कहानी के विभिन्न तत्त्व क्या हैं ?

कहानी के विभिन्न तत्त्व क्या हैं ?  उत्तर— कहानी के तत्त्व–कहानी के मुख्य तत्त्व निम्न हैं— (1) कथानक—कहानी के अंदर जो कहानी चलती है उसे कथानक कहते हैं । यह कथानक किसी एक या कुछ प्रसंगों पर आधारित होता है। उसमें किसी एक घटना का चित्रण अथवा किसी प्रसंग विशेष में किसी पात्र की मनोदशा … Read more

विभिन्न प्रकार की विज्ञानों को पढ़ने का क्या उद्देश्य है?

विभिन्न प्रकार की विज्ञानों को पढ़ने का क्या उद्देश्य है?                                 अथवा विज्ञान पठन से आप क्या समझते हैं ? इसके उद्देश्यों को लिखिए। उत्तर— विज्ञान का पठन–वर्तमान समय में विज्ञान मानव जीवन का मुख्य हिस्सा भाग बन चुका है। … Read more

‘जीवनी लेखन’ के बारे में आप क्या जानते हैं ?

‘जीवनी लेखन’ के बारे में आप क्या जानते हैं ?                                    अथवा जीवनी किसे कहते हैं ? उत्तर— जीवनी–जीवनी हिन्दी साहित्य की महत्त्वपूर्ण विधा है जिसने हिन्दी गद्य साहित्य के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। जीवनी में वर्णित … Read more

‘हास्यजनक कहानियों’ के बारे में लिखिए।

‘हास्यजनक कहानियों’ के बारे में लिखिए। उत्तर— हास्यजनक कहानियाँ—चयनित विषयवस्तु में हास्य कथाओं का समावेश आवश्यक होता है क्योंकि जब तक छात्रों का कक्षा-कक्ष में मनोरंजन नहीं होगा तब तक उनकी रुचि कक्षा-कक्ष में नहीं होगी। इसलिये प्रत्येक शिक्षक से यह अपेक्षा की जाती है कि उसको अपने स्तर से सभी छात्रों का मनोरंजन करना … Read more

आत्मकथा का क्या महत्त्व है ?

आत्मकथा का क्या महत्त्व है ?  उत्तर— आत्मकथा का महत्त्व—आत्मकथा का महत्त्व निम्न प्रकार से है— (i) लेखकों, कवियों एवं साहित्यकारों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के विषय में प्रामाणिक अन्तःसाक्ष्यों की संप्राप्ति करना । (ii) अनन्य प्राप्त तथ्यों की तुलना में सत्यांकित इतिहास और भावात्मक सत्य के चित्रण का सुदृढ़ आश्वासन देना । (iii) कवियों, … Read more

अच्छी कहानी लेखन हेतु सुझाव दीजिए ।

अच्छी कहानी लेखन हेतु सुझाव दीजिए ।  उत्तर— अच्छी कहानी लेखन हेतु निम्न सुझाव दिये गये हैं– (i) कहानी के प्रस्तुतीकरण की भाषा सरल, सरस कथानक होनी चाहिए। कहानी को पुस्तक से पढ़ा न जाय अपितु शिक्षक को मौखिक रूप में कहना चाहिए। कहानी में एक उद्देश्य छिपा होना चाहिए। (ii) मौखिक प्रस्तुतीकरण के साथ … Read more

गाँधीजी की नई सामाजिक व्यवस्था के सिद्धान्त को समझाइये ।

गाँधीजी की नई सामाजिक व्यवस्था के सिद्धान्त को समझाइये । उत्तर— नई सामाजिक व्यवस्था के सिद्धान्त–ऐसी में पूर्णत: असन्तुष्ट और दुःखी होकर गाँधीजी ने एक नई सामाजिक व्यवस्था बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने इस व्यवस्था के निम्नलिखित मूल सिद्धान्तों को सुझाया— (1) बन्धुत्व—मानव जाति की बंधुत्व भावना सम्पूर्ण मानवजाति की एकता के लिए आवश्यक थी। … Read more

‘विषय- केन्द्रित पाठ्यक्रम’ पर टिप्पणी लिखिए ।

‘विषय- केन्द्रित पाठ्यक्रम’ पर टिप्पणी लिखिए । उत्तर— विषय केन्द्रित पाठ्यक्रम—विषय केन्द्रित पाठ्यक्रम को परम्परागत पाठ्यक्रम भी कहते हैं । पाठ्यक्रम के स्वरूप में विषय-वस्तु को अधिक महत्त्व दिया जाता है। इस प्रकार के पाठ्यक्रम में बालक तथा उसकी रुचियों एवं योग्यताओं को कोई महत्त्व नहीं दिया जाता है । इसमें शिक्षक ही सर्वेसर्वा होता … Read more

जीवन-केन्द्रित पाठ्यक्रम क्या है ? यह किन सिद्धान्तों पर आधारित है? लिखिए।

जीवन-केन्द्रित पाठ्यक्रम क्या है ? यह किन सिद्धान्तों पर आधारित है? लिखिए।  उत्तर— जीवन-केन्द्रित पाठ्यक्रम–शिक्षा को जीवन के लिए तैयारी माना जाता है। इसका तात्पर्य है कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिये जो बालक में ऐसी योग्यताएँ तथा क्षमताएँ विकसित करें जो उसके भावी जीवन को सफल बना सके। बचपन में प्राप्त शिक्षा ऐसी हो जिसके … Read more

कोर पाठ्यक्रम क्या है ? इसके गुण-दोषों का उल्लेख कीजिए ।

कोर पाठ्यक्रम क्या है ? इसके गुण-दोषों का उल्लेख कीजिए । उत्तर— कोर पाठ्यक्रम—विषय केन्द्रित तथा बाल केन्द्रित पाठ्यक्रमों के अपने-अपने दोष तथा कमियाँ हैं। इन कमियों के कारण इन दोनों ही प्रकार के पाठ्यक्रमों के विरुद्ध प्रतिक्रिया के फलस्वरूप कोर पाठ्यक्रम का विकास किया गया । आधुनिक युग की सामाजिक अव्यवस्था के लिए अमेरिका … Read more