सहकारिता के क्षेत्र में सहकारी बैंकों के तीन रूप कौन-कौन से हैं ?
सहकारिता के क्षेत्र में सहकारी बैंकों के तीन रूप कौन-कौन से हैं ? उत्तर :- हमारे देश में इन बैंकों के तीन मुख्य रूप हैं. केंद्रीय सहकारी बैंक, राज्य सहकारी बैंक तथा भूमि विकास बैंक
सहकारिता के क्षेत्र में सहकारी बैंकों के तीन रूप कौन-कौन से हैं ? उत्तर :- हमारे देश में इन बैंकों के तीन मुख्य रूप हैं. केंद्रीय सहकारी बैंक, राज्य सहकारी बैंक तथा भूमि विकास बैंक
सहकारिता से आप क्या समझते हैं ? उत्तर :- सामान्य अर्थों में सहकारिता का अर्थ है – एक साथ मिल – जुल कर कार्य करना। लेकिन अर्थशास्त्र में सहकारिता की परिभाषा इस प्रकार दी जा सकती है —“ सहकारिता वह संगठन है जिनके द्वारा दो या दो से अधिक व्यक्ति स्वेच्छापूर्वक मिल-जुलकर समान स्तर पर आर्थिक-हितों … Read more
वित्तीय संस्थाओं को किस प्रकार विभाजित किया जाता है ? उत्तर :- वित्तीय संस्थाओं को दो वर्गों में बाँटा गया है- (i) वे सभी वित्तीय संस्थाएँ जो मुद्रा बाजार से हैं, (ii) वे वित्तीय संस्थाएँ जो पूँजी बाजार से संबंधित है।
वित्तीय संस्थान से आप क्या समझते हैं ? यह कितने प्रकार के होते हैं ? उत्तर :- आर्थिक विकास के लिए जो संस्थाएँ वित्त की व्यवस्था कृषि, उद्यमी और व्यवसायी के लिए उपलब्ध कराती है, वित्तीय संस्थाएँ कहलाती हैं। – यह दो प्रकार की वित्तीय संस्थाएँ होती हैं (i) राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएँ – (क) भारतीय मुद्रा … Read more
अर्द्धसरकारी वित्तीय संस्थाएँ किसे कहा जाता है ? उत्तर-अर्द्धसरकारी वित्तीय संस्थाएँ उन संस्थाओं को कहते हैं जो भारत के केंद्रीय बैंक के दिशा-निर्देश में स्थापित मापदंडों द्वारा समाज के लोगों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, जैसे क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, बिहार राज्य कॉपरेटिव बैंक, राज्य भूमि विकास बैंक इत्यादि।
राज्य की वित्तीय संस्थान को कितने भागों में बाँटा जाता है ? संक्षिप्त वर्णन करें। ? उत्तर :- राज्य की वित्तीय संस्थानों को दो भागों में बाँटा गया है (i) संस्थागत वित्तीय संस्थान-इनके अंतर्गत सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक इत्यादि हैं। (ii) गैर-संस्थागत वित्तीय संस्थान—इनके अंतर्गत सेठ-साहूकार, महाजन, व्यापारी एवं रिश्तेदारों को रखते हैं।
शिकारी युग में कौन-सी मुद्रा का प्रचलन था ? उत्तर :- शिकारी युग में किसी मद्रा का प्रचलन नहीं था, परंतु उस समय मानव ने मुद्रा के स्थान पर वस्तुओं का प्रयोग किया था इसलिए उसे वस्तु मुद्रा की संज्ञा दी गई है। शिकारी युग में जानवरों की खाल, पशुओं को भी मुद्रा के रूप … Read more
साख के कौन-कौन से पक्ष होते हैं ? समझावें। उत्तर :- साख के दो पक्ष होते हैं ऋणी तथा ऋण देने वाला। ऋणी वह है जो अपनी साख के आधार पर अथवा किसी वस्तु को गिरवा रख कर ऋण प्राप्त करता है। ऋण दाता वह है जो कुछ वस्तएँ या धन उधार देता है, जिसका … Read more
किसानों को साख अथवा ऋण की आवश्यकता क्यों होती है ? उत्तर :- बिहर की अर्थव्यवस्ता मुख्त: कूषि पर आधरित है यँहा लगभग 75 प्रतिशत लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि एवं इससे संबंधित लघु-कुटीर उद्योग से जुड़ हुए है। यहाँ के अधिकांश किसान छोटे या सीमांत किसान है इसलिए कृषि एवं उससे संबंधित … Read more
क्रेडिट कार्ड एवं ए०टी०एम० सह डेबिट कार्ड में क्या अंतर है ? उत्तर :- क्रेडिट कार्ड धारकों को बैंक द्वारा सुविधा प्रदान की जाती है कि वह एक निशिचत धन राशि के भीतर वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीददारी कर सकता है। इसमें जमा राशि से अधिक खर्च की कुछ शर्तों के साथ करने की सुविधा … Read more