वृद्ध बाघ ने पथिकों को फंसाने के लिए किस तरह का भेष रचाया ?

वृद्ध बाघ ने पथिकों को फंसाने के लिए किस तरह का भेष रचाया ? उत्तर⇒ वृद्ध बाघ ने पथिकों को फंसाने के लिए एक धार्मिक का भेष रचाया । उसने स्नान कर और हाथ में कुश लेकर तालाब के किनारे पथिकों से बात कर उन्हें दानस्वरूप सोने का कंगन पाने का लालच दिया । हमसे जुड़ें, … Read more

व्याघ्रपथिक कथा पाठ का पाँच वाक्यों में परिचयं दें।

व्याघ्रपथिक कथा पाठ का पाँच वाक्यों में परिचयं दें। उत्तर⇒ यह कथा नारायणपंडित रचित प्रसिद्ध नीतिकथाग्रन्थ ‘हितोपदेश’ के प्रथम भाग ‘मित्रलाभ’ से संकलित है । इस कथा में लोभाविष्ट व्यक्ति की दुर्दशा का निरूपण है । आज के समाज में छल-छद्म का वातावरण विद्यमान है जहाँ अल्प वस्तु के लोभ से आकृष्ट होकर लोग अपने प्राण … Read more

व्याघ्रपथिक कथा से क्या शिक्षा मिलती है ? अथवा, व्याघ्नपथिक कथा में मूल संदेश क्या है ?

व्याघ्रपथिक कथा से क्या शिक्षा मिलती है ? अथवा, व्याघ्नपथिक कथा में मूल संदेश क्या है ? उत्तर⇒ नारायण पण्डित विरचित हितोपदेश के नीतिकथाग्रन्थ के मित्रलाभखण्ड से ली गयी कथा ‘व्याघ्रपण्डित’ है । इस कथा में एक पथिक वृद्ध व्याघ्र द्वारा दिये गये प्रलोभन में पड़ जाता है। वृद्ध व्याघ्र हाथ में सुवर्णकंकण लेकर पथिक को … Read more

मनुष्य को प्रकृति से क्यों लगाव रखना चाहिए ?

मनुष्य को प्रकृति से क्यों लगाव रखना चाहिए ? उत्तर ⇒ प्रकृति ही मनुष्य को पालती है, अतएव प्रकृति को शुद्ध होना चाहिए। यहाँ महर्षि वाल्मीकि प्रकृति के यथार्थ रूप का वर्णन करके मनुष्य को लगाव रखने का संदेश देते हैं। इससे हमारा जीवन सुखमय एवं आनंदमय होगा । हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram … Read more

मंदाकिनीवर्णनम् से हमें क्या संदेश मिलता है ?

मंदाकिनीवर्णनम् से हमें क्या संदेश मिलता है ? उत्तर ⇒ मंदाकिनीवर्णनम् महर्षि वाल्मिकी-कृत रामायण के अयोध्याकांड के 95 सर्ग से संकलित है। इससे हमें यह संदेश मिलता है कि प्रकृति हमारे चित्त को हर लेती है तथा इससे पर्यावरण सुरक्षित रहता है। प्रकृति की शुद्धता के प्रति हमें हमेशा ध्यान देना चाहिए। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो … Read more

मन्दाकिनी-वर्णनम् पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें।

मन्दाकिनी-वर्णनम् पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें। उत्तर ⇒ वाल्मीकीय रामायण के अयोध्याकाण्ड की सर्ग संख्या-95 से संकलित इस पाठ में चित्रकूट के निकट बहने वाली मन्दाकिनी नामक छोटी नदी का वर्णन है। इस पाठ में आदिकवि वाल्मीकि को काव्यशैली तथा वर्णनक्षमता अभिव्यक्त हुई है। श्री राम सीता को मन्दाकिनी का वर्णन सुनाते हैं । … Read more

मंदाकिनी का वर्णन करने में ‘राम’ सीता को किन-किन रूपों में संबोधित करते हैं ?

मंदाकिनी का वर्णन करने में ‘राम’ सीता को किन-किन रूपों में संबोधित करते हैं ? उत्तर ⇒ परमपावनी गंगा’ अनायास मन को आकर्षित करनेवाली है। निर्मल जल, रंग-बिरंगी छटा, ऊँची कछारें आदि राम को आह्लादित करती रहती हैं। इसकी शोभा से वशीभूत ‘राम’ सीता को इसकी सुन्दरता का निरीक्षण करने के लिए अपने भाव प्रकट करते … Read more

मंदाकिनी की शोभा का वर्णन किस रूप में किया गया है ?

मंदाकिनी की शोभा का वर्णन किस रूप में किया गया है ? उत्तर ⇒ वनवास काल में जब राम सीता और लक्ष्मण के साथ चित्रकूट जाते हैं तब मंदाकिनी की प्राकृतिक सुषमा से प्रभावित हो जाते हैं। वे सीता से कहते हैं कि यह नदी प्राकृतिक उपादानों से संवलित चित्त को आकर्षित कर रही है। रंग-बिरंगी … Read more

वैदिक धर्म के प्रचार के लिए स्वामी दयानन्द ने क्या किया ?

वैदिक धर्म के प्रचार के लिए स्वामी दयानन्द ने क्या किया ? उत्तर⇒ वैदिक धर्म और सत्य के प्रचार के लिए स्वामी दयानन्द ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया । वेदों के प्रति सभी अनुयायियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए उन्होंने वेदों के उपदेशों को संस्कृत एवं हिंदी में लिखा । हमसे जुड़ें, हमें … Read more

स्वामी दयानन्द ने समाज के उद्धार के लिए क्या किया ?

स्वामी दयानन्द ने समाज के उद्धार के लिए क्या किया ? उत्तर⇒ स्वामी दयानन्द ने समाज के उद्धार के लिए स्त्री शिक्षा पर बल दिया और विधवा विवाह हेतु समाज को प्रोत्साहित किया। उन्होंने बाल विवाह समाप्त करवाने, मूर्तिपूजा का विरोध और छुआछूत समाप्त कराने का प्रयत्न किया। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram ग्रुप … Read more