रामपुर के नवाब की नौकरी छूटने पर हनुमान जी को प्रसाद क्यों चढ़ाया ?

रामपुर के नवाब की नौकरी छूटने पर हनुमान जी को प्रसाद क्यों चढ़ाया ? उत्तर :- रामपुर के नवाब की नौकरी छूटने पर हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाया क्योंकि महाराज जी छह साल की उम्र में नवाब साहब के यहाँ नाचते थे। अम्मा परेशान थी। बाबूजी नौकरी छूटने के लिए हनुमान जी का प्रसाद माँगते … Read more

शम्भू महाराज के साथ बिरजू महाराज के संबंध पर प्रकाश डालिए।

शम्भू महाराज के साथ बिरजू महाराज के संबंध पर प्रकाश डालिए। उत्तर :- शंभू महाराज के साथ बिरजू महाराज बचपन में नाचा करते थे। आगे भारतीय कला केन्द्र में उनका सान्निध्य मिला । शम्भू महाराज के साथ सहायक रहकर कला के क्षेत्र में विकास किया । शम्भू महाराज उनके चांचा थे। बचपन से महाराज को उनका … Read more

बिरजू महाराज के गुरु कौन थे ? उनका संक्षिप्त परिचय दें।

बिरजू महाराज के गुरु कौन थे ? उनका संक्षिप्त परिचय दें। उत्तर :- बिरजू महाराज के गुरु उनके बाबूजी थे । वे अच्छे स्वभाव के थे । वे अपने दु:ख को व्यक्त नहीं करते थे। उन्हें कला से बेहद प्रेम था । जब बिरजू. महाराज साढ़े नौ साल के थे, उसी समय बाबूजी की मृत्यु … Read more

अपने विवाह के बारे में बिरजू महाराज क्या बताते हैं ?

अपने विवाह के बारे में बिरजू महाराज क्या बताते हैं ? उत्तर :- बिरजू महाराज की शादी 18 साल की उम्र में हुई थी। उस समय विवाह करना महाराज अपनी गलती मानते हैं । लेकिन बाबूजी की मृत्यु के बाद माँ घबराकर जल्दी में शादी कर दी । शादी को नुकसानदेह मानते हैं। विवाह की … Read more

संगीत भारती में बिरजू महाराज की दिनचर्या क्या थी ?

संगीत भारती में बिरजू महाराज की दिनचर्या क्या थी ? उत्तर :- संगीत भारती में प्रारंभ में 250 रु० मिलते थे। उस समय दरियागंज में रहते थे । वहाँ से प्रत्येक दिन पाँच या नौ नंबर का बस पकड़कर संगीत भारती पहुँचते थे। संगीत भारती में इन्हें प्रदर्शन का अवसर कम मिलता था। अंततः दुःखी … Read more

बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज किसको मानते थे ?

बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज किसको मानते थे ? उत्तर :- बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज अपनी अम्मा को मानते थे। जब वे नाचते थे और अम्मा देखती थी तब वे अम्मा से अपनी कमी या अच्छाई के बारे में पूछा करते थे। उसने बाबूजी से तुलना करके इनमें निखार लाने का काम … Read more

कलकत्ते के दर्शकों की प्रशंसा का बिरजू महाराज के नर्तक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा ?

कलकत्ते के दर्शकों की प्रशंसा का बिरजू महाराज के नर्तक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा ? उत्तर :- कलकत्ते के एक कांफ्रेंस में महाराजजी नाचे । उस नाच की कलकत्ते की ऑडियन्स ने प्रशंसा की। तमाम अखबारों में छा गये। वहाँ से इनके जीवन में एक मोड़ आया। उस समय से निरंतर आगे बढ़ते गये। … Read more

बिरजू महाराज की कला के बारे में आप क्या जानते हैं ? समझाकर लिखें।

बिरजू महाराज की कला के बारे में आप क्या जानते हैं ? समझाकर लिखें। उत्तर :- बिरजू महाराज नृत्य की कला में माहिर थे । वे नाचने की कला के मर्मज्ञ थे, बचपन से नाचने का अभ्यास करते थे और कला का सम्मान करते थे। इसलिए, उनका नृत्य देशभर में सम्मानित था। वे सिर्फ कमाई … Read more

नृत्य की शिक्षा के लिए पहले-पहल बिरजू महाराज किस संस्था से जुड़े और वहाँ किनके संपर्क में आए ?

नृत्य की शिक्षा के लिए पहले-पहल बिरजू महाराज किस संस्था से जुड़े और वहाँ किनके संपर्क में आए ? उत्तर :- नृत्य की शिक्षा के लिए पहले-पहल बिरजू महाराज जी दिल्ली में हिन्दुस्तानी डान्स म्यूजिक स जुई और वहाँ निर्मला जी जोशी के संपर्क में आए । हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram ग्रुप … Read more

लखनऊ और रामपुर से बिरजू महाराज का क्या संबंध है ?

लखनऊ और रामपुर से बिरजू महाराज का क्या संबंध है ? उत्तर :- बिरजू महाराज का जन्म लखनऊ में हुआ था। रामपुर में महाराज जी का अत्यधिक समय व्यतीत हुआ था एवं वहाँ विकास का सुअवसर मिला था । हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here Facebook पर फॉलो करे – Click … Read more