कहने लगा चांद : भावार्थ

कहने लगा चांद : भावार्थ आलोचकगण भले ही दिनकर के काव्य-वैविध्य पर प्रश्न चिहन लगाये किंतु इसमें दो राय नहीं कि उनकी कविता का पूज छोटा नहीं है। कहने लगा चांद’ दिनकर की लीक से हटकर लिखी गई कविता है। इस कविता को कवि की प्रयोगवादी रचना भी मानी जा सकती है। यह कविता उनके … Read more