आर्थिक सुधारों अथवा नई आर्थिक नीति के उद्देश्यों को सपझावें।

आर्थिक सुधारों अथवा नई आर्थिक नीति के उद्देश्यों को सपझावें। उत्तर- आर्थिक सुधारों अथवा नई आर्थिक नीति के निम्नलिखित उद्देश्य हैं (i) आर्थिक विकास की दर को बढ़ाना। (ii) उत्पादन इकाइयों की प्रतियोगी क्षमता को बढ़ाना। (iii) उत्पादन इकाइयों की कार्यकुशलता एवं उत्पादकता स्तर में सुधार लाना। (iv) आर्थिक विकास के लिए विश्वव्यापी संसाधनों का प्रयोग … Read more

सन् 1991 के पूर्व वैश्वीकरण के स्वरूप की चर्चा करें।

सन् 1991 के पूर्व वैश्वीकरण के स्वरूप की चर्चा करें। उत्तर- वैश्वीकरण की प्रक्रिया कोई नई बात नहीं है। वर्ष 1870 से 1914 के दौरान भी ऐसा ही एक दौर देखने को मिला था। उस समय भारतीय जनता को गिरमिटिया मजदूरों के रूप में मॉरिशस, फिजी तथा अन्य देशों में बागानी कलि के लिए ले जाया … Read more

भारत में सामान्य व्यक्ति पर वैश्वीकरण का क्या प्रभाव पड़ा ?

भारत में सामान्य व्यक्ति पर वैश्वीकरण का क्या प्रभाव पड़ा ? उत्तर- वैश्वीकरण के प्रभाव से भारत में बड़ी मात्रा में विदेशी पूँजी का आयात हुआ है। बाजार में आयतित एवं विदेशी ब्रांड की वस्तुओं का प्रसार बढ़ा है। विदेशी कम्पनियों ने कई जगह अपने कल-कारखाने एवं विक्रय केन्द्र स्थापित किए गए हैं । आम आदमी … Read more

वैश्वीकरण का बिहार पर पड़े प्रभावों को बताएं।

वैश्वीकरण का बिहार पर पड़े प्रभावों को बताएं। उत्तर- वैश्वीकरण का बिहार पर सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों ही प्रभाव देखने को मिलता है सकारात्मक प्रभावों के कारण कृषि उत्पादनों में वृद्धि, विदेशी प्रत्यक्ष निवेशी राज्य घरेलू उत्पाद एवं प्रतिव्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद में वृद्धि, रोजगार के अवसरों में वृद्धि, बहुराष्ट्रीय बैंक तथा बीमा कंपनियों का … Read more

बिहार के आर्थिक व्यवस्था पर वैश्वीकरण के सकारात्मक प्रभाव का वर्णन करें।

बिहार के आर्थिक व्यवस्था पर वैश्वीकरण के सकारात्मक प्रभाव का वर्णन करें। उत्तर- बिहार के आर्थिक व्यवस्था पर वैश्वीकरण का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है जो निम्नलिखित हैं- (i) कृषि उत्पादन में वृद्धि – वैश्वीकरण के कारण आपात स्थिति में भी सरकार खाद्य सुरक्षा के मामले में सबल है अर्थात् कृषि उत्पादन में काफी वृद्धि (ii) विदेशी प्रत्यक्ष … Read more

भारत में वैश्वीकरण का वर्णन करें।

भारत में वैश्वीकरण का वर्णन करें। उत्तर- भारत में वैश्वीकरण की आवश्यकता आज के संदर्भ में अति आवश्यक है। विकास की जो स्थिति है उसके लिए उद्योग एवं व्यापार को नई प्रौद्योगिकी और ज्ञान की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में देश में आधुनिक तकनीकी ज्ञान एवं पूँजी को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए तथा विश्व … Read more

वैश्वीकरण के नकारात्मक प्रभावों की चर्चा करें।

वैश्वीकरण के नकारात्मक प्रभावों की चर्चा करें। उत्तर- वैश्वीकरण के अनेक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं परंतु इसके नकारात्मक प्रभाव की भी कमी नहीं। इसके नकारात्मक प्रभाव इस प्रकार से है (i) वैश्वीकरण के कारण कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों की उपेक्षा हुई है। इसमें सर्वाधिक महत्त्व बहराष्ट्रीय कंपनियों एवं विशाल पूँजी वाले उद्योगों को … Read more

वैश्वीकरण का सेवा क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ा है ?

वैश्वीकरण का सेवा क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ा है ? उत्तर- वैश्वीकरण से सबसे अधिक लाभ सेवा क्षेत्र को हुआ है। आज देश की सॉफ्टवेयर कम्पनियाँ एवं इंजीनियर विश्व भर में फैले हुए हैं। इनके द्वारा प्रदत्त सेवाओं का लाभ विदेश स्थित बैंक, बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ एवं अन्य निजी व्यपारिक तथा सरकारी प्रतिष्ठान ले रहे हैं। कॉलसेंटर … Read more

वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले कारकों का वर्णन करें।

वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले कारकों का वर्णन करें। उत्तर- वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले प्रमुख कारक निम्न हैं (i) तकनीकी प्रगति में परिवर्तन- वैश्वीकरण की प्रक्रिया को तीव्र करने में प्रौद्योगिकी का काफी महत्त्वपूर्ण स्थान है। आज तकनीकी प्रगति के विकास के कारण ही समय, स्थान एवं दूरियाँ नजदीकियाँ में बदल गयी है। विश्व एक वैश्विक … Read more

वैश्वीकरण के प्रमुख अंगों की चर्चा करें।

वैश्वीकरण के प्रमुख अंगों की चर्चा करें। उत्तर- वैश्वीकरण के निम्न पाँच प्रमुख अंग हैं- (i) पूँजी की पूर्ण परिवर्तनशीलता- इसका अर्थ है निर्यातकर्ता अब निर्यात द्वारा प्राप्त अर्जित विदेशी पूँजी को बाजार में बेच सकता है। (ii) पूँजी का स्वतंत्र प्रवाह- इसके अंतर्गत किसी भी देश के पूँजीपति भारत में अपनी पूँजी का विनियोग कर सकते हैं … Read more