशी को संस्कृति की पाठशाला है “ उत्तर :- काशी को संस्कृति की पाठशाला कहा गया है। यह भारत की ज्ञान नगरी रही है । यहाँ भारतीय शास्त्रों का ज्ञान है। यहाँ कला-शिरोमणि रहते हैं। यहाँ का इतिहास पुराना है। यह प्रकांड विद्वानों, धर्मगुरुओं तथा कला प्रेमियों की नगरी है, अर्थात् … Read more

पठित पाठ के आधार पर बिस्मिल्ला खाँ के बचपन का वर्णन करें।

पठित पाठ के आधार पर बिस्मिल्ला खाँ के बचपन का वर्णन करें। उत्तर :- अमीरुद्दीन यानी उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ चार साल की उम्र में ही नाना की शहनाई को सुनते और शहनाई को ढूँढते थे। उन्हें अपने मामा का सान्निध्य भी बचपन में शहनाईवादन की कौशल विकास में लाभान्वित किया । 14 साल की उम्र … Read more

बिस्मिल्ला खाँ जब काशी से बाहर प्रदर्शन करते थे तो क्या करते थे ? इससे हमें क्या सीख मिलती है ?

बिस्मिल्ला खाँ जब काशी से बाहर प्रदर्शन करते थे तो क्या करते थे ? इससे हमें क्या सीख मिलती है ? उत्तर :- बिस्मिल्ला खाँ जब कभी काशी से बाहर होते तब भी काशी विश्वनाथ को नहीं भूलते। काशी से बाहर रहने पर वे उस दिशा में मुँह करके थोड़ी देर तक शहनाई अवश्य बजाते … Read more

पठित पाठ के आधार पर मुहर्रम पर्व से बिस्मिल्ला खाँ के जुड़ाव का परिचय दे।

पठित पाठ के आधार पर मुहर्रम पर्व से बिस्मिल्ला खाँ के जुड़ाव का परिचय दे। उत्तर :- महर्रम से बिस्मिल्ला खाँ का अत्यधिक जडाव था। महर्रम के महीने में वे न तो शहनाई बजाते थे और न ही किसी संगीत-कार्यक्रम में सम्मिलित होते थे । मुहर्रम की आठवीं तारीख को बिस्मिल्ला खाँ खड़े होकर ही … Read more

“संगीतमय कचौडी” का आप, क्या, अर्थ समझते हैं ?

“संगीतमय कचौडी” का आप, क्या, अर्थ समझते हैं ? उत्तर :- कुलसुम हलवाइन की कचौड़ी को संगीतमय कहाँ गया है । वह जैब बहुत गरम घी में कचौड़ी डालती थी, तो उस समय छन्न से आवाज उठती थी जिसमें अमीरुद्दीन को संगीत के आरोह-अवरोह की आवाज सुनाई देती थी। इसीलिए कचौड़ी को ‘संगीतमय कचौड़ी’ कहा … Read more

सुषिर वाद्य किन्हें कहा जाता है ? ‘शहनाई’ शब्द की व्युत्पत्ति किस प्रकार हुई ?

सुषिर वाद्य किन्हें कहा जाता है ? ‘शहनाई’ शब्द की व्युत्पत्ति किस प्रकार हुई ? उत्तर :- सुशीर वाद्य ऐसे वाद्य हैं, जिनमें नाड़ी( नरकट या रीड ) होती है । जिन्हे फूँककर बजाया जाता है। अरब देशों में ऐसे वाद्यों को नय कहा जाता है और उनमें शाह को शहनाई की उपाधि दी गई … Read more

बिस्मिल्ला खाँ सजदे में किस चीज के लिए गिड़गिड़ाते थे ? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन- सा पक्ष उद्घाटित होता है ?

बिस्मिल्ला खाँ सजदे में किस चीज के लिए गिड़गिड़ाते थे ? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन- सा पक्ष उद्घाटित होता है ? उत्तर :- बिस्मिल्लाह खान इबादत में खुदा के सामने झुकते तो सजद में गिड़ागड़ाकर खुदा से सच्चे सुर का वरदान माँगते । इससे पता चलता है कि खाँ साहब धार्मिक, संवेदनशील एवं निरभिमानी … Read more