हिन्दी साहित्य में कहानियों का उद्भव और विकास

हिन्दी साहित्य में कहानियों का उद्भव और विकास कहानी के मूल में जिज्ञासा और अभिव्यक्ति दो प्रबल मनोवृत्तियाँ कार्य करती हैं।  सभ्यता  के प्रारम्भिक क्षणों में जब मनुष्य ने भाषा सीखी होगी तब मनोगत अनुभवों को दूसरों पर व्यक्त करने और दूसरों के अनुभव सुनने के लिये कहानी का आश्रय लिया होगा। अतः कहानी साहित्य … Read more