व्यावसायिक शिक्षा के विषय में विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग द्वारा किए गए प्रावधानों को स्पष्ट कीजिए।

व्यावसायिक शिक्षा के विषय में विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग द्वारा किए गए प्रावधानों को स्पष्ट कीजिए। उत्तर— व्यावसायिक शिक्षा के विषय में विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग द्वारा किये गए प्रावधान— (1) कृषि– कृषि को एक प्रधान राष्ट्रीय समस्या मानकर राष्ट्रीय आर्थिक योजना में प्राथमिकता देते हुए प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के स्तर पर महत्त्वपूर्ण स्थान दिए … Read more

शिक्षा के अधिकार अधिनियम की विशेषताएँ बताइये ।

शिक्षा के अधिकार अधिनियम की विशेषताएँ बताइये । उत्तर— राज्य में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 जो 1 अप्रैल, 2010 से लागू है। राजस्थान प्रारम्भिक शिक्षा परिषद्/ सर्वशिक्षा अभियान को राज्य में आर.टी.ई. लागू करने हेतु नोडल एजेन्सी बनाया गया है। इसके अन्तर्गत राज्य ने नियम निर्मित कर 29 मार्च, 2010 से लागू … Read more

1986 की शिक्षा नीति के मुख्य बिन्दु बताइये ।

1986 की शिक्षा नीति के मुख्य बिन्दु बताइये ।  उत्तर—1986 की शिक्षा नीति के मुख्य बिन्दु–निम्नलिखित प्रकार हैं— (1) पूरे देश में 10+2+3 शिक्षा संरचना लागू की जायेगी। (2) प्राथमिक शिक्षा 14 वर्ष की आयु तक नि:शुल्क एवं अनिवार्य उपलब्ध कराई जायेगी । (3) प्राथमिक शिक्षा में अपव्यय पर रोक लगाई जायेगी । (4) स्त्री … Read more

सर्व शिक्षा अभियान क्या है ? इसके उद्देश्यों का वर्णन कीजिए ।

सर्व शिक्षा अभियान क्या है ? इसके उद्देश्यों का वर्णन कीजिए ।  उत्तर— सर्व शिक्षा अभियान– हमारे संविधान की धारा 45 में स्पष्ट निर्देश था कि सभी राज्य इस संविधान के लागू होने के 10 वर्ष के अन्दर 14 वर्ष तक के सभी छात्रों की अनिवार्य एवं निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था कर लें। इस सम्बन्ध … Read more

माध्यमिक शिक्षा आयोग द्वारा दिए गए शिक्षकप्रशिक्षण हेतु सुझावों का वर्णन कीजिए ।

माध्यमिक शिक्षा आयोग द्वारा दिए गए शिक्षकप्रशिक्षण हेतु सुझावों का वर्णन कीजिए । उत्तर— माध्यमिक शिक्षा आयोग द्वारा दिए गए शिक्षकप्रशिक्षण हेतु सुझाव– आयोग का कार्य क्षेत्र माध्यमिक शिक्षा में सांगोपांग परिवर्तन एवं संशोधन था अतः शिक्षक प्रशिक्षण की प्रक्रिया हेतु भी सुझाव प्रस्तुत किये गये । प्रमुख अनुशंसाएँ निम्नांकित हैं— (1) शिक्षकों का परिवीक्षा … Read more

भारतीय संविधान में वर्णित मूल अधिकारों तथा कर्त्तव्यों को स्पष्ट कीजिए तथा इसकी परस्पर अन्तर्निर्भरता की विवेचना कीजिए।

भारतीय संविधान में वर्णित मूल अधिकारों तथा कर्त्तव्यों को स्पष्ट कीजिए तथा इसकी परस्पर अन्तर्निर्भरता की विवेचना कीजिए।  उत्तर— अधिकार मानव के अस्तित्व के लिए तथा सामाजिक जीवन के लिए परमावश्यक है। अधिकारों के बिना व्यक्ति के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। अधिकार सम्बन्धी किसी भी विचारधारा में तीन बातें पायी जाती हैं— … Read more

शिक्षा के संवैधानिक प्रावधानों की अवधारणा व उद्देश्य क्या हैं ?

शिक्षा के संवैधानिक प्रावधानों की अवधारणा व उद्देश्य क्या हैं ?  उत्तर— शिक्षा के उद्देश्य से सम्बन्धित संवैधानिक दृष्टिकोण– शिक्षा के कुछ ऐसे सामान्य उद्देश्य हैं जिन्हें सामान्य रूप से देश के संवैधानिक दृष्टिकोण और समाज स्वीकृति देते हैं। शिक्षा के ये सामान्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं– (1) ज्ञान का उद्देश्य– ‘विद्या के लिए विद्या’ ज्ञान … Read more

भारत में शिक्षा के लिए संवैधानिक प्रावधानों की विस्तार से विवेचना कीजिए ।

भारत में शिक्षा के लिए संवैधानिक प्रावधानों की विस्तार से विवेचना कीजिए ।  उत्तर— भारत में शिक्षा के लिए संवैधानिक प्रावधान निम्नलिखित प्रकार हैं— (1) अनुच्छेद 28 (Article 28)–यह अनुच्छेद शैक्षिक संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा प्रदान करने से सम्बन्धित व्यवस्थाओं की चर्चा करता है। यह प्रत्यक्ष रूप से शिक्षा से जुड़ा अनुच्छेद है। इस अनुच्छेद … Read more

भारतीय संविधान में प्रतिपादित राज्य के नीति निर्देशक सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए।

भारतीय संविधान में प्रतिपादित राज्य के नीति निर्देशक सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए।  उत्तर— भारतीय संविधान में प्रतिपादित राज्य के नीति निर्देशक सिद्धान्त राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व संविधान के भाग 4 में अनुच्छेद 36 से 51 तक दिये गये हैं। इन्हें संविधान निर्माताओं ने आयरलैण्ड के संविधान से लिया है। ये राज्य की कार्यपालिका व … Read more

नागरिकों के अधिकार एवं कर्त्तव्यों को परिभाषित कीजिए । संवैधानिक मूल्य तथा शिक्षा के उद्देश्यों से इनका क्या सम्बन्ध है ?

नागरिकों के अधिकार एवं कर्त्तव्यों को परिभाषित कीजिए । संवैधानिक मूल्य तथा शिक्षा के उद्देश्यों से इनका क्या सम्बन्ध है?    उत्तर— नागरिकों के अधिकार– व्यक्ति एक सामाजिक प्राणी है, अन्य व्यक्तियों के साथ जीवन-यापन करता है। समाज में ही उसके व्यक्तित्व का विकास होता है तथा वह पूर्णता को प्राप्त करता है। यदि उसे … Read more