पाठ्यक्रम निर्माण के सोपान लिखिए।

पाठ्यक्रम निर्माण के सोपान लिखिए।  उत्तर—  पाठ्यक्रम निर्माण के सोपानः पाठ्यचर्या निर्माण का कार्य एक विशेष प्रकार का कार्य है। इसके लिए प्राप्त किए जाने वाले उद्देश्यों तथा दिए जाने वाले अधिगम अनुभवों तथा पाठ्यक्रम की क्रियाओं द्वारा छात्रों में लाए जाने वाले परिवर्तनों आदि का बोध पाठ्यचर्या निर्माणकर्ता को होना चाहिए। हमें उस क्रम … Read more

बालकेन्द्रित पाठ्य की क्या-क्या विशेषताएँ हैं?

बालकेन्द्रित पाठ्य की क्या-क्या विशेषताएँ हैं?  उत्तर— बालकेन्द्रित पाठ्य की प्रमुख विशेषताएँ– पाठ्यक्रम की प्रमुख विशेषतायें निम्न प्रकार हैं— (1) इस पाठ्यक्रम में बालकों की परिवर्तित आवश्यकताओं रुचियों, अभिरुचियों, संवेगों आदि को आधार बनाया जाता है। (2) यह पाठ्यक्रम क्रियात्मक होता है। (3) यह शिक्षार्थियों को साभिप्राययुक्त (Purposeful) अनुभव प्रदान करता है। (4) यह बालकों … Read more

विषयकेन्द्रित पाठ्यक्रम की कोई चार सीमाएँ लिखिए।

विषयकेन्द्रित पाठ्यक्रम की कोई चार सीमाएँ लिखिए। उत्तर— विषयकेन्द्रित पाठ्यक्रम की सीमायें: इस पाठ्यक्रम की प्रमुख कमियाँ अथवा दोष निम्नलिखित हैं— (1) यह अपेक्षित व्यवहारगत उद्देश्यों को सीमित कर देता है। (2) इसमें ज्ञान के छोटे-छोटे टुकड़ों में बँट जाने से उसका समुचित उपयोग कर पाना कठिन होता है । (3) इसमें अधिगम अनुभवों का … Read more

टैगोर के पाठ्यक्रम संबंधी विचारों की विवेचना कीजिए ।

टैगोर के पाठ्यक्रम संबंधी विचारों की विवेचना कीजिए । उत्तर— टैगोर के पाठ्यक्रम संबंधी विचार– टैगोर ने तत्कालीन पाठ्यक्रम को दोषयुक्त बताया और एक व्यापक क्रिया प्रधान पाठ्यक्रम की रचना की। इन्होंनें पाठ्यक्रम में इतिहास, भूगोल, प्राकृतिक अध्ययन, साहित्य, भाषा एवं सांस्कृतिक विषयों को शामिल करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि पाठ्यक्रम में … Read more

पाठ्यक्रम से आपका क्या तात्पर्य है? एक परिभाषा दीजिए।

पाठ्यक्रम से आपका क्या तात्पर्य है? एक परिभाषा दीजिए।  उत्तर— पाठ्यवस्तु में निर्धारित पाठ्य-विषयों से संबंधित क्रियाओं का ही समावेश होता है। इस प्रकार पाठ्यवस्तु के अन्तर्गत किसी विषयवस्तु का विवरण शिक्षण के लिए तैयार किया जाता है जिसे शिक्षक छात्रों को पढ़ाता है। परिभाषायें— हेनरी हरेप (Henery Harrap) के अनुसार- “पाठ्यवस्तु (सिलेबस) केवल मुद्रित … Read more

अमूर्त ज्ञान की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।

अमूर्त ज्ञान की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए। उत्तर— अमूर्त ज्ञान की प्रमुख विशेषताएँ: अमूर्त ज्ञान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं— (1) प्रत्यक्ष का अभाव– जिस प्रकार मूर्त ज्ञान में वस्तु प्रत्यक्ष रूप से दृष्टिगोचर होती है उसी प्रकार अमूर्त ज्ञान में वस्तु को प्रत्यक्ष रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता, जैसे- सांख्य योग, ज्ञान मीमांसा … Read more

‘स्थानीय ज्ञान’ की शैक्षिक उपयोगिता को स्पष्ट कीजिए।

‘स्थानीय ज्ञान’ की शैक्षिक उपयोगिता को स्पष्ट कीजिए। उत्तर— स्थानीय ज्ञान– ज्ञान हमारी आत्मा में निहित होता है तथा शिक्षा द्वारा उसे प्रकाश में लाया जाता है। ज्ञान का अपना कोई उद्देश्य नहीं होता है। यह जीवन जीने में सहायक होता है। ज्ञान साधन है, साध्य नहीं। व्याकरण, तर्कशास्त्र, छन्द शास्त्र प्राचीन भाषाएँ आदि विषयों … Read more

सूचना प्राप्ति के स्रोत क्या हैं?

सूचना प्राप्ति के स्रोत क्या हैं?  उत्तर— सूचना: वस्तुतः सूचना एक विशेष प्रकार के आँकड़े होते हैं, जो कि किसी विशेष तथ्य से संबंधित होकर ही अपना अर्थ प्रस्तुत करते हैं। विभिन्न प्रकार की सूचनाओं, जैसे-वस्तु, स्थान, व्यक्तियों, घटनाओं, समय, पर्यावरण, आर्थिक, सांख्यिकी, व्यापारिक सूचनाएँ एकत्रित करना और दूसरों को सूचित करना इसके अन्तर्गत आता … Read more

ज्ञान और कौशल में अंतर कीजिए।

ज्ञान और कौशल में अंतर कीजिए।  उत्तर— ज्ञान और कौशल में अंतरः ज्ञान और कौशल में निम्नलिखित अंतर हैं— (1) ज्ञान प्राप्त करने वाले बालक संज्ञानात्मक योग्यताओं का प्रयोग करके सीखते हैं जबकि कौशल प्राप्त करने वाले बालक करके सीखते हैं । (2) ज्ञान देने के लिए तथ्यों, नियमों व सिद्धान्तों को पढ़ने के लिए … Read more

ज्ञान प्राप्ति के स्रोतों का उल्लेख कीजिए।

ज्ञान प्राप्ति के स्रोतों का उल्लेख कीजिए।  उत्तर— ज्ञान प्राप्ति के स्रोतः ज्ञान प्राप्ति के निम्नलिखित चार स्रोत हैं— ( 1 ) इन्द्रिय अनुभव (2) साक्ष्य (3) तर्क बुद्धि (4) अन्तः प्रज्ञा तथा अन्तः प्रज्ञावाद । (1) इन्द्रिय अनुभव– मनुष्य ज्ञानेन्द्रियों द्वारा ही संसार की वस्तुओं के सम्पर्क में आता है। जब कोई वस्तु हमारे … Read more