कर्ण कौन था ? उसकी क्या विशेषता थी ?

कर्ण कौन था ? उसकी क्या विशेषता थी ? उत्तर⇒ कर्ण कुंती का पुत्र था, परंतु महाभारत के युद्ध में उसने कौरव पक्ष से लड़ाई की। उसके शरीर पर जन्मजात कवच और कुंडल था । जब तक कवच और कुंडल उसके शरीर से अलग नहीं होता, तब तक कर्ण की मृत्यु असंभव थी । हमसे जुड़ें, … Read more

कर्णस्य दानवीरता पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें।

कर्णस्य दानवीरता पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें। उत्तर⇒ यह पाठ संस्कृत के प्रथम नाटककार भास द्वारा रचित कर्णभार नामक एकांकी रूपक से संकलित किया गया है । इसमें महाभारत के प्रसिद्ध पात्र कर्ण की दानवीरता दिखाई गयी है। इन्द्र कर्ण से छलपूर्वक उनके रक्षक कवचकुण्डल को मांग लेते हैं और कर्ण उन्हें दे देता … Read more

कर्ण की दानवीरता का वर्णन अपने शब्दों में करें।

कर्ण की दानवीरता का वर्णन अपने शब्दों में करें। उत्तर⇒ कर्ण सूर्यपुत्र है। जन्म से ही उसे कवच और कुण्डल प्राप्त है। जबतक कर्ण के शरीर में कवच कुण्डल है तब तक वह अजेय है । उसे कोई मार नहीं सकता है। कर्ण महाभारत युद्ध में कौरवों के पक्ष में युद्ध करता है। अर्जुन इन्द्रपुत्र हैं। … Read more

कर्ण की दानवीरता कैसे प्रकट होती है ? उत्तर दें।

कर्ण की दानवीरता कैसे प्रकट होती है ? उत्तर दें। उत्तर⇒ कर्ण ब्राह्मवेशधारी इन्द्र को विनम्रतापूर्वक सर्वप्रथम भौतिक वस्तुएँ प्रदान करना चाहते यथा-गौ, हाथी, पृथ्वी । यहाँ तक कि अपने अग्निष्टों फल भी देना चाहते हैं और अन्ततः अपना सिर तक अर्पित करने के लिए उद्यत हो उठते हैं। परन्तु ब्राह्मणवेशधारी शक्र (इन्द्र) तो दृढ़ संकल्पित … Read more

’व्याघ्र-पथिक कथा को संक्षेप में अपने शब्दों में लिखिए।

’व्याघ्र-पथिक कथा को संक्षेप में अपने शब्दों में लिखिए। उत्तर⇒ यह मेरा है वह दूसरों का है अर्थात् यह मेरा परिवार है वह दूसरे का परिवार है, ऐसा संकुचित बुद्धिवाले कहते हैं, किन्तु उदार विचार वाला पुरुष के लिए तो समस्त संसार ही अपना कुटुम्ब है। यह भारत की नीति है और इस नीति से आज … Read more

नारायण पंडित रचित व्याघ्रपथिककथा पाठ का मल उद्देश्य क्या है ?

नारायण पंडित रचित व्याघ्रपथिककथा पाठ का मल उद्देश्य क्या है ? उत्तर⇒ व्याघ्रपथिककथा का मूल उद्देश्य यह है कि हिंसक जीव अपने स्वभाव को नहीं छोड़ सकता। इस कथा के द्वारा नारायणपंडित हमें यह शिक्षा देते हैं कि दुष्टों की बातों पर लोभ में आकर विश्वास नहीं करना चाहिए । सोच-समझकर ही काम करना चाहिए। इस … Read more

धार्मिक व्यक्ति ने वृद्ध बाप को क्या उपदेश दिया ?

धार्मिक व्यक्ति ने वृद्ध बाप को क्या उपदेश दिया ? उत्तर⇒ वद्ध बाघ अतिदराचारी था। यवावस्था में अनेक गायों और मनष्यों के वध करने के पाप के कारण वह नि:संतान और पत्नीविहीन हो गया था। तब एक धार्मिक व्यक्ति ने पापमुक्त होने के लिए बाघ को उपदेश दिया कि आप दान-पुण्य करें। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो … Read more

पथिक को फंसाने के लिए वृद्ध बाघ ने क्या तर्क दिया ?

पथिक को फंसाने के लिए वृद्ध बाघ ने क्या तर्क दिया ? उत्तर⇒ पथिक लोभी तथा चालाक था। उसे फंसाने के लिए वृद्ध बाघ ने कहा कि मैं युवावस्था में अति हिंसक था। अनेक गायों और मनुष्यों का वध किया करता था। परिणामस्वरूप मेरे पत्र और पत्नी मर गए और मैं अब वंशहीन हैं। किसी धार्मिक … Read more

वृद्ध बाघ पथिक को पकड़ने में कैसे सफल हुआ था ? अथवा, बाघ ने पथिक को पकड़ने के लिए क्या चाल चली ?

वृद्ध बाघ पथिक को पकड़ने में कैसे सफल हुआ था ? अथवा, बाघ ने पथिक को पकड़ने के लिए क्या चाल चली ? उत्तर⇒ वृद्ध बाघ ने एक धार्मिक का भेष रचकर तालाब के किनारे पथिकों को सोने का कंगन लेने के लिए कहा। उस तालाब में अधिकाधिक कीचड़ था। एक लोभी पथिक उसकी बातों में … Read more

पथिक वृद्ध बाघ की बातों में क्यों आ गया ?

पथिक वृद्ध बाघ की बातों में क्यों आ गया ? उत्तर⇒ पथिक ने सोने के कंगन की बात सुनकर सोचा कि ऐसा भाग्य से ही मिल सकता है, किन्तु जिस कार्य में खतरा हो उसे नहीं करना चाहिए। फिर लोभवश उसने सोचा कि धन कमाने के कार्य में खतरा तो होता ही है। इस तरह वह … Read more