शिक्षण में ‘भूमिका निर्वाह’ का महत्व क्या है?

शिक्षण में ‘भूमिका निर्वाह’ का महत्व क्या है?  उत्तर— भूमिका निर्वाह– भूमिका निर्वाह अनुरूपीकृत शिक्षण का एक रूप है। इसका प्रयोग दो रूपों में किया जाता है — (i) शिक्षण कौशलों के विकास के लिए | (ii) शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए। जब हम भूमिका निर्वाह का प्रयोग शिक्षण कौशलों के विकास के लिए … Read more

सिम्पोजियम तकनीकी/विचारगोष्ठी तकनीकी क्या है?

सिम्पोजियम तकनीकी/विचारगोष्ठी तकनीकी क्या है ? उत्तर— विचारगोष्ठी तकनीकी शिक्षण में विचारगोष्ठी का नवीन प्रविधि के रूप में विशेष महत्व है। इसमें किसी भौगोलिक समस्या या प्रकरण का गहन अध्ययन किया जाता है। इसमें भाग लेने वाले प्रत्येक छात्र सदस्य से यह आशा की जाती है कि वह विचारगोष्ठी में विवेचनार्थ समस्या या प्रकरण पर … Read more

काल्पनिक कथाओं और नाटकीय घटनाओं का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

काल्पनिक कथाओं और नाटकीय घटनाओं का अर्थ स्पष्ट कीजिए। उत्तर— काल्पनिक कहानियाँ (कल्पित कथा )– बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाने और संचार पर उनका अधिकार बनाए रखने के लिए उनके मूल पाठों तथा अध्यायों में उपन्यास अथवा ऐसी काल्पनिक कहानियों का समावेश करना चाहिए जिससे बच्चे एक ओर उसमें रुचि लेने के कारण उससे बंधे रहें … Read more

वर्णन प्रविधि का महत्व बताइये।

वर्णन प्रविधि का महत्व बताइये। उत्तर— वर्णन प्रविधि का महत्वः वर्णन प्रविधि का महत्व निम्नलिखित प्रकार है— (i) इस प्रविधि का संबंध किसी व्यक्ति विशेष से नहीं होता है बल्कि सम्पूर्ण जनसंख्या से होता है। (ii) इस प्रविधि का एक विशिष्ट उद्देश्य होता है, उसी को दृष्टिगत रखकर इसका सम्पादन किया जाता है। (iii) इस … Read more

निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए—

निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए— (i) सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक ज्ञान में अंतर (ii) जॉन ड्यूवी के अनुसार शिक्षा के उद्देश्य उत्तर— (i) सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक ज्ञान में अंतर–सामान्य रूप से ज्ञान के प्रमुख दो आयाम व्यावहारिक जगत में पाये जाते हैं जिन्हें सैद्धान्तिक ज्ञान एवं व्यावहारिक ज्ञान के रूप में जाना जाता है। सिद्धान्तों के … Read more

भारतीय शिक्षा में महात्मा गाँधी के योगदान की व्याख्या कीजिए।

भारतीय शिक्षा में महात्मा गाँधी के योगदान की व्याख्या कीजिए। उत्तर— शिक्षा दर्शन– गाँधीजी द्वारा प्रतिपादित शिक्षा के सिद्धान्त सामान्य और सामाजिक दर्शन में व्यवहृत होते हैं। शिक्षा के लक्ष्य, पाठ्यक्रम, शिक्षण प्रविधि, शिक्षा का वित्तीय पहलू तथा समूचे देश की शिक्षा योजना उनके जीवन दर्शन से संचालित है। शिक्षा के लक्ष्य— (1) सर्वांगीण विकास– … Read more

विद्यालय के बाहर ज्ञान के स्रोत पर एक निबंध लिखिए।

विद्यालय के बाहर ज्ञान के स्रोत पर एक निबंध लिखिए। उत्तर— विद्यालय के बाहर ज्ञान– विद्यालयी ज्ञान के अतिरिक्त विद्यालय से बाहर भी बालक अपने परिवार, समाज एवं पर्यावरण में अनेक क्रियाओं के माध्यम से ज्ञान का अर्जन करता है। इस ज्ञान का क्षेत्र विद्यालयी ज्ञान के क्षेत्र से व्यापक होता है क्योंकि विद्यालय में … Read more

ज्ञान प्राप्ति में शिक्षक की भूमिका की विवेचना कीजिए।

ज्ञान प्राप्ति में शिक्षक की भूमिका की विवेचना कीजिए। उत्तर— ज्ञान के निर्माण में शिक्षक की भूमिका: औपचारिक अधिगम का सृष्टा अध्यापक है। यह विद्यालय का आधार है उसका आधार उतना ही महत्वपूर्ण है जितना बालक का विद्यालय में होना । शिक्षा का उद्देश्य बालक के व्यवहार में संशोधन करना है। उनका इस प्रकार विकास … Read more

ज्ञान के उद्देश्य क्या हैं? ज्ञान प्राप्ति की एक विधि का वर्णन कीजिए।

ज्ञान के उद्देश्य क्या हैं? ज्ञान प्राप्ति की एक विधि का वर्णन कीजिए।  उत्तर— ज्ञान के उद्देश्यः ज्ञान के निम्नलिखित उद्देश्य हैं— (1) समस्याओं के समाधान की युक्ति प्रदान करना– ज्ञान, जीवन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए युक्ति प्रदान करता है। बिना ज्ञान के न तो मनुष्य समस्याओं को पहचान सकता है और … Read more

ज्ञान से आपका क्या अभिप्राय है? ज्ञान की प्रकृति एवं प्रकारों की संक्षेप में विवेचना कीजिए ।

ज्ञान से आपका क्या अभिप्राय है? ज्ञान की प्रकृति एवं प्रकारों की संक्षेप में विवेचना कीजिए ।  उत्तर— ज्ञान का आशयः ज्ञान है बाहरी विषयों का आत्मसात । यह व्यक्ति को स्थूलता से सूक्ष्मता की ओर ले जाता है। अर्थात् जहाँ इस प्रकार की मानसिकता पाई जाती है, उसे ज्ञान कहा जा सकता है और … Read more