संविधान की सर्वोच्चता से आप क्या समझते हैं ?

संविधान की सर्वोच्चता से आप क्या समझते हैं ? उत्तर- संविधान की सर्वोच्चता संघीय शासन-व्यवस्था की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता है। इसका आशय यह है कि संविधान लिखित, निश्चित तथा स्पष्ट हो। संविधान राज्य की सर्वोच्च विधि है, जिसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता। केन्द्र और इकाइयों के बीच शक्तियों का विभाजन संविधान के द्वारा ही किया … Read more

जाति और नस्ल में क्या अंतर है ?

जाति और नस्ल में क्या अंतर है ? उत्तर- जाति और नस्ल समान नहीं है क्योंकि जाति का आधार सामाजिक होता है और नस्ल का आधार जीवशास्त्री है। किंतु नस्ल जाति की तरह ही काफी हद तक समाजशास्त्रीय और वैधानिक वर्गीकरण है।

बंधुआ मजदूर किसे कहते हैं ?

बंधुआ मजदूर किसे कहते हैं ? उत्तर- ऋण के बदले अपने श्रम को बंधक बनाने वाला श्रमिक बंधुआ मजदूर कहलाता है। उसकी मजदूरी कर्जदाता की इच्छा से निर्धारित होता है, ताकि कर्ज चुकाना असंभव हो। 1975 ई० में राष्ट्रपति के एक अध्यादेश के द्वारा बंधुआ मजदूर पर प्रतिबंध लगा दिया गया, लेकिन आज भी बिना रोक-टोक … Read more

लैंगिक असमानता क्या है ?

लैंगिक असमानता क्या है ? उत्तर- लिंग के आधार पर पुरुषों और स्त्रियों में भेद करना, स्त्रियों को पुरुषों की तुलना में दोयम दर्जे का और हीन’ समझने की भावना लैंगिक असमानता है। लड़कियों को लड़कों की तुलना में कम महत्त्व दिया जाना, शिक्षा, खान-पान, पालन-पोषण में अंतर करना, लड़की को घर की चहारदीवारी में कैद … Read more

विविधता में एकता का क्या अर्थ है ?

विविधता में एकता का क्या अर्थ है ? उत्तर- विविधता लोकतंत्र का एक स्वभाविक गुण है। विविधता में एकता लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक खास विशेषता है। इसका उत्कृष्ट उदाहरण बेल्जियम है। जब भी भारत की अखंडता खतरे में पड़ जाती है या प्राकृतिक आपदा आती है तो सभी जाति एवं धर्मावलंबियों के लोग आपसी भेद-भाव … Read more

भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषता क्या है ?

भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषता क्या है ? उत्तर- भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषता है अनेकता में एकता। अर्थात् विभिन्न रूप-रंग, वेश-भूषा वालों का समाज में सामंजस्य।

धर्म निरपेक्ष राज्य से आप क्या समझते हैं ?

धर्म निरपेक्ष राज्य से आप क्या समझते हैं ? उत्तर- (i) धर्म निरपेक्ष राज्य किसी भी धर्म को राजकीय धर्म घोषित नहीं करेगा और न ही किसी धर्म को विशेष दर्जा देगा। (ii)धर्म निरपेक्षता के अंतर्गत संविधान सभी नागरिकों को किसी भी धर्म का पालन करने एवं उसका प्रचार करने की आजादी देता है। ये दोनों … Read more

वंशवाद से क्या समझते हैं ?

वंशवाद से क्या समझते हैं ? उत्तर- भारत के सभी राजनीतिक दलों में नेतृत्व का संकट है। अधिकांश राजनीतिक दलों में कोई ऐसा नेता नहीं है, जो सर्वमान्य हो। प्रायः सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को यह देखा गया है कि शीर्ष पर बैठे नेता अपने संगे-संबंधियों. दोस्तों और रिश्तेदारों को दल के प्रमुख पदों पर … Read more

सामाजिक विविधता राष्ट्र के लिए कब घातक बन सकती हैं ?

सामाजिक विविधता राष्ट्र के लिए कब घातक बन सकती हैं ? उत्तर- सामाजिक विविधता वैसे तो समाज के विकास का लक्षण है लेकिन जब यह विविधता लोगों में तनाव संघर्ष व अलगाववाद को जन्म देती है तो यह राष्ट्र के लिए घातक बन जाती है। भारत में जाति, धर्म, संस्कृति, भाषा आदि की विविधताएँ पायी जाती … Read more

सामाजिक विभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है। उदाहरण के साथ स्पष्ट करें।

सामाजिक विभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है। उदाहरण के साथ स्पष्ट करें। उत्तर- लोकतंत्र में कोई भी सरकार जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों में शासित होती है। ये जनप्रतिनिधियों से शासित होती है। ये जन प्रतिनिधि किसी राजनीतिक पार्टी के सदस्य होते हैं। प्रत्येक राजनीतिक पार्टी का अपना इतिहास होता है। इनकी अपनी निश्चित राजनीतिक … Read more