कवि कहाँ अपने आँसुओं को पहुंचाना चाहता है, और क्यों ?

कवि कहाँ अपने आँसुओं को पहुंचाना चाहता है, और क्यों ? उत्तर :- कवि अपनी प्रेयषी सजान के लिए विरह-वेदना को प्रकट करते हए बादल से अपने प्रेमाश्रुओं को पहुँचाने के लिए कहता है। वह अपने आँसुओं को सुजान के आँगन में पहुँचाना चाहता है, क्योंकि वह उसकी याद में व्यथित है और अपनी व्यथा … Read more

“मन लेहु पै देहु छटाँक नहीं” से कवि का क्या अभिप्राय है ?

“मन लेहु पै देहु छटाँक नहीं” से कवि का क्या अभिप्राय है ? उत्तर :- कवि कहते हैं कि प्रेमी में देने की भावना होती है लेने की नहीं। प्रेम में प्रेमी अपने इष्ट को सर्वस्व न्योछावर करके अपने को धन्य मानते हैं। इसमें संपूर्ण समर्पण की भावना उजागर किया गया है। हमसे जुड़ें, हमें … Read more

‘रसखानि कबौं इन आँखिन सौं ब्रज के बनबाग तड़ाग निहारौं’ की व्याख्या करें।

‘रसखानि कबौं इन आँखिन सौं ब्रज के बनबाग तड़ाग निहारौं’ की व्याख्या करें। उत्तर :- प्रस्तुत पंक्ति हिन्दी साहित्य की पाठ्य-पुस्तक के रसखान-रचित करोल के कुंजन ऊपर वारों’ पाठ से उद्धत है । प्रस्तुत पंक्ति में कवि ब्रज पर अपना जावन सर्वस्व न्योछावर कर देने की भावमयी विदग्धता मुखरित करते हैं। प्रस्तुत व्याख्येय पंक्ति के … Read more

“मन पावन चितचोर, पलक ओट नहिं करि सकौं’ की व्याख्या करें।

“मन पावन चितचोर, पलक ओट नहिं करि सकौं’ की व्याख्या करें। उत्तर :- प्रस्तुत पंक्ति कृष्णभक्त कवि रसखान द्वारा रचित हिंदी पाठ्य-पुस्तक के ‘प्रेम-अयनि श्रीराधिका’ पाठ से उद्धृत है। इसमें कवि ने कृष्ण की मनोहर छवि के प्रति अपने हृदय की रीझ को व्यक्त किया है। प्रस्तुत पंक्ति में कवि कहते हैं कि नन्दकिशोर में … Read more

सवैये में कवि की कैसी आकांक्षा प्रकट होती है ? भावार्थ बताते हुए स्पष्ट करें ?

सवैये में कवि की कैसी आकांक्षा प्रकट होती है ? भावार्थ बताते हुए स्पष्ट करें ? उत्तर :- प्रेम-रसिक कवि रसखान द्वारा रचित सवैये में कवि की आकांक्षा प्रकट हुई है। इसके माध्यम से कवि कहते हैं कि कृष्णलीला की छवि के सामने अन्यान्य दृश्य बेकार हैं। कवि कृष्ण की लकुटी और कामरिया पर तीनों … Read more

‘प्रेम-अयनि श्री राधिका, करील के कुंजन ऊपर वारौं’ कविता का सारांश लिखें।

‘प्रेम-अयनि श्री राधिका, करील के कुंजन ऊपर वारौं’ कविता का सारांश लिखें। उत्तर :- पाठयपुस्तक में ‘प्रेम-अयनि श्री राधिका’ शीर्षक के अंतर्गत चार दोहे संकलित हैं तथा ‘करील के कुंजन ऊपर वारौं’ शीर्षक कविता के अंतर्गत एक सवैया संकलित है। रसखान कवि कहते हैं कि श्री राधिका प्रेम की खान हैं और श्रीकृष्ण का सारा व्यक्तित्व … Read more

कृष्ण को चोर क्यों कहा गया है ? कवि का अभिप्राय स्पष्ट करें ?

कृष्ण को चोर क्यों कहा गया है ? कवि का अभिप्राय स्पष्ट करें ? उत्तर :- कवि कृष्ण और राधा के प्रेम में मनमुग्ध हो गये हैं। उनकी मनमोहक छवि को देखकर मन पूर्णत: उस युगल में रम जाता है। इसलिए इन्हें लगता है कि इस देह से मनरूपी मणि को कृष्ण ने चुरा लिया … Read more

रसखान के द्वितीय दोहे का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट करें ?

रसखान के द्वितीय दोहे का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट करें ? उत्तर :- प्रस्तुत दोहे में सवैया छन्द में भाव के अनुसार भाषा का प्रयोग अत्यन्त मार्मिक है। सम्पूर्ण छन्द में ब्रजभाषा की सरलता, सहजता और मोहकता देखी जा सकती है। कहीं-कहीं तद्भव और तत्सम के सामासिक रूप भी मिल रहे हैं। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे … Read more

रसखान ने माली-मलिन किन्हें और क्यों कहा है ?

रसखान ने माली-मलिन किन्हें और क्यों कहा है ? उत्तर :- कवि ने माली-मालिन कृष्ण और राधा को कहा है। क्योंकि, कवि राधा-कृष्ण के प्रेममय युगल को प्रेम-भरे नेत्र से देखा है । यहाँ प्रेम को वाटिका मानते हैं और उस प्रेम-वाटिका के माली-मालिन कृष्ण-राधा को मानते हैं। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram … Read more

रसखान रचित सवैये का भावार्थ अपने शब्दों में लिखें।

रसखान रचित सवैये का भावार्थ अपने शब्दों में लिखें। उत्तर :- रसखान रचित सवैये में ब्रजभूमि के प्रति उनका हार्दिक प्रेम प्रकट होता है। सवैये में उन्होंने कहा है कि ब्रजभूमि की एक-एक वस्तु, स्थान, सरोवर, कँटीली झाड़ियाँ सुखदायक हैं क्योंकि यहाँ ब्रह्म के अवतार श्रीकृष्ण अवतरित हुए। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram … Read more