आर्यसमाज की स्थापना किसने की और कब की? आर्य समाज के बारे में लिखें।

आर्यसमाज की स्थापना किसने की और कब की? आर्य समाज के बारे में लिखें। उत्तर⇒ आर्यसमाज की स्थापना स्वामी दयानन्द सरस्वती ने 1885 में मुंबई नगर में की । आर्यसमाज वैदिक धर्म और सत्य के प्रचार पर बल देता है । यह संस्था मूर्तिपूजा का विरोध करती है। आर्यसमाज में नवीन शिक्षा पद्धति को अपनाया । … Read more

स्वामी दयानन्द मूर्तिपूजा के विरोधी कैसे बने ?

स्वामी दयानन्द मूर्तिपूजा के विरोधी कैसे बने ? उत्तर⇒ स्वामी दयानन्द के माता-पिता भगवान शिव के उपासक थे । महाशिवरात्रि के दिन शिव-पार्वती की पूजा इनके परिवार में विशेष रूप में मनाई जाती थी। एक बार महाशिवरात्रि के दिन इन्होंने देखा कि एक चूहा भगवान शंकर की मूर्ति के ऊपर चढ़कर उनपर चढ़ाए हुए प्रसाद को … Read more

स्वामी दयानन्द कौन थे तथा उन्होंने किस तरह के सामाजिक कार्य किए ?

स्वामी दयानन्द कौन थे तथा उन्होंने किस तरह के सामाजिक कार्य किए ? उत्तर⇒ स्वामी दयानन्द एक महान समाज-सुधारक संत थे। मध्यकाल में भारत में छुआछूत, अशिक्षा, जातिभेद, धर्म में आडम्बर आदि अनेक कुप्रथाएँ फैली हुई थीं। विधवाओं को काफी कष्ट दिया जाता था। स्वामी दयानन्द ने इन सभी कुरीतियों को दूर करने के लिए आम … Read more

स्वामी दयानन्दः पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें।

स्वामी दयानन्दः पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें। उत्तर⇒ उन्नीसवीं शताब्दी ईस्वी में आविर्भूत समाजसुधारकों में स्वामी दयानन्द अतीव प्रसिद्ध हैं। इन्होंने रूढ़िग्रस्त समाज और विकृत धार्मिक व्यवस्था पर कठोर प्रहार करके आर्य समाज की स्थापना की जिसकी शाखाएँ देश-विदेश में शिक्षा सुधार के लिए भी प्रयत्नशील रही हैं। शिक्षा व्यवस्था में गुरुकुल पद्धति का … Read more

कौन-सी घटना ने स्वामी दयानंद की जीवन दिशा को निर्धारित कर दिया ?

कौन-सी घटना ने स्वामी दयानंद की जीवन दिशा को निर्धारित कर दिया ? उत्तर⇒ स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म एक ब्राह्मण कुल में हुआ था। पिताजी स्वयं संस्कृत के उत्कट विद्वान् थे। परिवार में कर्मकाण्ड के प्रति आस्था थी। एक दिन शिवरात्रि के शुभ अवसर पर रात्रि जागरण का महोत्सव हुआ। शिव की मूर्ति पर इन्होंने … Read more

आधनिक भारत को स्वामी दयानंद का क्या योगदान है ?

आधनिक भारत को स्वामी दयानंद का क्या योगदान है ? उत्तर⇒ आधुनिक भारत के समाज और शिक्षा के महान उद्धारक स्वामी दयानंद हैं। उन्होंने भारतीय समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता को दूर कर एक नये समाज की स्थापना की है। जातिवाद, अस्पृश्यता, धर्मकार्यों में आडम्बर आदि अनेक विषमताएँ थीं जिनसे समाज ग्रसित था । कर्मकांडी परिवार में … Read more

’कर्मवीर कथा’ पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है ?

’कर्मवीर कथा’ पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है ? उनर→कर्मवीर कथा पाठ से हमें शिक्षा मिलती है कि गाँव में रहनेवाले दलित एवं निर्धन छात्र भी मेहनत के बल पर सर्वोच्च शिखर पर पहुँच सकते हैं। लगन उत्साह और धैर्य से मनुष्य किसी भी कठिनाई पर विजय प्राप्त कर सकता है। हमसे जुड़ें, हमें … Read more

रामप्रवेशराम किस प्रकार केंद्रीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में सफल हुआ?

रामप्रवेशराम किस प्रकार केंद्रीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में सफल हुआ? उनर→रामप्रवेशराम एक कर्मवीर एवं निर्धन छात्र था। वह कष्टकारक जीवन जीते हुए अध्ययनशील था । वह पुस्तकालयों में अध्ययन किया करता था । वह अपने से नीचे वर्ग के छात्रों को टयूशन पढ़ाकर जीवनयापन करता था । परिणामस्वरूप केंद्रीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में … Read more

रामप्रवेशराम की प्रारंभिक शिक्षा के विषय में आप क्या जानते हैं ?

रामप्रवेशराम की प्रारंभिक शिक्षा के विषय में आप क्या जानते हैं ? उनर→रामप्रवेशराम भीखनटोला गाँव का रहनेवाला एक दलित बालक था । उस बालक को एक शिक्षक अपने विद्यालय में लाकर शिक्षा देना प्रारंभ किए। बालक रामप्रवेशराम शिक्षक की शिक्षणशैली से आकष्ट हआ और शिक्षा को जीवन का परम गति माना । विद्या अध्ययन में … Read more

भीखनटोला कैसा गाँव है ?

भीखनटोला कैसा गाँव है ? उनर→भीखनटोला बिहार प्रांत के दुर्गम क्षेत्र में अवस्थित है। यहाँ के लोग प्रायः निर्धन और अशिक्षित हैं तथा कष्टमय जीवन बिताते हैं। कुछ अत्यंत निर्धन परिवार गाँव के बाहर टूटी कुटियाओं में रहते हैं। भीखनटोला से लगभग एक कोश की दूरी पर एक प्राथमिक विद्यालय है। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो … Read more