किसी उत्तल लेंस के आवर्धन के लिए एक व्यंजक प्राप्त करें।

किसी उत्तल लेंस के आवर्धन के लिए एक व्यंजक प्राप्त करें। उत्तर⇒ प्रधान अक्ष के लंबवत प्रतिबिम्ब का अकार h और वस्तु का आकार h का अनपात लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन कहा जाता है ।

पूर्ण आंतरिक परावर्तन को समझावें।

पूर्ण आंतरिक परावर्तन को समझावें। उत्तर⇒ कुछ विशिष्ट परिस्थियों में आपतित प्रकाश को उसकी तीव्रता में बिना किसी विशिष्ट हानि के उसी माध्यम में वापस किया जा सकता है। इस परिघटना को पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं।    जब वायु में अपवर्तन कोण का मान 90° होता है तो माध्यम विशेष जिससे प्रकाश किरण चलती है के आपतन कोण को क्रांतिक कोण कहते हैं।

अवतल दर्पण में सिद्ध करें कि f=R/2 जहाँ f और R के विशिष्ट मान है।

अवतल दर्पण में सिद्ध करें कि f=R/2 जहाँ f और R के विशिष्ट मान है। उत्तर⇒  AB प्रकाश किरण मुख्य अक्ष के समांतर है। AB किरण दर्पण से परावर्तन के बाद F (फोकस) से होकर गुजरता है। CB को मिलाया गया है। ∠ABC = ∠CBF = ∠i = ∠r  इसलिए  AB \\XX ‘  ∠CBF = ∠ABC = ∠BCF  इसलिए ∠i = ∠r  इसलिए  अत: CF = BF  अगर B बिन्दु P के काफी समीप है तो BF = PF इसलिए CP = PF = f (फोकसान्तर)  CP = … Read more

किसी उत्तल दर्पण में सिद्ध करें कि f =R/2 , जहाँ f = फोकसांतर, R = दर्पण की वक्रता त्रिज्या है।

किसी उत्तल दर्पण में सिद्ध करें कि f =R/2 , जहाँ f = फोकसांतर, R = दर्पण की वक्रता त्रिज्या है।   उत्तर⇒ चित्र में एक उत्तल दर्पण को प्रधान अक्ष XX‘ पर रखा गया है।  दर्पण का ध्रुव P है। F दर्पण का फोकस और C वक्रता केंद्र है। AB अपवर्तित किरण है। यह दर्पण से परावर्तित होकर BD दिशा में चली जाती है। DB को मिलाने पर यह मुख्य अक्ष के F बिंदु (फोकस) पर मिलाती है। C से B को मिलाया और अपनी दिशा में M तक बढ़ाया गया है। PF = फोकसांतर =f; PC = वक्रता त्रिज्या = R अनंत बिंदु से आनेवाली प्रकाश किरण F पर मिलती है अतः वस्तु का प्रतिबिंब F पर बनता है। यह प्रतिबिंब आभासी है। … Read more

हमें वन एवं वन्य जीवन का संरक्षण क्यों करना चाहिए ?

हमें वन एवं वन्य जीवन का संरक्षण क्यों करना चाहिए ? उत्तर ⇒  हमें वन एवं वन्य जीवन का संरक्षण इसलिए करना चाहिए क्योंकि वन ‘जैव विविधता के विशिष्ट (Hotspots) स्थल’ हैं। जैव विविधता का एक आधार उस क्षेत्र में पाई जानेवाली विभिन्न स्पशीज की संख्या है। परंतु जीवों के विभिन्न स्वरूप (जीवाणु, कवक, फर्न, पुष्पी … Read more

यदि हमारे द्वारा उत्पादित सारे कचरे जैव निम्नीकरणीय हो तो क्या इनका हमारे पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा ?

यदि हमारे द्वारा उत्पादित सारे कचरे जैव निम्नीकरणीय हो तो क्या इनका हमारे पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा ? उत्तर ⇒  यदि हमारे द्वारा उत्पादित सारे कचरे. जैव निम्नीकरण हो तो, अपशिष्ट पदार्थ जमा नहीं होंगे। सारे पदार्थ को पुनः पर्यावरण में वापस भेज देते हैं। इसके कारण हमारा पर्यावरण हमेशा स्वच्छ रहेगा।

बड़े बाँध के विरोध में मुख्यतः किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है ?

बड़े बाँध के विरोध में मुख्यतः किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है ? उत्तर ⇒  बड़े बाँध के विरोध में मुख्यतः तीन समस्याओं का सामना करना पड़ता है – (i) सामाजिक समस्याएँ – इससे बड़ी संख्या में किसान और आदिवासी विस्थापित होते हैं, और इन्हें मुआवजा भी नहीं मिलता । (ii) आर्थिक समस्याएँ – इनमें जनता का … Read more

जल संग्रहण की पारंपरिक व्यवस्था-खादिन पद्धति का रेखांकित चित्र बनाइये ।

जल संग्रहण की पारंपरिक व्यवस्था-खादिन पद्धति का रेखांकित चित्र बनाइये । उत्तर ⇒  चित्र : जल संग्रहण की पारंपरिक व्यवस्था-खादिन पद्धति का आदर्श व्यवस्थापन

जीवाश्म क्या है ? जैव विकास प्रक्रम के विषय में ये क्या बतलाता है ?

जीवाश्म क्या है ? जैव विकास प्रक्रम के विषय में ये क्या बतलाता है ? उत्तर ⇒  किसी जीव की मृत्यु के बाद उसके शरीर का अपघटन हो जाता है तथा वह समाप्त हो जाता है। परंतु कभी-कभी जीव अथवा उसके कुछ भाग ऐसे वातावरण में चले जाते हैं जिसके कारण इनका अपघटन पूरी तरह से … Read more

प्लास्टिक का पुनः चक्रण किस प्रकार होता है? क्या प्लास्टिक के पुनः चक्रण का पर्यावरण पर कोई समाघात होता है ?

प्लास्टिक का पुनः चक्रण किस प्रकार होता है? क्या प्लास्टिक के पुनः चक्रण का पर्यावरण पर कोई समाघात होता है ? उत्तर ⇒  प्लास्टिक के डिस्पोजेबुल कप एवं गिलास की जगह मिट्टी के कुल्हड़ या पेपर के डिस्पोजेबुल कप एवं गिलास का प्रयोग करना ज्यादा सही है। प्लास्टिक का पुनः चक्रण आसान नहीं है। इसे बार-बार … Read more