स्व अधिगम की परिकल्पना को स्पष्ट करते हुए इसके चक्र की विवेचना कीजिए।

स्व अधिगम की परिकल्पना को स्पष्ट करते हुए इसके चक्र की विवेचना कीजिए। उत्तर— स्व-अधिगम – स्व-अधिगम का अर्थ उन सब व्यूह रचनाओं, सूत्रों, अधिगम, पद्धतियों आदि से है जो अधिगमकर्ता को स्वायत्त अधिगकर्ता बताती हैं। अधिगम में प्रभाविकता व रोचकता बढ़ती है। अधिगमकर्त्ता, अधिगम करने का तरीका जान पाता है। विषय को अधिगमकर्त्ता स्वयं … Read more

कठोर एवं मृदुल उपागम के मध्य अन्तर स्पष्ट कीजिए । शिक्षा के क्षेत्र में इनकी क्या उपयोगिता है ?

 कठोर एवं मृदुल उपागम के मध्य अन्तर स्पष्ट कीजिए । शिक्षा के क्षेत्र में इनकी क्या उपयोगिता है ? उत्तर— कठोर एवं मृदुल उपागम के मध्य अन्तर – कठोर एवं मुदुल उपागम के मध्य अन्तर का वर्णन निम्नलिखित प्रकार हैजॉन. पी. डेसीको के अनुसार, “सॉफ्टवेयर उपागम हार्डवेयर उपागमों से इस प्रकार से भिन्नता रखते हैं … Read more

शिक्षण के परम्परागत स्वरूप से लेकर आधुनिक स्वरूप तक होने वाली शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का उल्लेख कीजिए।

शिक्षण के परम्परागत स्वरूप से लेकर आधुनिक स्वरूप तक होने वाली शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का उल्लेख कीजिए। उत्तर— शिक्षा की व्यवस्था प्राचीन काल से ही चली आ रही है। प्राचीन काल में परम्परागत शिक्षण अधिगम व्यवस्था थी। उस समय शिक्षक को ही अधिक महत्त्व जाता था परन्तु वर्तमान में शिक्षण-अधिगम व्यवस्था में काफी परिवर्तन हो रहा … Read more

“प्रभावी शिक्षण” की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए । आप अपने शिक्षण को प्रभावी बनाने हेतु क्या उपाय/सुझाव करेंगे ?

“प्रभावी शिक्षण” की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए । आप अपने शिक्षण को प्रभावी बनाने हेतु क्या उपाय/सुझाव करेंगे ?  उत्तर— प्रभावकारी शिक्षण – शिक्षक जिस सीमा तक शिक्षार्थी पर प्रभाव डालने में सफल होता है, वह उसी सीमा तक प्रभावी शिक्षक कहलाता है और शिक्षण उद्देश्य भी उसी सीमा तक पूरा हो जाता है। प्रभावकारी … Read more

अधिगम को प्रभावित करने वाले तत्त्वों का उल्लेख कीजिए।

अधिगम को प्रभावित करने वाले तत्त्वों का उल्लेख कीजिए। उत्तर— अधिगम को प्रभावित करने वाले तत्त्व—अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक निम्न हैं— (i) वातावरण – अधिगम के लिए समाज, परिवार, पाठशाला का उचित वातावरण होना बहुत जरूरी है। (ii) अभिप्रेरणा — अभिप्रेरणा की शक्ति व्यक्ति को उद्देश्य तक ले जाती है व सीखने की … Read more

अध्यापक में शिक्षण कौशलों के विकास सूक्ष्म शिक्षण किस प्रकार सहायक है ?

अध्यापक में शिक्षण कौशलों के विकास सूक्ष्म शिक्षण किस प्रकार सहायक है ?  उत्तर— छात्र – अध्यापक में शिक्षण कौशलों के विकास में सूक्षम शिक्षण का योगदान – सूक्ष्म शिक्षण की उपयोगिता को हम निम्न बिन्दुओं द्वारा समझ सकते हैं— (1) सूक्ष्म-शिक्षण द्वारा विभिन्न शिक्षण कौशलों के प्रयोग में दक्षता प्राप्त की जाती है । … Read more

शिक्षण, प्रशिक्षण एवं अनुदेशन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

शिक्षण, प्रशिक्षण एवं अनुदेशन में अन्तर स्पष्ट कीजिए। उत्तर—शिक्षण, अनुदेशन तथा प्रशिक्षण में अन्तर निम्न है— शिक्षण— 1. शिक्षण का क्षेत्र व्यापक है। 2. इसका मुख्य उद्देश्य बालक का सर्वांगीण विकास करना है। 3. शिक्षण एक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। 4. इसमें विविध शिक्षण विधियों को प्रयुक्त किया जाता है।. 5. इसमें दिया जाने … Read more

शिक्षा के वैयक्तिक उद्देश्य के रूप में ‘आत्माभिव्यक्ति’ तथा ‘आत्मानुभूति’ को स्पष्ट कीजिए।

शिक्षा के वैयक्तिक उद्देश्य के रूप में ‘आत्माभिव्यक्ति’ तथा ‘आत्मानुभूति’ को स्पष्ट कीजिए। उत्तर– आत्माभिव्यक्ति (Self-Expression) – कुछ व्यक्तिवादी विचारकों के मतानुसार शिक्षा के उद्देश्य बालकों को आत्माभिव्यक्ति में स्वतंत्रता एवं सफलता देना है। आत्माभिव्यक्ति से उसका तात्पर्य आत्म प्रकाशन (Self Assertion) अर्थात् मूल प्रवृत्तियों को स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर देना है। दूसरे शब्दों … Read more

आपके विचार में आधुनिक भारतीय समाज की शिक्षा के क्या उद्देश्य व लक्ष्य होने चाहिए ?

आपके विचार में आधुनिक भारतीय समाज की शिक्षा के क्या उद्देश्य व लक्ष्य होने चाहिए ? उत्तर–  आधुनिक भारतीय समाज की शिक्षा के उद्देश्य— (1) अन्तर्राष्ट्रीय व विश्व बन्धुत्व में बाधक तत्त्वों की समाप्ति शिक्षा द्वारा बालकों के मन मस्तिष्क से उन प्रवृत्तियों को आमूलचूल नष्ट करने की आवश्यकता है जो अन्तर्राष्ट्रीय एकता, विश्व बन्धुत्व … Read more

युवा असंतोष के मुख्य कारण कौन-कौनसे हैं ? युवा असंतोष कम करने में शिक्षा की भूमिका स्पष्ट कीजिए|

युवा असंतोष के मुख्य कारण कौन-कौनसे हैं ? युवा असंतोष कम करने में शिक्षा की भूमिका स्पष्ट कीजिए| उत्तर— युवा असंतोष के मुख्य कारण – निम्नलिखित हैं— (1) दोषपूर्ण शिक्षा पद्धति – शिक्षा पद्धति के दोषों का भी बालकों में अनुशासनहीनता उत्पन्न करने में महत्त्वपूर्ण भाग है। दोषपूर्ण शिक्षा पद्धति ने बालकों में पर्याप्त मात्रा … Read more