(i) लेखक आविन्यों किस सिलसिले में गए थे ? वहाँ उन्होंने क्या देखा-सुना ? (ii) ला शत्रूज क्या है और वह कहाँ अवस्थित है ? आजकल उसका क्या उपयोग होता है ?

(i) लेखक आविन्यों किस सिलसिले में गए थे ? वहाँ उन्होंने क्या देखा-सुना ? (ii) ला शत्रूज क्या है और वह कहाँ अवस्थित है ? आजकल उसका क्या उपयोग होता है ? उत्तर :- (i) लेखक को आविन्यों के कलाकेंद्र में पीटर क्रुक द्वारा की जा रही ‘महाभारत’ की प्रस्तुति में दर्शक की हैसियत से … Read more

‘आविन्यों’ पाठ का सारांश लिखें। अथवा, ‘आविन्यों’ में लेखक ने क्या देखा क्या पाया ? वर्णन करें।

‘आविन्यों’ पाठ का सारांश लिखें। अथवा, ‘आविन्यों’ में लेखक ने क्या देखा क्या पाया ? वर्णन करें। उत्तर–आविन्यों फ्रांस में रोन नदी के तट पर बसा एक पुराना शहर है। कभी यह पोप की राजधानी था। आज यह गर्मियों में प्रति वर्ष होने वाले रंग-समारोह का केन्द्र है।  रोन नदी के दूसरी और आविन्यों का … Read more

मनुष्य जीवन से पत्थर की क्या समानता और विषमता है ?

मनुष्य जीवन से पत्थर की क्या समानता और विषमता है ? उत्तर :- मानवीय जीवन में सुख और दु:ख के समय व्यतीत होते हैं। जीवन परिवर्तनशील पथ पर अग्रसर होता है । मानव उतार-चढ़ाव देखता है । पत्थर भी मानव की तरह परिवर्तनशील समय का सामना करता है। पत्थर भी शीत और ताप दोनों का … Read more

लेखक आविन्यों क्या साथ लेकर गए थे और वहाँ कितने दिनों तक रहे ? लेखक की उपलब्धि क्या रही ?

लेखक आविन्यों क्या साथ लेकर गए थे और वहाँ कितने दिनों तक रहे ? लेखक की उपलब्धि क्या रही ? उत्तर :- लेखक आविन्यों में उन्नीस दिनों तक रहे। वे वहाँ अपने साथ हिंदी का टाइपराइटर, तीन-चार पुस्तकें और कुछ संगीत के टेप्स ही ले गए थे। वे उस निपट एकांत में अपने में और … Read more

किसके पास तटस्थ रह पाना संभव नहीं हो पाता और क्यों ?

किसके पास तटस्थ रह पाना संभव नहीं हो पाता और क्यों ? उत्तर :- नदी के किनारे और कविता के पास तटस्थ रह पाना संभव नहीं हो पाता। क्योंकि दोनों की अभिभूति से बची नहीं जा सकती। नदी और कविता में हम बरबस ही शामिल हो जाते हैं। निरन्तरता नदी और कविता दोनों में हमारी … Read more

नदी के तट पर बैठे हुए लेखक को क्या अनुभव होता है ?

नदी के तट पर बैठे हुए लेखक को क्या अनुभव होता है ? उत्तर :- नदी के तट पर बैठे हुए लेखक को लगता है कि जल स्थिर है और तट ही बह रहा है। उन्हें अनुभव हो रहा है कि वे नदी के साथ बह रहे हैं। नदी के पास रहने से लगता है … Read more

नदी तट पर लेखक को किसकी याद आती है और क्यों ?

नदी तट पर लेखक को किसकी याद आती है और क्यों ? अथवा, आविन्यो पाठ के लेखक को नदी तट पर किसकी याद आती है और क्यों ?  उत्तर :- नदी तट पर लेखक को विनोद कुमार शुक्ल की एक कविता याद आती है। क्योंकि लेखक नदी तट पर बैठकर अनुभव करते हैं कि वे … Read more

आविन्यों क्या है और वह कहाँ अवस्थित है ? हर बरस आविन्यों में कब और कैसा समारोह हुआ करता है ?

आविन्यों क्या है और वह कहाँ अवस्थित है ? हर बरस आविन्यों में कब और कैसा समारोह हुआ करता है ? अथवा, आविन्यों में प्रत्येक बर्ष आविन्यों में कब और कैसा समारोह हुआ करता है ?  उत्तर :- आविन्यों मध्ययुगीन ईसाई मठ है। यह दक्षिणी फ्रांस में अवस्थित है। आविन्यों फ्रांस का एक प्रमुख कलाकेंद्र … Read more

“मैं कोई चीज चुराता नहीं हूँ कि अपने बेटे के लिए ये रखना है, उसको सिखाना है’ की व्याख्या कीजिए।

“मैं कोई चीज चुराता नहीं हूँ कि अपने बेटे के लिए ये रखना है, उसको सिखाना है’ की व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत पंक्ति हिन्दी साहित्य पाठ्यपुस्तक के ‘जित-जित मैं निरखत हूँ’ से ली गई है। यह शीर्षक हिन्दी साहित्य की साक्षात्कार विधा है। यहाँ स्वयं साक्षात्कार के दरम्यान अपने शिष्य के प्रति निष्ठा, वात्सल्यता … Read more

‘मैं तो बेचारा उसका असिस्टेंट हूँ। उस नाचने वाले का’, व्याख्या कीजिए।

‘मैं तो बेचारा उसका असिस्टेंट हूँ। उस नाचने वाले का’, व्याख्या कीजिए। उत्तर :-प्रस्तुत व्याख्येय पंक्ति हिन्दी पाठ्यपुस्तक के ‘जित-जित मैं निरखत हूँ’ शीर्षक से ली गई है। यह शीर्षक हिन्दी साहित्य की साक्षात्कार विधा है। इसमें भारतीय कत्थक के महानतम नायक बिरजू महाराज स्वयं अपने मुखारविन्द से कत्थक के प्रति अपनी समर्पण भावना का … Read more