कवि को वक्ष बूढ़ा चौकीदार क्यों लगता था ?

कवि को वक्ष बूढ़ा चौकीदार क्यों लगता था ? उत्तर :- कवि एक वृक्ष के बहाने प्राचीन सभ्यता, संस्कृति एवं पर्यावरण की रक्षा की चर्चा की है। वृक्ष मनुष्यता, पर्यावरण एवं सभ्यता की प्रहरी है । यह प्राचीनकाल से मानव के लिए वरदानस्वरूप है, इसका पोषक है, रक्षक है । इन्हीं बातों का चिंतन करते … Read more

‘मानव का रचा हुआ सूरज/मानव को भाप बनाकर सोख गया’ की व्याख्या कीजिए।

‘मानव का रचा हुआ सूरज/मानव को भाप बनाकर सोख गया’ की व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत पद्यांश हिन्दी साहित्य के प्रयोगवादी कवि तथा बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न कवि ‘अज्ञेय’ के द्वारा लिखित ‘हिरोशिमा’ नामक शीर्षक से उद्धृत है । प्रस्तुत अंश में हिरोशिमा पर आण्विक अस्त्र का प्रयोग कितना भयानक रहा, इसी का चित्रण यहाँ किया … Read more

“एक दिन सहसा/सूरज निकला’ की व्याख्या कीजिए।

“एक दिन सहसा/सूरज निकला’ की व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत पद्यांश हिन्दी प्रयोगवादी विचारधारा के महान प्रवर्तक कवि अज्ञेय द्वारा लिखित ‘हिरोशिमा’ नामक शीर्षक से अवतरित है। प्रस्तुत अंश में हिरोशिमा में हुए बम विस्फोट के बाद दुष्परिणाम का जो अंश उपस्थित हुआ है उसी का मार्मिक चित्रण है। कवि कहना चाहते हैं कि जब … Read more

“काल-सूर्य के रथ के / पहियों के ज्यों अरे टूट कर / बिखर गये हों / दसों दिशा में’ की व्याख्या कीजिए।

“काल-सूर्य के रथ के / पहियों के ज्यों अरे टूट कर / बिखर गये हों / दसों दिशा में’ की व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक हिन्दी साहित्य के महान प्रयोगवादीकवि अज्ञेय के द्वारा लिखित ‘हिरोशिमा’ नामक शीर्षक से उद्धत है । प्रस्तुत अंश में यह कहा जा रहा है कि हिरोशिमा में … Read more

रूढ़िबद्धता एवं पूर्वाग्रह में अन्तर कीजिए ।

 रूढ़िबद्धता एवं पूर्वाग्रह में अन्तर कीजिए ।  उत्तर— रूढ़िबद्धता एवं पूर्वाग्रह में अन्तर — रूढ़िबद्धता एवं पूर्वाग्रह में निम्नलिखित अन्तर होते हैं— रूढ़िबद्धता— 1. रूढ़ियुक्तियाँ सकारात्मक तथा नकारात्मक दोनों होती हैं। 2. रूढ़ियुक्तियाँ अपरिवर्तनशील होती हैं अतः इन्हें परिवर्तित करना प्रायः सम्भव नहीं होता है । 3. रूढ़ियुक्तियाँ लोगों की धारणा एवं विश्वास पर आधारित … Read more

आज के युग में इस कविता की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।

आज के युग में इस कविता की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- यह स्पष्ट है कि ‘अज्ञेय’ प्रयोगवादी कविता का महान प्रवर्तक हैं। इनकी कविता यथार्थ की धरातल पर एक ऐसा अमिट चित्र छोड़ता है, जो माननीय संवेदनाओं को झकझोर देता है। ‘हिरोशिमा’ नामक कविता वर्तमान की प्रासंगिकता पर पूर्ण रूप से आधारित है। यह … Read more

अज्ञेय रचित ‘हिरोशिमा’ शीर्षक कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखें।

अज्ञेय रचित ‘हिरोशिमा’ शीर्षक कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखें। उत्तर :- द्वितीय विश्वयुद्ध में 6 अगस्त 1945 को अमेरिका के एक बमवर्षक विमान से जापान के हिरोशिमा नगर पर अणुबम गिराया गया। इससे जान-माल की अपार क्षति हुई। ‘हिरोशिमा’ शीर्षक कविता की पृष्ठभूमि यही है। कवि कहता है कि नगर के चौक पर … Read more

लिंग-भेदभाव की समस्या पर संक्षेप में प्रकाश डालिए ।

लिंग-भेदभाव की समस्या पर संक्षेप में प्रकाश डालिए ।                                          अथवा लैगिंक रूढ़िबद्धता एवं पूर्वाग्रह क्या है ? उत्तर— लिंग-भेदभाव / लैंगिक रूढिबद्धता एवं पूर्वाग्रह लैंगिक रूढ़िबद्धता से आशय है “स्त्री या पुरुष, लड़का या लड़की … Read more

छायाएँ दिशाहीन सब ओर क्यों पड़ती हैं ? स्पष्ट करें।

छायाएँ दिशाहीन सब ओर क्यों पड़ती हैं ? स्पष्ट करें। उत्तर :- सूर्य के उगने से जो भी बिम्ब-प्रतिबिम्ब या छाया का निर्माण होता है वे सभी निश्चित दिशा में लेकिन बम-विस्फोट से निकले हुए प्रकाश से जो छायाएँ बनती हैं वे दिशाहीन होती हैं। क्योंकि, आण्विक शक्ति से निकले हुए प्रकाश सम्पूर्ण दिशाओं में … Read more

प्रज्वलित क्षण की दोपहरी से कवि का आशय क्या है ?

प्रज्वलित क्षण की दोपहरी से कवि का आशय क्या है ? उत्तर :- हिरोशिमा में जब बम का प्रहार हुआ तो प्रचण्ड गोलों से तेज प्रकास निकला और वह चतुर्दिक फैल गया । इस अप्रत्याशित प्रहार से हिरोशिमा के लोग हतप्रभ रह गये । उन्हें ऐसा लगा कि धीरे-धीरे आनेवाला दोपहर आज एक क्षण में … Read more