कविता की चित्रात्मकता पर प्रकाश डालिए।

कविता की चित्रात्मकता पर प्रकाश डालिए। उत्तर :- प्रस्तुत कविता की भाषाशैली भी चित्रमयी हो गयी है, प्राकृतिक वर्णन में कहीं-कहीं अनायास ही चित्रात्मकता का प्रभाव भी है । खेतों में हरे-भरे लहलहाते धान, कटहल की छाया, हवा के चलने से झूमती हुई वृक्षों की टहनियाँ, झूले के चित्र की रूपरेखा चित्रित है। आकाश में … Read more

कवि किनके बीच अँधेरे में होने की बात करता है ? आशय स्पष्ट करें।

कवि किनके बीच अँधेरे में होने की बात करता है ? आशय स्पष्ट करें। उत्तर :- संध्याकाल जब ब्रह्मांड में अंधेरा का वातावरण उपस्थित होने लगता है उस समय सारस के झुंड अपने घोंसलों की ओर लौटते हैं तो उनकी सुन्दरता मन को मोह लेती है। यह सुन्दरतम दृश्य कवि को भाता है और इस … Read more

कविता में आए बिंबों का सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।

कविता में आए बिंबों का सौंदर्य स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- कवि ने प्राकृतिक सौंदर्य के वातावरण में बिम्बों की स्थापना सौंदर्यपूर्ण चित्रमयी शैली में किया है। बंगाल की नवयुवतियों के रूप में अपने पैरों में धुंघरू बाँधने का बिम्ब उपस्थित किया है। हवा का झोंका तथा वृक्षों की डाली को झूला के रूप में प्रदर्शित … Read more

अगले जन्मों में बंगाल में आने की क्या सिर्फ कवि की इच्छा है? स्पष्ट कीजिए।

अगले जन्मों में बंगाल में आने की क्या सिर्फ कवि की इच्छा है? स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- अगले जम्मों में बंगाल में आने की प्रबल इच्छा तो कवि की है ही। लेकिन, इसकी अपेक्षा जो बंगालप्रेमी हैं, जिन्हें बंगाल की धरती के प्रति आस्था और विश्वास है, कवि उन लोगों का भी प्रतिनिधित्व कर रहे … Read more

“गमले-सा टूटता हुआ उसका ‘ग’/घड़े-सा लुढ़कता हुआ उसका ‘घ’ ” की व्याख्या कीजिए।

“गमले-सा टूटता हुआ उसका ‘ग’/घड़े-सा लुढ़कता हुआ उसका ‘घ’ ” की व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत व्याख्येय पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्य पुस्तक के ‘अक्षर-ज्ञान’ शीर्षक से उद्धृत हैं। प्रस्तुत अंश में हिन्दी साहित्य की समसामयिक कवयित्री अनामिका ने अक्षर-ज्ञान की प्रारंभिक शिक्षण-प्रक्रिया में संघर्षशीलता का मार्मिक वर्णन किया है। कवयित्री कहती हैं कि बच्चों को … Read more

‘कवयित्री अनामिका की ‘अक्षर-ज्ञान’ शीर्षक कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखें।

‘कवयित्री अनामिका की ‘अक्षर-ज्ञान’ शीर्षक कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखें। उत्तर :- अबोध बालक हिंदी वर्णमाला के अक्षर पाटी पर (स्लेट पर) साधने चला है। वह ‘क’ लिखता है, पर उसका ‘क’ निर्धारित स्थान की सीमा का उल्लंघन कर जाता है, वह चौखटे में नहीं अँटता। उसे बताया गया है कि ‘क’ से … Read more

कविता में तीन उपस्थितियाँ हैं । स्पष्ट करें कि वे कौन-कौन-सी हैं ?

कविता में तीन उपस्थितियाँ हैं । स्पष्ट करें कि वे कौन-कौन-सी हैं ? उत्तर :- प्रस्तुत कविता में प्रवेश, बोध और विकास तीन उपस्थितियाँ आयी हैं। अक्षर-ज्ञान की प्रक्रिया सबसे पहले प्रवेश की वातावरण में प्रारंभ हुई है। उसके बाद बोध में कुछ परिपक्वता दिखाई पड़ने लगती है। अंत में विकास क्रम उपस्थित ” होता … Read more

बेटे के लिए ‘ङ’ क्या है, और क्यों ?

बेटे के लिए ‘ङ’ क्या है, और क्यों ? उत्तर :- बेटे के लिए ‘ङ’ उसको गोद में लेकर बैठने वाली माँ है। माँ स्नेह देती है, वात्सल्य प्रेम देती है। ‘ङ’ भी ‘क’ से लेकर ‘घ’ तक सीखने के क्रम के बाद आता है। वहाँ स्थिरता आ जाती है, साधनाक्रम रुक जाता है । … Read more

कविता के अंत में कवयित्री ‘शायद’ अव्यय का क्यों प्रयोग करती हैं ? स्पष्ट कीजिए।

कविता के अंत में कवयित्री ‘शायद’ अव्यय का क्यों प्रयोग करती हैं ? स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- यहाँ कविता के अंत में कवयित्री ‘शायद’ अव्यय का प्रयोग करके यह स्पष्ट करना चाहती है कि जो अक्षर-ज्ञान में बच्चों को मसक्कत करना पड़ता है वही मसक्कत सृष्टि के विकास में करना पड़ा होगा । शायद सृष्टि … Read more

“अक्षर-ज्ञान” शीर्षक कविता किस तरह एक सांत्वना और आशा जगाती है ? स्पष्ट करें।

“अक्षर-ज्ञान” शीर्षक कविता किस तरह एक सांत्वना और आशा जगाती है ? स्पष्ट करें। उत्तर :- कविता में एक प्रवाह है जो विकासवाद के प्रवाह का बोध कराता है। सांत्वना और आशा सफलता का मूलमंत्र है । अक्षर-ज्ञान की प्रारंभिक शिक्षण-प्रक्रिया अति संघर्षशील होती है। लेकिन अक्षर ज्ञान करवाने वाली ममता की मूर्ति माँ सांत्वना … Read more