मक्खी के जीवन-क्रम का कवि द्वारा उल्लेख किये जाने का क्या आशय है ?

मक्खी के जीवन-क्रम का कवि द्वारा उल्लेख किये जाने का क्या आशय है ? उत्तर :- मक्खी के जीवन-क्रम का कवि द्वारा उल्लेख किये जाने का आशय है निम्न स्तरीय जीवन की संकीर्णता को दर्शाना । सृष्टि में अनेक जीवन-क्रम चलता रहता है। वह जीवन-क्रम की व्यापकता को लेकर कर्मठता और अकर्मठता का बोध : … Read more

“हमारी नींद’ कविता के प्रथम अनुच्छेद में कवि एक बिम्ब की रचना करता है। उसे स्पष्ट कीजिए।

“हमारी नींद’ कविता के प्रथम अनुच्छेद में कवि एक बिम्ब की रचना करता है। उसे स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- कविता के प्रथम अनुच्छेद में कवि वीरेन डंगवाल ने मानव जीवन का एक बिंब उपस्थित किया है। सुविधाभोगी-आरामपसंद जीवन नींदरूपी अकर्मण्यता की चादर से अपने-आपको ढंककर जब सो जाता है तब भी प्रकृति के वातावरण में … Read more

इनकार करना न भूलने वाले कौन हैं ? कवि का भाव स्पष्ट कीजिए।

इनकार करना न भूलने वाले कौन हैं ? कवि का भाव स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- आज भी हमारे समाज में कुछ ऐसे हठधर्मी हैं जो संवैधानिक और वैधानिक स्तर पर कई गलतियाँ कर जाते हैं लेकिन अपनी भूलें या गलतियों को स्वीकार नहीं करते हैं। वे साफ तौर पर अपनी भूल को इनकार कर देते … Read more

‘हमारी नींद’ कविता के शीर्षक की सार्थकता पर प्रकाश डालें।

‘हमारी नींद’ कविता के शीर्षक की सार्थकता पर प्रकाश डालें। उत्तर :- यहाँ शीर्षक विषय-वस्तु प्रधान हैं। शीर्षक छोटा है और आकर्षक भी है। इसका शीर्षक पूर्णरूप से केन्द्र में चक्कर लगाता है, जहाँ शीर्षक सुनकर ही जानने की इच्छा प्रकट हो जाती है। अत: सब मिलाकर शीर्षक सार्थक है। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे … Read more

निम्नलिखित पंक्तियों का भाव सौंदर्य स्पष्ट करे :

निम्नलिखित पंक्तियों का भाव सौंदर्य स्पष्ट करे : “धूप में वारिश में; गर्मी में सर्दी में हमेशा चौकन्ना; अपनी खाकी वर्दी में” उत्तर :- कवि ने इन पंक्तियों में एक बूढ़ा वृक्ष को युगों-युगों का प्रहरी मानते हुए सभ्यता-संस्कृति की रक्षा हेतु मानव को जगाने का प्रयास किया है। कवि की कल्पना ने वृक्ष को … Read more

‘बचाना है जंगल को मरुस्थल हो जाने से/बचाना है-मनुष्य को जंगली हो जाने से’ की व्याख्या कीजिए

‘बचाना है जंगल को मरुस्थल हो जाने से/बचाना है-मनुष्य को जंगली हो जाने से’ की व्याख्या कीजिए उत्तर :- प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक के एक वृक्ष की हत्या’ पाठ से उद्धृत है। इसमें कवि भविष्य में आने वाले प्राकृतिक संकट, मानवीयता पर खतरा  एवं ह्रास होते सभ्यता की ओर ध्यानाकर्षण कराते हुए भावी आशंका को … Read more

दूर से ही ललकारता, ‘कौन ?’ मैं जवाब देता, ‘दोस्त !’ की व्याख्या कीजिए।

दूर से ही ललकारता, ‘कौन ?’ मैं जवाब देता, ‘दोस्त !’ की व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत पंक्ति हिन्दी पाठ्य-पुस्तक के कुँवरः नारायण रचित ‘एक वृक्ष की हत्या’ पाठ से उद्धत है । इसमें कवि ने एक वृक्ष के कटने से आहत होता है और इसपर चिंतन करते हुए पूरे पर्यावरण एवं मानवता पर खतरा … Read more

कविता की प्रासंगिकता पर विचार करते हुए एक टिप्पणी लिखें।

कविता की प्रासंगिकता पर विचार करते हुए एक टिप्पणी लिखें। उत्तर :- आज प्राचीन सभ्यता का ह्रास हो रहा है। पर्यावरण का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। वृक्ष एवं जंगल काटे जा रहे हैं। मानवता का गुण नष्ट हो रहा है। पशुता एवं राक्षसत्व का गुण बढ़ रहा है । नदियों का स्वच्छ जल … Read more

‘एक वृक्ष की हत्या’ का सारांश अपने शब्दों में लिखें।

‘एक वृक्ष की हत्या’ का सारांश अपने शब्दों में लिखें। उत्तर :- कवि जब कभी बाहर से आता था तब अपने घर के दरवाजे पर खड़े बढे वृक्ष को देखकर उसे एक आनंदपूर्ण संतोष मिलता था। पर आज जब वह बाहर : से घर आया तब उसे अपने घर के दरवाजे पर नहीं देखकर उसे … Read more

“एक वृक्ष की हत्या’ कविता में एक रूपक की रचना हुई है। रूपक क्या है और यहाँ उसका क्या स्वरूप है ? स्पष्ट कीजिए।

“एक वृक्ष की हत्या’ कविता में एक रूपक की रचना हुई है। रूपक क्या है और यहाँ उसका क्या स्वरूप है ? स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- रूपक भावाभिव्यक्ति की एक विधा है । इसमें कवि की कल्पना मूर्तरूप में चित्रित होती है। यहाँ वृक्ष की महत्ता को मूर्त रूप देते हुए उसे एक प्रहरी के … Read more