अध्ययन क्षेत्र (अनुशासन) की प्रकृति का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

अध्ययन क्षेत्र (अनुशासन) की प्रकृति का संक्षेप में वर्णन कीजिए।  उत्तर— अध्ययन क्षेत्र (अनुशासन) की प्रकृति–अनुशासन की विचारधारा परिवर्तनशील है, स्थाई नहीं। इसी कारण वैज्ञानिक परिवर्तनों के साथ-साथ इसकी विचारधारा में भी परिवर्तन होता रहता है। अनुशासन की प्रकृति का अध्ययन हम निम्न प्रकार से कर सकते हैं— (1) सकारात्मक अनुशासन (2) निर्देशात्मक अनुशासन (3) … Read more

संकाय का क्षेत्र स्पष्ट कीजिए।

संकाय का क्षेत्र स्पष्ट कीजिए। उत्तर—संकाय का क्षेत्र–वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को समाजोन्मुखी एवं राष्ट्रीय आकांक्षाओं के अनुरूप बनाने हेतु शिक्षाविदों द्वारा शिक्षा के अनेक नए क्षेत्रों के अन्तर्गत नई पाठ्यवस्तु आधारित विषयों तथा संकायों को जोड़ा गया है। अतः शैक्षिक संरचना में अध्ययन क्षेत्र (अनुशासन) का महत्त्व निरन्तर बढ़ रहा है। इसके क्षेत्र में निम्नांकित … Read more

विद्यालय पाठ्यक्रम में अनुशासनात्मक ज्ञान की क्या भूमिका है ?

विद्यालय पाठ्यक्रम में अनुशासनात्मक ज्ञान की क्या भूमिका है ?                                      अथवा विद्यालयी पाठ्यक्रम में अनुशासनिक ज्ञान की भूमिका स्पष्ट कीजिए। उत्तर—विद्यालय पाठ्यक्रम में अनुशासनात्मक ज्ञान की भूमिका–ज्ञान अखण्ड है, मानव मस्तिष्क एक है, ज्ञान की ग्राह्यता मानव … Read more

सह सम्बन्ध या समन्वय के महत्त्व से आप क्या समझते हैं ?

सह सम्बन्ध या समन्वय के महत्त्व से आप क्या समझते हैं ?  उत्तर— सह-सम्बन्ध या समन्वय का महत्त्व–सह – सम्बन्ध या समन्वय के महत्त्व को निम्नलिखित बिन्दुओं के आधार पर समझा जा सकता है— (1) वर्तमान सह-सम्बन्ध पाठ्यक्रम के भार को कम करता है, में विद्यालयों में विषयों की संख्या बहुत अधिक हो गई है। … Read more

अनुशासन सम्बन्धी ज्ञान की अवधारणा से आप क्या समझते हैं ?

अनुशासन सम्बन्धी ज्ञान की अवधारणा से आप क्या समझते हैं ?                               अथवा अध्ययन क्षेत्र की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए । उत्तर— अध्ययन क्षेत्र की अवधारणा—19वीं शताब्दी में जर्मनी के विश्वविद्यालयों में अध्ययन शब्द का प्रयोग किया जाने लगा जो धीरे-धीरे नवीन … Read more

अनुशासनात्मक क्षेत्र तथा विद्यालय विषय के मध्य सम्बन्ध को समझाइये ।

अनुशासनात्मक क्षेत्र तथा विद्यालय विषय के मध्य सम्बन्ध को समझाइये ।  उत्तर— अनुशासनात्मक क्षेत्र तथा विद्यालय विषय के मध्य सम्बन्ध–ज्ञान अखंड हैं फिर भी शिक्षा प्रणाली के अन्तर्गत उसे अलगअलग क्षेत्रों में विभाजित कर दिया गया हैं। क्योंकि ज्ञान का निरन्तर विकास होता रहता है। यह विकास जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगार्थ एवं विकास … Read more

अनुशासनात्मक ज्ञान का क्या अर्थ है ?

अनुशासनात्मक ज्ञान का क्या अर्थ है ?                     अथवा अन्तअनुशासनात्मक ज्ञान का क्या आशय है ? उत्तर— अनुशासनात्मक ज्ञान का अर्थ–अनुशासनात्मक ज्ञान का अंग्रेजी शब्द ‘Disciplinary’ की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द ‘ discipulus’ से हुई है जिसका शाब्दिक अर्थ है शिक्षार्थी तथा ‘disciplina’ अर्थात् शिक्षण … Read more

लेखन कौशल में रचना से क्या तात्पर्य है ? रचना के विभिन्न रूपों को स्पष्ट कीजिए ।

लेखन कौशल में रचना से क्या तात्पर्य है ? रचना के विभिन्न रूपों को स्पष्ट कीजिए । उत्तर—रचना (Compositing)–लेखन-कौशल के संदर्भ रचना से तात्पर्य विचारों की क्रमबद्ध लिखित अभिव्यक्ति से है। वाक्य-संरचना, शब्द – भण्डार, लिपि-रचना तथा वर्तनी का पर्याप्त ज्ञान होने पर छात्रों से अन्य भाषा में लिखित रचना करवाई जाती है। रचना से … Read more

संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए- सस्वर एवं मौन वाचन में अन्तर ।

संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए- सस्वर एवं मौन वाचन में  अन्तर ।                                        अथवा वाचन से आप क्या समझते हैं ? मौन वाचन तथा सस्वर वाचन में अन्तर बताइये । उत्तर— वाचन–वाचन या पाठन भी एक महत्त्वपूर्ण कौशल है। … Read more

कहानी का अर्थ स्पष्ट करते हुए इसके महत्त्व एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालिये।

कहानी का अर्थ स्पष्ट करते हुए इसके महत्त्व एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालिये।  उत्तर— कहानी का अर्थ–कहानी गद्य साहित्य की सर्वाधिक प्रिय विधा है। जहाँ तक कहानी कहने और सुनने का सवाल है तो यह प्रवृत्ति अति प्राचीन है। लिखित कहानियों का श्रीगणेश बौद्धकालीन जातक साहित्य से माना जाता है। संस्कृत आख्यायिकाएँ जातक कहानियों के … Read more