खालिस बेचैनी किसकी है ? बेचैनी का क्या अभिप्राय है ?

खालिस बेचैनी किसकी है ? बेचैनी का क्या अभिप्राय है ? उत्तर :- खालिस बेचैनी खरगोश की है । ‘क’ सीखकर ‘ख’ सीखने के कर्मपथ पर अग्रसर होता हआ साधक की जिज्ञासा बढ़ती है और वह आगे बढ़ने को बेचैन हो जाता है । बेचैनी का अभिप्राय है आगे बढ़ने की लालसा, जिज्ञासा एवं कर्म … Read more

कविता में ‘क’ का विवरण स्पष्ट कीजिए।

कविता में ‘क’ का विवरण स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत कविता में कवयित्री छोटे बालक द्वारा प्रारम्भिक अक्षर-बोध को साकार रूप में चित्रित करते हुए कहती हैं कि ‘क’ को लिखने में अभ्यास-पुस्तिका का चौखट छोटा पड़ जाता है। कर्मपथ भी इसी प्रकार प्रारंभ में फिसलन भरा होता है। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. … Read more

कवियित्री के अनुसार बेटे को आँसू कब आता है; और क्यों?

कवियित्री के अनुसार बेटे को आँसू कब आता है; और क्यों? उत्तर :- सीखने के क्रम में कठिनाइयों का सामना करते हुए बालक थक जाता है । ‘क’ से लेकर ‘घ’ तक अनवरत सीखते हुए ‘ङ’ सीखने का प्रयास करना कठिन हो जाता है। यहाँ वह पहले-पहल विफल होता है और आँसू आ जाते हैं। … Read more

व्याख्या करें –

व्याख्या करें – ‘गरीब बस्तियों में भी धमाके से हुआ देवी जागरण लाउडस्पीकर पर’ उत्तर :- प्रस्तुत पद्यांश हिन्दी साहित्य के सुप्रसिद्ध कवि वीरेन डंगवाल के द्वारा लिखित ‘हमारी नींद’ से ली गई है। इस अंश में कवि ने उन लोगों का चित्र खींचा है जो गरीब बस्तियों में जाकर अपनी स्वार्थसिद्धि के लिए देवी … Read more

“याने साधन तो सभी जुटा लिए हैं अत्याचारियों ने’ की व्याख्या कीजिए।

“याने साधन तो सभी जुटा लिए हैं अत्याचारियों ने’ की व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक गोधूलि के ‘हमारी नींद’ नामक शीर्षक से उद्धृत है । कवि ने वीरेन डंगवाल सामाजिक अत्याचारियों की करतूतों का पर्दाफाश किया है। आज हमारे समाज में अनेक लोग हैं जो अपनी जिंदगी को आरामतलबी बना लिये हैं … Read more

‘हमारी नींद के बावजूद’ की व्याख्या कीजिए।

‘हमारी नींद के बावजूद’ की व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत पद्यांश हमारी हिन्दी पाठ्य-पुस्तक के ‘हमारी नींद’ नामक शीर्षक से उद्धृत है। इस अंश में हिन्दी काव्यधारा के समसामयिक कवि वीरेन डंगवाल ने वैसे लोगों का चित्रण किया है जो आरामतलबी जीवन पसंद करते हैं। प्रस्तुत अंश में कवि कहते हैं कि जीवनक्रम कभी रुकता … Read more

वीरेन डंगवाल रचित ‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता का सारांश अपने शब्दों में प्रस्तुत करें।

वीरेन डंगवाल रचित ‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता का सारांश अपने शब्दों में प्रस्तुत करें। उत्तर :- हम नींद में सोते हैं, इसका यह अर्थ कतई नहीं होता कि सृष्टि का विकास क्रम रूक गया है। हमारी नींद में भी प्रकृति का विकासक्रम अग्रसर होता है। हमारे सोने और जागने के बीच पेड़ कुछ इंच बढ़ … Read more

कविता में एक शब्द भी ऐसा नहीं है जिसका अर्थ जानने की कोशिश करनी पड़े। यह कविता की भाषा की शक्ति है या सीमा ? स्पष्ट कीजिए।

कविता में एक शब्द भी ऐसा नहीं है जिसका अर्थ जानने की कोशिश करनी पड़े। यह कविता की भाषा की शक्ति है या सीमा ? स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- के आलोक में यह स्पष्ट जाहिर होता है कि यह भाषा की शक्ति है क्योंकि भाषा को किसी सीमा में बाँधकर रखना भाषा के विकास पर … Read more

‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता में कवि ने किन अत्याचारियों का जिक्र किया है, और क्यों ?

‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता में कवि ने किन अत्याचारियों का जिक्र किया है, और क्यों ? उत्तर :- कवि यहाँ उन अत्याचारियों का जिक्र करता है जो हमारी सविधाभोगी. आरामपसंद जीवन से लाभ उठाते हैं। हमारी बेपरवाहियों के बाहर विपरीत परिस्थितियों से लगातार लड़ते हुए बढ़ते जाने वाले जीवित नहीं रह पाते हैं और इस … Read more

कवि गरीब बस्तियों का क्यों उल्लेख करता है ?

कवि गरीब बस्तियों का क्यों उल्लेख करता है ? उत्तर :- कवि गरीब बस्तियों के उल्लेख के माध्यम से कहना चाहता है कि जहाँ के लोग दो जून रोटी के लिए काफी मसक्कत करने के बाद भी तरसते हैं वहाँ पूजा-पाठ, देवी जागरण जैसा महोत्सव कुछ स्वार्थी लोग अपना उल्लू सीधा करने के लिए गरीब … Read more