मुसलमान कवियों की हिन्दी सेवा

मुसलमान कवियों की हिन्दी सेवा  राजनैतिक क्षेत्र में हिन्दू और मुसलमानों के कुछ भी सम्बन्ध रहे हों, परन्तु साहित्यिक क्षेत्र में मुसलमानों ने हिन्दी की अमूल्य सेवा की,वे हिन्दुओं के अधिक निकट आये । भारतीय  सभ्यता और संस्कृति से वे अत्यधिक  प्रभावित हुए, धार्मिक क्षेत्र में यद्यपि वे एकेश्वरवाद को मानते थे। उनका मूलमन्त्र था-‘ला … Read more