भारत में सहकारिता के विकास का वर्णन करें।

भारत में सहकारिता के विकास का वर्णन करें। उत्तर- भारत में सहकारिता की शुरुआत विधिवत रूप से सहकारी साख अधिनियम, 1904 के पारित होने के बाद ही हुई। इसके अनुसार गाँव या नगर में कोई भी दस व्यक्ति मिलकर सहकारी साख समिति की स्थापना कर सकते हैं। लेकिन 1904 में जो अधिनियम पारित हुआ, उसके … Read more

सहकारिता के मूल तत्व क्या हैं? बिहार के विकास में इसकी भूमिका का वर्णन करें।

सहकारिता के मूल तत्व क्या हैं? बिहार के विकास में इसकी भूमिका का वर्णन करें। उत्तर-सहकारिता एक ऐच्छिक संगठन है। इसमें व्यक्ति स्वेच्छा से अपनी आर्थिक उन्नति के लिए सम्मिलित होते हैं। सहकारिता के मूल तत्त्व इस प्रकार हैं (i) सहकारिता एक ऐच्छिक संगठन है। (ii) इसमें सभी सदस्यों को समान अधिकार प्राप्त होते हैं। … Read more

रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के विभिन्न कार्यों की विवेचना कीजिए।

रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के विभिन्न कार्यों की विवेचना कीजिए। उत्तर-रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं (i) रिजर्व बैंक को नोट निर्गमन का एकाधिकार प्राप्त है। (ii) रिजर्व बैंक केन्द्रीय तथा राज्य सरकारों के बैंकिंग सम्बन्धी समस्त कार्य करता है। (iii) रिजर्व बैंक बैंकों का बैंक है। यह आवश्यकता के समय उनकी … Read more

व्यावसायिक बैंक कितने प्रकार की जमा राशि को स्वीकार करते हैं ? संक्षिप्त विवरण करें।

व्यावसायिक बैंक कितने प्रकार की जमा राशि को स्वीकार करते हैं ? संक्षिप्त विवरण करें। उत्तर- व्यावसायिक बैंक प्रायः चार प्रकार की जमा राशि को स्वीकार करते हैं – (i) स्थायी जमा- इसे सावधि जमा भी कहा जाता है। इसके अंतर्गत बैंक एक निश्चित अवधि के लिए राशि जमा कर लेता है और उसकी निकासी समय … Read more

बिहार में कार्यरत विभिन्न गैर संस्थागत एवं संस्थागत वित्तीय संस्थाओं की विवेचना कीजिए।

बिहार में कार्यरत विभिन्न गैर संस्थागत एवं संस्थागत वित्तीय संस्थाओं की विवेचना कीजिए। उत्तर-वित्तीय संस्थाओं में ऐसी सभी संस्थाओं को शामिल किया जाता है जो जरूरतमंद लोगों को ऋण देने का कार्य करती हैं। ये संस्थाएँ दो प्रकार की होती हैं। (i) गैर संस्थागत वित्तीय संस्थाएँ-  इसमें हम साहूकार, महाजन आदि को शामिल करते हैं लेकिन … Read more

भारत में संस्थागत वित्तीय स्रोत कौन-कौन है ?

भारत में संस्थागत वित्तीय स्रोत कौन-कौन है ? उत्तर- राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएँ वे संस्थाएँ हैं जो देश की वित्तीय आर साख नीतियों को निर्देशन एवं निर्धारण करती हैं तथा राष्ट्रीय स्तर पर वित्त उपलब्ध करान का काम करती हैं। राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के दो प्रमुख अंग हैं (क) भारतीय मुद्रा बाजार (ख) भारतीय पूँजी बाजार  … Read more

राज्यस्तरीय संस्थागत वित्तीय स्रोत के कार्यों का वर्णन करें।

राज्यस्तरीय संस्थागत वित्तीय स्रोत के कार्यों का वर्णन करें। उत्तर- राज्यस्तरीय संस्थागत वित्तीय संस्थान के अंतर्गत वैसे संस्थान आते हैं जो राज्य स्तर पर विकासात्मक कार्य करते हों। ये ऋण उपलब्ध कराकर राज्य में साख का नियंत्रण करते हैं। कुछ प्रमुख राज्यस्तरीय संस्थागत वित्तीय संस्थानों के कार्य निम्नलिखित हैं (i) सहकारी बैंक – सहकारी बैंकों की … Read more

राष्ट्रीय वित्तीय संस्थान किसे कहते हैं? इसे कितने भागों में बाँटा जाता है ? वर्णन करें।

राष्ट्रीय वित्तीय संस्थान किसे कहते हैं? इसे कितने भागों में बाँटा जाता है ? वर्णन करें। उत्तर-राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएँ वे हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर वित्त प्रबंधन तथा साख अथवा ऋण के लेन-देन का कार्य करती हैं। इन वित्तीय संस्थाओं को प्रायः दो वर्गों में विभाजित किया जाता है- मुद्रा बाजार की वित्तीय संस्थाएँ तथा … Read more

गैर-सरकारी संस्थाएँ किस प्रकार सेवा क्षेत्र के विकास को सहयोग करती है, उदाहरण के साथ लिखें।

गैर-सरकारी संस्थाएँ किस प्रकार सेवा क्षेत्र के विकास को सहयोग करती है, उदाहरण के साथ लिखें। उत्तर-वित्तीय संस्थाओं में ऐसी सभी संस्थाओं को शामिल किया जाता है जो जरूरतमंद लोगों को ऋण-देने का कार्य करती हैं। गैर संस्थागत वित्तीय संस्थाएँ इसमें हम साहूकार, महाजन आदि को शामिल करते हैं लेकिन इन पर सरकार व रिजर्व … Read more

साख-पत्र क्या है ? कुछ प्रमुख साख-पत्रों पर प्रकाश डाले।

साख-पत्र क्या है ? कुछ प्रमुख साख-पत्रों पर प्रकाश डाले। उत्तर- साख-पत्र वे साधन हैं जिनका प्रयोग साख मुद्रा के रूप है। ये कई प्रकार के होते हैं। कुछ प्रमुख साख-पत्र निम्नलिखित है – (i) चेक- यह सर्वाधिक प्रचलित साख-पत्र है। यह एक लिखित जिसके अंतर्गत एक खाताधारी व्यक्ति अपने द्वारा जमा कि में से चेकधारक … Read more