राज्यपाल की शक्ति और कार्यों तथा इनकी बिहार में भूमिका का वर्णन कीजिए ।

राज्यपाल की शक्ति और कार्यों तथा इनकी बिहार में भूमिका का वर्णन कीजिए । अथवा राज्यपाल की मूल शक्ति तथा उसकी संवैधानिक एवं व्यावहारिक स्थिति के आलोक में परीक्षण करें। प्रश्न का दूसरा भाग सामयिक घटना पर आधारित है। उत्तर – राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रधान होता है। राज्य की संपूर्ण कार्यकारिणी शक्तियां उसमें निहित … Read more

भारतीय संघीय व्यवस्था और केन्द्र राज्य के प्रशासनिक संबंध का राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी परिषद् (NCTC-National Counter Terrorism Centre) के विशेष संदर्भ में वर्णन कीजिए।

भारतीय संघीय व्यवस्था और केन्द्र राज्य के प्रशासनिक संबंध का राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी परिषद् (NCTC-National Counter Terrorism Centre) के विशेष संदर्भ में वर्णन कीजिए। उत्तर- संघीय व्यवस्था में दो स्तर की सरकारें होती हैं। एक केन्द्र के स्तर पर केन्द्र सरकार तथा दूसरी, राज्य के स्तर पर राज्य सरकार । राष्ट्रीय महत्व के विषयों यथा … Read more

न्यायिक पुनरीक्षण से आपका क्या अभिप्राय है? भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित ‘मूल ढांचे’ के सिद्धांत का आलोचनात्मक वर्णन कीजिए।

न्यायिक पुनरीक्षण से आपका क्या अभिप्राय है? भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित ‘मूल ढांचे’ के सिद्धांत का आलोचनात्मक वर्णन कीजिए। अथवा न्यायिक पुनरीक्षण के आशय को समझाएं एवं संविधान के मूल ढांचे को सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न वादों को ध्यान में रखते हुए आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। उत्तर- न्यायिक पुनरीक्षण का आशय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा … Read more

भारतीय संघात्मक व्यवस्था में केन्द्र तथा राज्यों के मध्य तनाव के क्षेत्रों का विश्लेषण कीजिए। वर्तमान समय में संघीय सरकार तथा बिहार राज्य के मध्य संबंधों का वर्णन कीजिए।

भारतीय संघात्मक व्यवस्था में केन्द्र तथा राज्यों के मध्य तनाव के क्षेत्रों का विश्लेषण कीजिए। वर्तमान समय में संघीय सरकार तथा बिहार राज्य के मध्य संबंधों का वर्णन कीजिए। अथवा केन्द्र-राज्य संबंधों की विवेचना कीजिए तथा उन बिन्दुओं की चर्चा करें जिनसे बिहार राज्य एवं केन्द्र सरकार के संबंध प्रभावित हुए।  उत्तर – संघात्मक व्यवस्था … Read more

भारतीय चुनावी राजनीति में जाति की भूमिका का आकलन कीजिए। बिहार के 2015 चुनाव को जाति की भूमिका ने किस सीमा तक प्रभावित किया ?

भारतीय चुनावी राजनीति में जाति की भूमिका का आकलन कीजिए। बिहार के 2015 चुनाव को जाति की भूमिका ने किस सीमा तक प्रभावित किया ? अथवा भारतीय चुनावी राजनीति में जाति के महत्व की चर्चा कीजिए। बिहार 2015 के चुनाव में जाति किस हद तक प्रभावशाली थी? विवेचना कीजिए। उत्तर – भारतीय राजनीति में जाति … Read more

भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का वर्णन कीजिए। किस प्रकार अनुच्छेद 21 की न्यायिक व्याख्याओं ने जीवन के अधिकार के विषय क्षेत्र का विस्तार किया है ?

भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का वर्णन कीजिए। किस प्रकार अनुच्छेद 21 की न्यायिक व्याख्याओं ने जीवन के अधिकार के विषय क्षेत्र का विस्तार किया है ? अथवा संविधान में निहित सभी मौलिक अधिकारों की चर्चा कीजिए। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न वादों में दिए गए निर्णयों को आलोक में रखते हुए अनुच्छेद 21 का … Read more

बिहार की राजनीति में राज्यपाल की शक्तियों तथा वास्तविक स्थिति का वर्णन कीजिए।

बिहार की राजनीति में राज्यपाल की शक्तियों तथा वास्तविक स्थिति का वर्णन कीजिए। अथवा संविधान में राज्यपालों को दी गई शक्तियों की चर्चा करें। विभिन्न परिस्थितियों में बिहार के राज्यपालों द्वारा लिए गए संवैधानिक अथवा राजनैतिक निर्णयों का आलोचनात्मक विश्लेषण करें। उत्तर – राज्यपाल राज्य का संवैधानिक और कार्यपालिका का प्रधान होता है। राज्यपाल का … Read more

भारतीय राजनीति में प्रमुख दबाव समूहों की पहचान कीजिए और भारत की राजनीति में उनकी भूमिका परीक्षण कीजिए।

भारतीय राजनीति में प्रमुख दबाव समूहों की पहचान कीजिए और भारत की राजनीति में उनकी भूमिका परीक्षण कीजिए। अथवा दबाव समूह क्या है ? भारत में कौन-कौन से प्रमुख दबाव समूह हैं, उनका संक्षिप्त परिचय देते हुए उनकी भूमिका का वर्णन करें। विभिन्न दबाव समूहों के सकारात्मक एवं नकारात्मक गतिविधियों का भी उल्लेख करें। उत्तर- … Read more

हिन्दुत्व अवधारणा का परीक्षण कीजिए। क्या यह धर्मनिरपेक्षवाद का विरोधी है?

हिन्दुत्व अवधारणा का परीक्षण कीजिए। क्या यह धर्मनिरपेक्षवाद का विरोधी है? उत्तर – हिन्दुत्व एक पंथ, एक पहचान और सिर्फ अवधारणा पर आधारित एक विचार है । हिन्दुत्व हिन्दू धर्म के राजनीतिक अनुयायियों की दृष्टि में भारत को सिर्फ हिन्दू राष्ट्र के रूप में देखने की एक नवीन अवधारणा है। हिन्दुवादियों के अनुसार हिन्दुत्व कोई … Read more

“राज्य की नीति के निदेशक तत्व पवित्र घोषणा मात्र नहीं है बल्कि राज्य की नीति के मार्गदर्शन के सुस्पष्ट निर्देश है।” व्याख्या कीजिए और बताइए कि वे व्यवहार में कहां तक लागू किए गए हैं?

“राज्य की नीति के निदेशक तत्व पवित्र घोषणा मात्र नहीं है बल्कि राज्य की नीति के मार्गदर्शन के सुस्पष्ट निर्देश है।” व्याख्या कीजिए और बताइए कि वे व्यवहार में कहां तक लागू किए गए हैं? अथवा राज्य की नीति के निदेशक तत्वों की व्याख्या करते हुए बताएं कि राज्य विधियां बनाते समय इनका कहां तक … Read more