स्वीकृत विषय-वस्तु के सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए।

स्वीकृत विषय-वस्तु के सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए। उत्तर— स्वीकृत विषय-वस्तु के सिद्धान्त—जिस विषय की पाठ्य वस्तु का निर्माण हो रहा हो, पाठ्य सामग्री भी उसके उद्देश्यों के अनुरूप होनी चाहिए। कई बार हमें सामाजिक अध्ययन और विज्ञान का पाठ एक जैसा लगता है। लेकिन दोनों के अपने-अपने उद्देश्य हैं, इसलिए अपेक्षित सामग्री भी अलगं होगी। … Read more

पाठ्यक्रम की क्या आवश्यकता हैं ?

पाठ्यक्रम की क्या आवश्यकता हैं ? उत्तर— विद्यालय में पाठ्यक्रम की आवश्यकता–शिक्षा की आवश्यकता और पाठ्यक्रम की आवश्यकता समान है लेकिन ऐतिहासिक समीक्षा से ज्ञात होता है कि ये आवश्यकताएँ बदलती रही हैं। इसलिए पाठ्यक्रम की आवश्यकता के कारण निम्नलिखित प्रकार हैं— (1) ज्ञान प्राप्त करने के लिए अन्य जीवों से प्रमुख भिन्नता मानवीय ज्ञान … Read more

आतिथ्य के बारे में वर्णन कीजिए।

आतिथ्य के बारे में वर्णन कीजिए। उत्तर— आतिथ्य–आतिथ्य सत्कार का तात्पर्य पाठ्यक्रम के पहलू से है जो कि मुख्यतः विद्यालय सांस्कृतिक पक्ष से सम्बन्धित होता है । आतिथ्य सत्कार के द्वारा बालकों में नैतिक, सांस्कृतिक तथा सामाजिक उच्च विचारों को बढ़ावा दिया जाता है। प्रत्येक बालक में इस प्रकार की भावना का होना अति अनिवार्य … Read more

पाठ्यक्रम निर्माण के चरण दीजिए।

पाठ्यक्रम निर्माण के चरण दीजिए।  उत्तर— पाठ्यक्रम निर्माण के चरण- पाठ्यक्रम निर्माण के प्रमुख चरण निम्नलिखित प्रकार हैं— (1) शिक्षण उद्देश्य–सभी साधनों का प्रयोग उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये किया जाता है। पाठ्यवस्तु एक साधन है उद्देश्यों को प्राप्त करने की दृष्टि से । (2) शिक्षण विधि तथा पाठ्यवस्तु–छात्रों में अपेक्षित व्यवहार परिवर्तन के लिये … Read more

“पैनल परिचर्चा” से क्या अभिप्राय है ? इसकी विशेषताओं का विवेचना कीजिए।

“पैनल परिचर्चा” से क्या अभिप्राय है ? इसकी विशेषताओं का विवेचना कीजिए। उत्तर— पैनल परिचर्चा पैनल–(नामिका) परिचर्चा या दल वादविवाद विधि आधुनिक व्यवस्था सिद्धान्त पर आधारित है। परिचर्चा का वातावरण लोकतांत्रिक होता है। इसकी यह धारणा है कि व्यवस्था के सदस्य में अपनी अभिवृत्तियाँ, अभिरुचियाँ, मूल्य, आदर्श तथा अपनेअपने लक्ष्य होते हैं। इसके अतिरिक्त उनमें … Read more

आगमन व निगमन विधि के अन्तर को स्पष्ट कीजिए।

आगमन व निगमन विधि के अन्तर को स्पष्ट कीजिए।  उत्तर— आगमन व निगमन विधि में अन्तर–आगमन व निगमन विधि में अन्तर को निम्नानुसार से समझा जा सकता है— आगमन विधि— (1) इस विधि में विशिष्ट से सामान्य की ओर अग्रसर होते हैं। (2) विशिष्ट उदाहरणों की सहायता से सामान्य सिद्धान्त तर्क द्वारा ज्ञात किए जाते … Read more

प्रायोजना विधि के सोपान और प्रकारों की विवेचना कीजिए ।

प्रायोजना विधि के सोपान और प्रकारों की विवेचना कीजिए ।  उत्तर— प्रायोजना विधि में शिक्षण के सोपान पद—योजना विधि से शिक्षण करते समय निम्नलिखित पदों का अनुसरण करना पड़ता है— (1) परिस्थिति उत्पन्न करना–योजना विधि में शिक्षक बालकों के ऊपर कोई कार्य थोपता नहीं है वरन् वह बालकों से विचार-विमर्श करके ऐसी परिस्थिति उत्पन्न करता … Read more

गणित विषय की अधिगम की अनौपचारिक प्रविधियों की व्याख्या कीजिए ।

गणित विषय की अधिगम की अनौपचारिक प्रविधियों की व्याख्या कीजिए ।  उत्तर— गणित विषय की अधिगम की अनौपचारिक प्रविधियाँ–प्रविधि किसी युक्ति के अन्तर्गत प्रयोग की जाती है। शिक्षक की वास्तविक क्रियाएँ ही प्रविधि कहलाती है। किसी भी युक्ति को एक विशेष रूप देती है। उदाहरण के रूप में प्रश्न करना एक युक्ति है। परन्तु प्रश्न … Read more

प्रायोजना विधि” से आप क्या समझते हैं ? क्या यह विधि भारतीय विद्यालयों में व्यावहारिक है ? अपने स्वयं के अनुभवों से ठोस उदाहरण देते हुए अपने उत्तर का औचित्य प्रतिपादित कीजिए ।

प्रायोजना विधि” से आप क्या समझते हैं ? क्या यह विधि भारतीय विद्यालयों में व्यावहारिक है ? अपने स्वयं के अनुभवों से ठोस उदाहरण देते हुए अपने उत्तर का औचित्य प्रतिपादित कीजिए ।  उत्तर—”प्रायोजना विधि”–योकम व सिम्पसन के अनुसार, प्रोजेक्ट स्वाभाविक वातावरण में किये जाने वाले स्वाभाविक एवं जीवनतुल्य कार्य की एक बड़ी इकाई होती … Read more

सामाजिक अध्ययन शिक्षण की मुख्य विधियाँ कौनसी हैं ? ‘स्रोत विधि’ एवं पर्यवेक्षित विधि का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

सामाजिक अध्ययन शिक्षण की मुख्य विधियाँ कौनसी हैं ? ‘स्रोत विधि’ एवं पर्यवेक्षित विधि का संक्षिप्त वर्णन कीजिए। उत्तर— सामाजिक अध्ययन शिक्षण की प्रमुख विधियाँ– सामाजिक अध्ययन शिक्षण की प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं— (1) व्याख्यान विधि (2) प्रयोजन विधि (3) पर्यवेक्षित अध्ययन विधि (4) कहानी कथन विधि (5) आत्मकथा विधि (6) स्रोत विधि (7) मस्तिष्क … Read more