राष्ट्रीय पाठ्यक्रम संरचना शिक्षक शिक्षा, 2009 की आवश्यकता का उल्लेख कीजिए ।

राष्ट्रीय पाठ्यक्रम संरचना शिक्षक शिक्षा, 2009 की आवश्यकता का उल्लेख कीजिए । उत्तर—  राष्ट्रीय पाठ्यक्रम संरचना शिक्षक शिक्षा, 2009 की आवश्यकता – समय-समय पर शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सुधार हुए है। इसके बावजूद शिक्षक शिक्षा के लिए नए पाठ्यक्रम की आवश्यकता अनुभव की गयी । शिक्षक सम्पूर्ण मानव जाति के विकास एवं राष्ट्र निर्माण … Read more

मौलिक कर्त्तव्यों के प्रति जागरूकता पैदा करने में शिक्षा की भूमिका बताइये ।

मौलिक कर्त्तव्यों के प्रति जागरूकता पैदा करने में शिक्षा की भूमिका बताइये । उत्तर— मौलिक कर्त्तव्यों के प्रति जागरूकता पैदा करने में शिक्षा की भूमिका – शिक्षा कर्त्तव्यों को व्यवहार में परिणत करने के लिए सर्वप्रथम ज्ञान (तथ्यात्मक) प्रदान करती है। ज्ञान के आधार पर जागरूकता उत्पन्न होती है। परिणामस्वरूप व्यवहार परिवर्तन की प्रक्रिया प्रारम्भ … Read more

शिक्षा के विभिन्न रूपों की व्याख्या कीजिए।

शिक्षा के विभिन्न रूपों की व्याख्या कीजिए। उत्तर—  शिक्षा के विभिन्न रूप-शिक्षा के दो रूप है—एक स्वरूप अनादि है यह सदैव समाज में एक प्रक्रिया में निहित रहेगा और दूसरा स्वरूप औपचारिक है। इन्हीं स्वरूपों को शिक्षाशास्त्री विभिन्न नामों से व्यक्त करते हैं, परन्तु शिक्षा का मूल एक ही है। विद्वानों ने शिक्षा के चार … Read more

कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय की मुख्य विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय की मुख्य विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। उत्तर— कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं— (1) जिन क्षेत्रों में अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक तथा पिछड़े वर्गों की बालिकाएँ स्कूलों में प्रवेश नहीं ले रही हैं वहाँ कस्तूरबा गाँधी विद्यालय खोले गए । (2) जिन क्षेत्रों में लड़कियों का साक्षरता प्रतिशत … Read more

शिक्षा और नागरिक कर्त्तव्यों के बीच क्या सम्बन्ध है ?

 शिक्षा और नागरिक कर्त्तव्यों के बीच क्या सम्बन्ध है ?  उत्तर— शिक्षा और नागरिक कर्त्तव्यों के मध्य सम्बन्ध – ‘कर्मण्यवाधिकारस्ते’ की भावना को मूर्त रूप देने वाली भारतीय संस्कृति को मूल आधार मानकर संविधान के कर्त्तव्यों की व्याख्या की गई है। शिक्षा द्वारा इन कर्त्तव्यों को व्यवहार रूप में लागू किया जा सकता है। कर्त्तव्यों … Read more

स्वामी विवेकानन्द के शिक्षा सम्बन्धी विचार स्पष्ट कीजिए।

स्वामी विवेकानन्द के शिक्षा सम्बन्धी विचार स्पष्ट कीजिए।  उत्तर— स्वामी विवेकानन्द के शिक्षा सम्बन्धी विचार-भारत की वर्तमान और भविष्य में आने वाली परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमें अपनी वर्तमान शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन करने की अति आवश्यकता है। हमें ऐसी वर्तमान शिक्षा की आवश्यकता है, जो समय के अनुकूल हो। हमारी दुर्दशा का … Read more

दर्शन का क्या अर्थ है तथा शिक्षा हेतु इसका क्या योगदान है ?

दर्शन का क्या अर्थ है तथा शिक्षा हेतु इसका क्या योगदान है ? उत्तर— दर्शन का अर्थ-दर्शन का शाब्दिक अर्थ-दर्शन अंग्रेजी भाषा के फिलोस्की शब्द का रूपान्तर है। इस शब्द की उत्पत्ति ग्रीक के दो शब्दों ‘फिलोस’ तथा ‘सोफिया’ से हुई है। फिलोस का अर्थ है प्रेम अथवा अनुराग और सोफिया का अर्थ ज्ञान । … Read more

प्रकृतिवाद के मूल सिद्धान्त कौन-कौनसे हैं ?

 प्रकृतिवाद के मूल सिद्धान्त कौन-कौनसे हैं ?  उत्तर— प्रकृतिवाद के मूल सिद्धान्त निम्नलिखित हैं— (1) प्रकृति अंतिम वास्तविकता है। सभी चीजें पदार्थ से उत्पन्न हुई है, सभी को अन्ततः पदार्थ के लिए कम किया जाना है। पदार्थ अलग-अलग रूप लेता है। (2) मन मस्तिष्क का कार्य है और मस्तिष्क पदार्थ है। (3) सभी प्रकार की … Read more

वीडियो कान्फ्रेंसिग प्रणाली का अर्थ बताते हुए आधारभूत तत्त्व एवं शैक्षिक उपयोगों का वर्णन कीजिए।

वीडियो कान्फ्रेंसिग प्रणाली का अर्थ बताते हुए आधारभूत तत्त्व एवं शैक्षिक उपयोगों का वर्णन कीजिए। उत्तर— वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग — वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग दूसरी दूरसंचार विधियों से थोड़ी भिन्न इसलिए है क्योंकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आवाज के साथ-साथ चित्र भी दिखाई पड़ते हैं जिससे यह महसूस होता है कि व्यक्ति आमने-सामने बैठकर ही बातचीत कर रहे हैं। … Read more

सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन से क्या अभिप्राय है ? इसका महत्त्व स्पष्ट कीजिए।

सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन से क्या अभिप्राय है ? इसका महत्त्व स्पष्ट कीजिए। उत्तर— सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन की अवधारणा (Concept of CCE) –मूल्यांकन का अभिप्राय बालकों को उसकी सहायता या असफलता का प्रमाण-पत्र देना ही नहीं, बल्कि उसकी योग्यता को बढ़ावा देते हुए सही दिशा प्रदान करना है। इसके लिए आवश्यक है कि बच्चों … Read more