नेतृत्व की विभिन्न शैलियाँ कौन-कौन सी हैं ?

नेतृत्व की विभिन्न शैलियाँ कौन-कौन सी हैं ? उत्तर— नेतृत्व की शैलियाँ— शैली का अर्थ है विशेष प्रकार के व्यवहार को प्रदर्शित करना। अतएव नेतृत्व की शैलियों से तात्पर्य नेता के विशिष्ट व्यवहार से है। एक नेता का जो आचरण तथा काम करने का ढंग होता है उसे ही नेतृत्व की शैली कहा जाता है। … Read more

व्यक्तित्व मापन में प्रेक्षण परीक्षणों का क्या महत्त्व है?

व्यक्तित्व मापन में प्रेक्षण परीक्षणों का क्या महत्त्व है? उत्तर– व्यक्तित्व मापन में प्रेक्षण परीक्षणों का महत्त्व – प्रक्षेपीय परीक्षणों के महत्त्व को निम्नलिखित बिन्दुओं में स्पष्ट किया जा सकता है— (1) अचेतन मन का अध्ययन – व्यक्ति की जो इच्छाएँ पूरी नहीं हो पाती हैं वे उसके अचेतन मन में इकट्ठी होती रहती हैं … Read more

परिपक्वता की परिभाषा दीजिए एवं अधिगम से इसके सम्बन्ध को बताइये ।

परिपक्वता की परिभाषा दीजिए एवं अधिगम से इसके सम्बन्ध को बताइये । उत्तर— परिपक्वता का अर्थ – जब बच्चे अपनी आयु के अनुसार अपने से बड़े लोगों की आशाओं के अनुरूप उपयुक्त कार्य करते हैं तो वे परिपक्व कहलाते हैं । अर्थात् जब बालक निश्चित मानकों एवं प्रौढ़ों की आशाओं के अनुरूप ऐसे आचरण करते … Read more

‘उद्दीपन प्रसूत व्यवहार’ एवं ‘क्रिया प्रसूत व्यवहार’ में अन्तर समझाइये ।

‘उद्दीपन प्रसूत व्यवहार’ एवं ‘क्रिया प्रसूत व्यवहार’ में अन्तर समझाइये । उत्तर— ‘उद्दीपन प्रसूत व्यवहार’ एवं ‘क्रिया प्रसूत व्यवहार’ में अन्तर निम्नलिखित प्रकार हैं— उद्दीपन प्रसूत व्यवहार — 1. इसके प्रतिपादक रूसी वैज्ञानिक पावलॉव (1927) है। इसे उद्दीपन प्रकार (S-type) कहते हैं। 2. यह उद्दीपन उन्मुख है (S-R) (उद्दीपन) – अनुक्रिया पर आधारित । 3. … Read more

धीमी गति से सीखने वाले बालकों की विशेषताएँ लिखिए।

धीमी गति से सीखने वाले बालकों की विशेषताएँ लिखिए। उत्तर— धीमी गति से सीखने वाले बालकों की विशेषताएँ– धीम गति से सीखने वालों में संज्ञानात्मक क्षमता सीमित होती है व वे सीखने की स्थितियों के साथ डोप करने और अमूर्त रूप से तर्क करने में विफल रहते हैं। उनमें रटने- सीखने में सफल होने की … Read more

चेतना के तीन स्तरों का वर्णन कीजिए।

चेतना के तीन स्तरों का वर्णन कीजिए। उत्तर— मानव मस्तिष्क को पहले एक एक ही रूप, चेतन रूप में जाना जाता था। लेकिन मनोविज्ञान ने चेतन मस्तिष्क के साथ-साथ अचेतन व अर्द्धचेतन मन की बात भी की है। सबसे पहले फ्रायड ने अचेतन मस्तिष्क का विधिवत अध्ययन किया है। मनोविश्लेषणवाद में चेतना के निम्नलिखित तीन … Read more

पाली बदलने पर बच्चों की खुशी, माता-पिता की नाखशी का कारण क्या था? ‘नगर’ शीर्षक कहानी के आधार पर बतायें।

पाली बदलने पर बच्चों की खुशी, माता-पिता की नाखशी का कारण क्या था? ‘नगर’ शीर्षक कहानी के आधार पर बतायें। उत्तर – बच्चों के निष्कलुष हृदय में अपनी दादी के लिए प्यार है। अत: पाली बदलने पर बच्चे हर्षित होकर उसके पास आते और कहते-“दादीजी, कल से आप हमारे घर खाना खायेंगी, हम साथ ही … Read more

सीता अपने ही घर में क्यों घुटन महसूस करती है ?

सीता अपने ही घर में क्यों घुटन महसूस करती है ? उत्तर- सीता विधवा होने के बाद बेटे और बहुओं से उपेक्षित हो गई है। बात-बात पर उसे मात्र दो रोटियों के लिए ताने सुनने पड़ते हैं। इससे वह सर्वदा अपमानित महसूस करती है । उसे लगता है कि धरती आकाश सिमटकर बहत छोटा हो … Read more

सीता अपनी स्थिति को किससे तुलना करती है ?

सीता अपनी स्थिति को किससे तुलना करती है ? उत्तर—बच्चों का खेल-‘माई-माई रोटी दे’। भिखारिन आती है और कहती है-“माई-माई रोटी दे” अन्दर से उत्तर मिलता है-यह घर छोड़ दूसरे घर जा। सीता भी अपने को उस भिखारिन जैसी मानती है। इसे भी महीना पूरे होते ही वही आदेश सुनाई देता है। हमसे जुड़ें, हमें … Read more

सीता क्या सोचकर घर से निकल पड़ी ?

सीता क्या सोचकर घर से निकल पड़ी ? उत्तर –प्रतिमाह 50-50 रु० देने की बात सुनकर सीता को हार्दिक पीड़ा हुई। उसने सोचा कि जब मुझे मजदूरी ही करनी है तो कहीं भी कर लूँगी और रोटी खा लँगी। यही सोचकर वह घुटन में घर से निकल पड़ी। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram … Read more