पठन व्यूहरचना के रूप में प्रारम्भिक पठन को उच्च कोटि का बनाने की गतिविधियों का उल्लेख कीजिए ।

पठन व्यूहरचना के रूप में प्रारम्भिक पठन को उच्च कोटि का बनाने की गतिविधियों का उल्लेख कीजिए । उत्तर— पठन व्यूहरचना के रूप में प्रारम्भिक पठन को प्रभावी एवं सर्वोत्तम बनाने के सामान्य उपाय एवं गतिविधियों को निम्नलिखित रूप में स्पष्ट किया जा सकता है— (1) पूर्ण अनुच्छेद का पठन—छात्राध्यापकों को यह ध्यान रखना चाहिये … Read more

वाद-विवाद पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

वाद-विवाद पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। उत्तर— वाद-विवाद—आधुनिक शैक्षिक विचारधारा के अनुसार बालक को केवल निष्क्रिय श्रोता नहीं माना जाना चाहिए, वरन् उनको सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय बनाए रखने पर जोर दिया जाना चाहिए। बालक जिस ज्ञान को क्रिया करके प्राप्त करता है वह ज्ञान स्थायी होता है। बालक को सक्रिय बनाए रखने के दृष्टिकोण … Read more

पाठ्य पुस्तकों के उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए ।

पाठ्य पुस्तकों के उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए । उत्तर— पाठ्य पुस्तकों के उद्देश्य–पाठ्य पुस्तक साधन है, साध्य नहीं। यदि पाठ्य-पुस्तकों को साध्य मान लें, तो रटना ही प्रमुख होता है लेकिन पाठ्य-पुस्तक का प्रयोजन रटना नहीं हो सकता । पाठ्य पुस्तक के उद्देश्य निम्नलिखित हैं— (i) पाठ्य पुस्तक का सबसे बड़ा उद्देश्य यही है कि … Read more

शोध की आवश्यकता का उल्लेख करते हुए, इसके उद्देश्यों का विवरण दीजिए ।

शोध की आवश्यकता का उल्लेख करते हुए, इसके उद्देश्यों का विवरण दीजिए । उत्तर— शोध की आवश्यकता—अधिकांशतः विद्यार्थियों को अपठित गद्यांश को हल करते समय गद्यांश को समझने और प्रश्नों के उत्तर तलाशने में अधिकांश परीक्षाओं के दौरान कठिनाई का अनुभव होता है तथा विद्यार्थियों में प्रारम्भिक स्तर से ही समझ विकसित नहीं हो पाती … Read more

पाठ्य पुस्तक की आवश्यकता के बारे में उल्लेख कीजिए ।

पाठ्य पुस्तक की आवश्यकता के बारे में उल्लेख कीजिए । उत्तर— पाठ्य पुस्तक की आवश्यकता–’ पाठ्य पुस्तक ‘ वर्तमान समय की शिक्षा प्रणाली का प्रमुख आधार है। इसकी आवश्यकता के सम्बन्ध में निम्न बातें कही जा सकती हैं— शिक्षार्थियों की दृष्टि से पाठ्य पुस्तक की आवश्यकता— (i) छात्र-छात्राएँ अपने ज्ञान के विकास के लिए पाठ्य-पुस्तक … Read more

पत्रिका सम्पादकीय क्या है ? स्पष्ट कीजिए ।

पत्रिका सम्पादकीय क्या है ? स्पष्ट कीजिए ।  उत्तर— पत्रिका सम्पादकीय–पत्रिका प्रकाशन में प्रमुख बात सम्पादन है। सम्पादक जितना चतुर, योग्य विद्वान तथा कार्यकुशल व्यक्ति होगा पत्रिका उतनी ही उत्कृष्ट होगी। पत्र सम्पादक के लिए विद्वान होना उतना आवश्यक नहीं जितना सूझ-बूझ का धनी, मौलिक कल्पनायुक्त तथा गुणग्राही होना । इसी से वह उत्कृष्ट प्रस्तोता … Read more

पैनल परिचर्चा से आप क्या अभिप्राय है ?

पैनल परिचर्चा से आप क्या अभिप्राय है ? उत्तर—  पैनल परिचर्चा–पैनल चर्चा विधि में किसी विषय-वस्तु अथवा प्रकरण पर प्रस्तुतीकरण एक अध्यापक के स्थान पर अध्यापकों अथवा व्यक्तियों के समूह के द्वारा किया जाता है जिसमें भाग लेने वाले सभी अध्यापक अथवा व्यक्ति अपने-अपने विषय के विशेषज्ञ होते हैं जिनके द्वारा प्रदान किया जाने वाला … Read more

सिम्पोजियम तकनीकी/विचारगोष्ठी तकनीकी क्या है ? इसकी प्रक्रिया स्पष्ट कीजिए ।

सिम्पोजियम तकनीकी/विचारगोष्ठी तकनीकी क्या है ? इसकी प्रक्रिया स्पष्ट कीजिए । उत्तर— विचारगोष्ठी तकनीकी (Symposium)—शिक्षण में विचारगोष्ठी का नवीन प्रविधि के रूप में विशेष महत्त्व है। इसमें किसी भौगोलिक समस्या या प्रकरण का गहन अध्ययन किया जाता है। इसमें भाग लेने वाले प्रत्येक छात्र सदस्य से यह आशा की जाती है कि वह विचारगोष्ठी में … Read more

समीक्षा से क्या तात्पर्य है ? स्पष्ट कीजिए ।

समीक्षा से क्या तात्पर्य है ? स्पष्ट कीजिए । उत्तर— समीक्षा–रिव्यू को हिन्दी में पुनरावलोकन, पुनर्विचार या समीक्षा भी कहा जाता है। इसका आशय फिर से विचार करने, तथ्यों को स्मरण करने, उनकी समीक्षा करने तथा महत्त्वपूर्ण निष्कर्षों तक पहुँचने से है। रिव्यू के माध्यम से शिक्षक अपने पाठ को तैयार कर पुनः प्रमुख बिन्दुओं … Read more

भूमिका निर्वाह पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

भूमिका निर्वाह पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।  उत्तर— भूमिका निर्वाह—भूमिका निर्वाह अनुरूपीकृत शिक्षण का एक रूप है। इसका प्रयोग दो रूपों में किया जाता है— (i) शिक्षण कौशलों के विकास के लिए। (ii) शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए। जब हम भूमिका निर्वाह का प्रयोग शिक्षण कौशलों के विकास के लिए करते हैं तो एक छात्राध्यापक … Read more