गर्म पकौडी : अर्थ एवं व्याख्या

गर्म पकौडी : अर्थ एवं व्याख्या कविता में व्यंग्य का पैनापन निराला का वैशिष्ट्य है। कबीर के बाद निराला हिंदी के बड़े व्यंग्यकार-कवि के रूप में जाने जाते हैं। समकालीन राजनीतिक-सामाजिक परिदृश्य पर चुभने वाली शैली में व्यंग्य उत्पन्न करने में निराला की सफलता का प्रमाण है – गर्म पकौड़ी’। कविता की संज्ञा ही पारंपरिक … Read more