भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में वामपंथियों की भूमिका को रेखांकित करें।

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में वामपंथियों की भूमिका को रेखांकित करें। उत्तर ⇒ 20 वीं शताब्दी के प्रारंभिक काल में ही भारत में साम्यवादी विचारधाराओं क अंतर्गत बंबई, कलकत्ता, कानपर, लाहौर, मद्रास आदि जगहों पर साम्यवादी सभाएं बननी शुरू हो गई थी। उस समय इन विचारों से जुड़े लोगों में मुजफ्फर अहमद, एस० ए० डांगे, मौलवी बरकतुल्ला, … Read more

असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन के स्वरूप में क्या अंतर था ? महिलाओं की सविनय अवज्ञा आंदोलन में क्या भूमिका थी ?

असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन के स्वरूप में क्या अंतर था ? महिलाओं की सविनय अवज्ञा आंदोलन में क्या भूमिका थी ? उत्तर ⇒ असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन के स्वरूप में काफी विभिन्नता थी। असहयोग आंदोलन में जहाँ सरकार के साथ असहयोग करने की बात थी, वहीं सविनय अवज्ञा आंदोलन में न केवल … Read more

खिलाफत आंदोलन क्यों हुआ ? गाँधीजी ने इसका समर्थन क्यों किया ?

खिलाफत आंदोलन क्यों हुआ ? गाँधीजी ने इसका समर्थन क्यों किया ? उत्तर ⇒ तुर्की (ऑटोमन साम्राज्य की राजधानी) का खलीफा जो ऑटोमन साम्राज्य का सुलतान भी था, संपूर्ण इस्लामी जगत का धर्मगुरु था। पैगंबर के बाद सबसे अधिक प्रतिष्ठा उसी की थी। प्रथम विश्वयुद्ध में जर्मनी के साथ तुर्की भी पराजित हुआ। पराजित तुर्की पर … Read more

असहयोग आंदोलन के कारण एवं परिणाम का वर्णन करें।

असहयोग आंदोलन के कारण एवं परिणाम का वर्णन करें। उत्तर ⇒ महात्मा गाँधी के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया प्रथम जन-आदोलन असहयोग आंदोलन था। इस आंदोलन के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे – (i) रॉलेट कानून- 1919 ई० में न्यायाधीश सिडनी रॉलेट की अध्यक्षता में रॉलेट कानून (क्रांतिकारी एवं अराजकता अधिनियम) बना। इसके अनुसार किसी भी व्यक्ति को … Read more

सविनय अवज्ञा आंदोलन के कारणों की विवेचना करें।

सविनय अवज्ञा आंदोलन के कारणों की विवेचना करें। उत्तर ⇒ ब्रिटिश औपनिवेशिक सत्ता के खिलाफ गाँधीजी के नेतृत्व में 1930 ई० में शुरू किया गया सविनय अवज्ञा आंदोलन के महत्त्वपूर्ण कारण निम्नलिखित थे – (i) साइमन कमीशन- सर जॉन साइमन की अध्यक्षता में बनाया गया यह 7 सदस्यीय आयोग था जिसके सभी सदस्य अंग्रेज थे। भारत में … Read more

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में गाँधीजी के योगदान की विवेचना करें।

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में गाँधीजी के योगदान की विवेचना करें। उत्तर ⇒ भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में 1919-1947 का काल गाँधी युग के नाम से जाना जाता है। राष्ट्रीय आंदोलन को गाँधीजी ने एक नई दिशा दिया। सत्य अहिंसा, सत्याग्रह का प्रयोग कर गाँधीजी भारतीय राजनीति में छा गए। इन्हीं अस्ता का सहारा लेकर वे औपनिवेशिक सरकार … Read more

भारत में राष्ट्रवाद के उदय के कारणों का परीक्षण करें।

भारत में राष्ट्रवाद के उदय के कारणों का परीक्षण करें। उत्तर ⇒ 19वीं शताब्दी में भारतीय राष्ट्रवाद के उदय में अनेक कारणों का योगदान था। इनमें निम्नलिखित कारण प्रमुख थे- (i) अंग्रेजी साम्राज्यवाद के विरुद्ध असंतोष – भारतीय राष्ट्रीयता के विकास का सबसे प्रमुख कारण अंग्रेजी नीतियों के प्रति बढ़ता असंतोष था। अंग्रेजी सरकार की नीतियों के … Read more

अमेरिकी वियतनामी युद्ध में हो ची मिन्ह भूलभुलैया मार्ग की क्या भूमिका थी ?

अमेरिकी वियतनामी युद्ध में हो ची मिन्ह भूलभुलैया मार्ग की क्या भूमिका थी ? उत्तर ⇒ अमेरिकी वियतनाम युद्ध में हो ची मिन्ह मार्ग की काफी महत्त्वपूर्ण का थी। यद्यपि अमेरिकी फौज ने इस मार्ग को बाधित करने तथा इसे नष्ट करने भी काफी प्रयास किया। इस मार्ग पर बम भी बरसाए गए, परंतु वियतनामियों ने … Read more

कंबोडिया के इतिहास में नरोत्तम सिंहानुक की भूमिका का उल्लेख कीजिए।

कंबोडिया के इतिहास में नरोत्तम सिंहानुक की भूमिका का उल्लेख कीजिए। उत्तर ⇒ लाओस के समान कंबोडिया को भी 1954 के जेनेवा समझौता के अनुसार स्वतंत्रता मिली। कंबोडिया में नरोत्तम सिंहानुक को शासक बनाया गया। उसने तटस्थतावादी नीति अपनाई तथा वामपंथियों एवं दक्षिणपंथियों के संघर्ष से अपने को अलग रखा। अमेरिका ने उसे अपने प्रभाव में … Read more

फ्रांसीसी शोषण के साथ-साथ उसके द्वारा किये गये सकारात्मक कार्यों की समीक्षा करें।

फ्रांसीसी शोषण के साथ-साथ उसके द्वारा किये गये सकारात्मक कार्यों की समीक्षा करें। उत्तर ⇒ हिंद-चीन में फ्रांसीसी अपनी प्रभुसता स्थापित करने के बाद वहाँ अनेक तरह से शोषण जारी रखा, साथ ही कुछ सकारात्मक कार्य भी किये गए। सर्वप्रथम फ्रांसीसियों ने शोषण के साथ-साथ कृषि की उत्पादकता बढ़ाने के लिए नहरों एवं जल निकासी का … Read more