चिंता : कथावस्तु एवं रूप

चिंता : कथावस्तु एवं रूप चिंता : कथावस्तु एवं रूप ‘चिंता’ कामायनी महाकाव्य का प्रथम सर्ग है। ‘कामायनी’ के अन्य सर्गों की तरह इस सर्ग का नामकरण भी मानवीय भावना के आधार पर किया गया है। कामायनी महाकाव्य में मानव सृष्टि के उदय और विकास की जो कथा प्रस्तुत हुई है, उस कथा का आरंभिक … Read more